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एकतरफा प्यार में महिला IAS अफसर के पति को फंसाने की कोशिश! विदेश मंत्रालय में तैनात सीनियर CISF कमांडेंट गिरफ्तार

सीआईएसएफ के सीनियर कमांडेंट सिंह ने अपने वकील दोस्त नीरज चौहान से अलीगढ़ से चरस खरीद कर मंगाई। इसके बाद 4 अगस्त को प्रगति विहार हॉस्टल के बाहर खड़ी महिला आईएएस के पति की कार में रखवा दिया।

पुलिस ने फलवाले के बयान और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी सीनियर कमांडेंट को गिरफ्तार किया। (प्रतीकात्मक तस्वीर)

एकतरफा प्यार में महिला आईएएस अफसर के पति को फंसाने की कोशिश में पुलिस ने विदेश मंत्रालय में तैनात सीआईएसएफ के सीनियर कमांडेंट को गिरफ्तार किया है। सीआईएसएफ के सीनियर कमांडेंट पर राजस्थान में तैनात आईएएस अधिकारी के पति की कार में कथित रूप से 550 ग्राम चरस रखवाने का आरोप है।

दिल्ली पुलिस ने बताया कि सीआईएसएफ में सीनियर कमांडेंट 45 वर्षीय रंजन प्रताप सिंह और महिला आईएएस अधिकारी करीब 20 साल पहले सिविल सेवा सर्विस की तैयारी के दौरान मिले थे। साल 2000 में दोनों ने उत्तराखंड के लाल बहादुर शास्त्री नेशनल अकादमी ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन में चार महीने का फाउंडेशन कोर्स भी साथ में ही किया था।

एक पुलिस अधिकार ने कहा, ‘सिंह ने पुलिस को बताया कि वह महिला आईएएस अधिकारी से एकतरफा प्यार करने लगा था और वह नहीं चाहता था कि महिला की शादी किसी और से हो। वह लगातार महिला के संपर्क में था लेकिन हाल ही में महिला आईएएस अधिकारी ने बार-बार फोन करने को लेकर सीआईएसएफ के सीनियर कमांडेंट को फटकार लगाई थी।

इसके बाद सीनियर कमांडेंट ने बदला लेने की सोची और उसने अपने बचपन के दोस्त से करीब छह महीने पहले चरस मंगवा ली थी।’ सूत्रों ने कहा कि सिंह उसके पति से बदला लेना चाहते थे। महिला आईएएस का पति इलेक्ट्रोनिक्स एंड इंफोर्मेशन टेक्नोलॉजी में कंसल्टेंट है।

सिंह ने महिला आईएएस अधिकारी को नारकोटिक्स रखने के आरोप में गिरफ्तार करने की योजना बनाई। इसके बाद उसने यह योजना अपने दोस्त के साथ साझा की, जिसने इस काम में उसकी मदद करने की बात कही। सिंह ने अपने वकील दोस्त नीरज चौहान से अलीगढ़ से चरस खरीद कर मंगाई। 4 अगस्त को प्रगति विहार हॉस्टल के बाहर खड़ी महिला आईएएस के पति की कार में रखवा दिया। इसके बाद दोनों ने एक फलवाले के फोन से पुलिस को इसकी सूचना दे दी।

आईएसएस अधिकारी के पति से पूछताछ में सामने आया कि यह ड्रग प्लांट कराया गया है। कार की तलाशी लेने पर पुलिस को तीन अलग-अलग स्थानों से नारकोटिक्स के पैकेट मिले। पुलिस ने कार की जानकारी वाले नंबर का पता लगाकर फल वाले के पास पहुंची। फल वाले ने बताया कि दो आदमी उसके पास आए थे और उसका फोन अर्जेंट कॉल करने के लिए मांगा था। इसके बाद पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज के जरिये आरोपी कमांडेंट और उसके दोस्त तक पहुंची।

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