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यशवंत सिन्हा का दूसरा वार, बोले- अमित शाह के बेटे के मामले में नैतिक आधार खो चुकी BJP

यशवंत सिन्हा ने पटना में कहा, 'एडिशनल सॉलिसिटर जनरल द्वारा एक निजी व्यक्ति का मुकदमा लड़ना, ऐसा कभी नहीं हुआ है।'
दिल्ली में 5 अक्टूबर 2017 को पूर्व केन्द्रीय मंत्री मनीष तिवारी की लिखी किताब के लॉन्चिंग समारोह में बीजेपी नेता यशवंत सिन्हा (फोटो-पीटीआई)

देश की इकोनॉमी को लेकर नरेन्द्र मोदी सरकार पर आरोपों के तीर छोड़ने के बाद बीजेपी के वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा सरकार पर दूसरा हमला किया है। यशवंत सिन्हा ने बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के बटे जय शाह को लेकर कहा है कि इस मामले बीजेपी इस तरह से प्रतिक्रिया दे रही है जिसे देखने के बाद लगता है कि कुछ ना कुछ तो गड़बड़ है। यशवंत सिन्हा ने कहा कि करप्शन पर उनकी पार्टी नैतिक आधार खो चुकी है। देश की इकोनॉमी को रसातल में ले जाने का आरोप लगाकर अपनी पार्टी की सरकार को कठघरे में खड़ा करने वाले 79 साल के यशवंत सिन्हा ने कहा कि बीजेपी ने जय शाह के केस में कई गलतियां की है। यशवंत सिन्हा ने एनडीवी को कहा कि जिस तरह से ऊर्जा मंत्रालय द्वारा जय शाह को लोन दिया गया इसके बाद पूर्व ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल ने उनका बचाव किया इससे ये अर्थ निकलता है कि कोई ना कोई गड़बड़ है। यशवंत सिन्हा ने इस मामले में सरकारी वकील तुषार मेहता द्वारा जय शाह की पैरवी किये जाने पर भी सवाल उठाया। यशवंत सिन्हा ने पटना में कहा, ‘एडिशनल सॉलिसिटर जनरल द्वारा एक निजी व्यक्ति का मुकदमा लड़ना ऐसा कभी नहीं हुआ है।’ इससे पहले तुषार मेहता ने कहा था कि उन्होंने जय शाह का केस लड़ने के लिए कानून मंत्रालय से इजाजत ली थी।

बता दें कि वेबसाइट ‘द वायर’ ने एक स्टोरी प्रकाशित की है जिसमें लिखा गया है कि बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के बेटे जय शाह की कंपनी के कारोबार में नरेन्द्र मोदी के पीएम बनने के बाद 16 हजार गुना का इजाफा हुआ है। वेबसाइट की इस स्टोरी के खिलाफ जय शाह ने मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया है। इस रिपोर्ट में एक सरकारी संस्थान द्वारा जय शाह को अनसिक्योर्ड लोन देने पर भी सवाल उठाया गया है, ये सरकारी संस्थान ऊर्जा मंत्रालय के तहत आती है।

यशवंत सिन्हा ने आगे कहा कि सरकार को इस मामले में जांच का आदेश देना चाहिए क्योंकि इसमें कई सरकारी विभाग शामिल दिख रहे हैं। यशवंत सिन्हा ने कहा कि बीजेपी भ्रष्टाचार पर अपना नैतिक बल खो चुकी है। पिछले महीने यशवंत सिन्हा ने इंडियन एक्सप्रेस में लिखे एक आर्टिकल में कहा था कि सरकार नोटबंदी और जीएसटी के मामले में फेल रही है। यशवंत सिन्हा के मुताबिक नोटबंदी और जीएसटी लागू करने का वक्त गलत था और सरकार का ये फैसला अर्थव्यवस्था पर भारी पड़ रहा था। उन्होंने कहा था कि अगर वे इस ओर अभी सरकार का ध्यान नहीं दिलाते हैं तो ऐसा करना अपने राष्ट्रीय कर्तव्य से मुंह मोड़ने जैसा होगा।

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  1. G
    Girish
    Oct 11, 2017 at 5:59 pm
    बेहतर विरोधी पार्टी हमेशा अछि लोकनीति और राजनीती लोकशाही में मायने रखती है, अभी की वक़्तकी घड़ीमे कांग्रेस ऐसी जीवित पार्टी जो ी दिशासे सत्ताधारी शासन को निरभयसे सामना कर रही है, गलत या ी , बाकि विरोधी पार्टियां बचाव की वक्त में है, उन्हें देश की चिंता की बजाय किसके साथ जाना ,अपनी काली कर्तुवोंको कैसे छिपाना ईसमे लगे हुए है, हालहीमें नितीश ने बेईमानी करके अपनी काली और गलत कामो पर पर्दा डालने के लिए बिहारमे भाजपसे दोस्ती की, पिछले हप्ते कांग्रेस के आयाराम और गयाराम राणे ने भाजपा के पैर छुए अपनी भ्र्स्ताचारी छुपाने , ऐसे कई देशके गद्दार नेताओंको बीजेपी ने नजदीकियां बनाई ताकि वह उनके गुलाम रहे और उनकी प्रत्यशी में चुनाओमे स्पर्धा नहीं रहे और आपसी जित आसान हो, यह भाजपा को किसी एक दिन पछताना पड़ेगा और तभी भाजपा की छभी को नुकसान पहुंची होगी क्योंकि भाजपा में , भ्रस्ट, खुनी, अपराधी ,ओप्पोर्तुनिस्ट लोगो की तजाज बढ़रही है, क्योंकि उनके पास संख्या बल और आदमी की कमी है, लोकशाही के दर्जे नुसार उनके मित्र योगी नहीं , सरकारी अंदुरनी चीजे पता लगाने के लिए अभी भाजपा आईएएस , पूर्व पुलिस कमिशनर्स
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