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भारत में एक और कोरोना वैक्सीन का ट्रायल, सीरम इंस्टीट्यूट करेगा उत्पादन, असल वायरस पर 96% तक मिल चुका है कारगर

सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया अब ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी-एस्ट्रा जेनेका की वैक्सीन के साथ अमेरिकी कंपनी नोवावैक्स के टीके का उत्पादन भी करेगा।

भारत का सीरम इंस्टीट्यूट अमेरिकी कंपनी नोवावैक्स के साथ करेगा वैक्सीन का उत्पादन। (फोटो- रॉयटर्स)

सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) के सीईओ अदार पूनावाला ने शनिवार को कहा कि भारत में कोविड-19 टीके कोवोवैक्स का क्लिनिकल ट्रायल शुरू हो गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस टीके को इस साल सितंबर तक उतारा जा सकता है। अगस्त, 2020 में अमेरिका की वैक्सीन कंपनी नोवावैक्स इंक ने सीरम इंस्टीट्यूट के साथ लाइसेंस करार की घोषणा की थी। नोवावैक्स ने यह करार अपने कोविड-19 वैक्सीन ‘कैंडिडेट’ एनवीएक्स-सीओ2373 के विकास और वाणिज्यिकरण के लिए किया है।

नोवावैक्स का यह यह टीका भारत और निचले तथा मध्यम आय वर्ग के देशों को उपलब्ध कराया जाएगा। इसकी जानकारी देते हुए पूनावाला ने ट्वीट किया, ‘‘कोवोवैक्स का भारत में परीक्षण शुरू हो गया है। इस वैक्सीन का विकास नोवावैक्स और सीरम इंस्टिट्यूट द्वारा भागीदारी में किया जा रहा है। इस टीके का अफ्रीकी और ब्रिटेन में कोविड-19 के प्रकार के खिलाफ परीक्षण किया गया है। इसकी कुल दक्षता 89 प्रतिशत पाई गई है।’’

ओरिजनल वायरस पर 96.4 फीसदी प्रभावी: नोवावैक्स का कहना है कि उसकी कोरोना वैक्सीन वायरस के असल रूप पर 96.4 फीसदी तक प्रभावी है। जनवरी में कंपनी ने एचआईवी पॉजिटिव लोगों पर भी किया था और पाया गया कि यह एचआईवी मरीजों पर 55 फीसदी तक प्रभावी है। ब्रिटेन में हुए ट्रायल में प्लेसिबो ग्रुप में चार से पांच गंभीर केस दर्ज हुए थे।

कितनी हो सकती है कीमत?: रिपोर्ट्स के अनुसार, ‘नोवावैक्स टीके की सुरक्षा और प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया की क्षमता बढ़ाने में पहले और दूसरे चरण के परीक्षण भरोसेमंद आए हैं। टीके की कीमत प्रति खुराक तीन से छह डॉलर (225 से 550 रुपये) हो सकती है। अमेरिका में गैथर्सबर्ग की नोवावैक्स कंपनी और भारत की सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया नोवावैक्स टीकों के उत्पादन और वितरण का काम करेगी।

दुनियाभर में छह करोड़ कोरोना वैक्सीन सप्लाई कर चुका है भारत: इससे पहले सीरम इंस्टीट्यूट एस्ट्राजेनेका और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की वैक्सीन कोविशील्ड के उत्पादन में जुटा है। बता दें कि भारत अब तक 70 से अधिक देशों को कोविड-19 टीकों की छह करोड़ से अधिक खुराकें भेज चुका है। इसके लिए दुनियाभर में भारत की प्रशंसा भी हुई है। गुरुवार को ही अमेरिका की ‘हाउस फॉरेन अफेयर्स कमेटी’ की चर्चा के दौरान अफ्रीका में टीके भेजने के भारत के प्रयासों पर प्रकाश डालते हुए सांसद कैरेन बास ने कहा, ‘‘भारत ने अफ्रीका के 30 अन्य देशों को टीके उपलब्ध कराए हैं।’’

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