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सीरम इंस्‍टीट्यूट बनाएगा 20 करोड़ कोरोना वैक्‍सीन डोज, अगले साल दो अरब लोगों के टीकाकरण का है प्‍लान

विश्व स्वास्थ्य संगठन और GAVI ने मिलकर COVAX योजना के तहत 2021 के अंत तक दुनिया भर में 2 बिलियन वैक्सीन खुराक देने का लक्ष्य रखा है। 150 से अधिक राष्ट्र इस योजना में शामिल हो गए हैं।

अगले साल की शुरुआत तक कोरोना की वैक्सीन आने की संभावना। (फाइल फोटो)

दुनिया भर में कोरोना संक्रमण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। इस बीच वैक्सीन बनाने वाली कंपनी सीरम इंस्स्टीट्यूट ऑफ इंडिया 20 करोड़ अतिरिक्त कोरोना वैक्सीन की डोज तैयार करेगी। वैक्सीन की ये डोज भारत समेत सबसे गरीब देशों के लिए होगी।

कंपनी की तरफ से मंगलवार को कहा गया कि बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन और वैक्सीन अलायंस गावी की तरफ से फंडिंग को दोगुना कर दिया गया है। कंपनी ने कहा कि अतिरिक्त फंड मिलने के बाद सीरम इंस्टीट्यूट एस्ट्राजेनेका पीएलसी और नोवावैक्स आईएनसी के वैक्सीन कैंडिडेट्स का प्रोडक्शन बढ़ा देगा। 2021 की पहली छमाही में कोवैक्स योजना के तहत इनकी आपूर्ति की जाएगी। यह सहयोग सीरम, जीएवीआई और गेट्स फाउंडेशन द्वारा इस साल अगस्त में हस्ताक्षर किए गए प्रारंभिक समझौते को आगे बढ़ाएगा।

इस समझौते में 3 डॉलर प्रति के हिसाब से 10 करोड़ वैक्सीन की डोज तैयार करने की बात थी। वैक्सीन की डोज तैयार करने के लिए अब तक 30 करोड़ डॉलर का फंड दिया जा चुका है। नए समझौते के अनुसार जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त डोज तैयार के प्रावधान का भी एक विकल्प रखा गया है।

कौवैक्स योजना में विश्व स्वास्थ्य संगठन और गावी मिलकर काम कर रहे हैं। इसका लक्ष्य दुनिया में 2021 के अंत तक 2 अरब वैक्सीन की डोज की आपूर्ति करना है। इस योजना में 150 से अधिक देश शामिल हो चुके हैं। हालांकि, चीन और रूस ने अभी इस योजना से दूरी बनाए हुए हैं। जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के आंकड़ों के मुताबिक दुनियाभर में कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या 10 लाख पहुंच गई है।

इसने एड्स से हर साल होने वाली मौत के आंकड़े को भी पीछे छोड़ दिया है, जो पिछले साल करीब 6,90,000 था। इस महामारी से रोजाना औसतन 5000 लोगों की मौत हो रही है। अकेले अमेरिका में ही 2,05,000 लोगों की मौत हुई है।

अमेरिका के बाद ब्राजील में करीब 1,42,000 और तीसरे नंबर पर भारत में 95 हजार से अधिक लोगों की मौत वायरस से अभी तक हो चुकी है। वायरस का पहला मामला चीन के वुहान शहर में 2019 के अंत में सामने आया था, जहां इससे पहली मौत जनवरी में हुई थी।

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