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राजद्रोह के आरोपी हार्दिक पटेल का वॉयस टेस्‍ट पॉजिटिव, बेल में आ सकती है मुश्किल

पटेल आरक्षण आंदोलन के अगुआ हार्दिक पटेल के खिलाफ राजद्रोह के मामले में उनकी आवाज परीक्षण का परिणाम सकारात्मक रहा। उनकी आवाज नमूने का मिलान पकड़े गए कॉल से हो गया है।

अहमदाबाद | Updated: November 26, 2015 7:21 PM
पटेल आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल। फाइल फोटो

पटेलों के आरक्षण आंदोलन के अगुवा हार्दिक पटेल के खिलाफ राजद्रोह के मामले में उनके स्वर परीक्षण का परिणाम सकारात्मक रहा। उनके स्वर नमूने का मिलान पकड़े गए कॉल से हो गया है। गांधीनगर की अपराध विज्ञान प्रयोगशाला के एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी। प्रयोगशाला ने शहर की अपराध शाखा के अनुरोध पर यह परीक्षण किया था जिसने हार्दिक के खिलाफ पिछले महीने दर्ज प्राथमिकी में उन पर राजद्रोह और सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने का आरोप लगाया है।

पिछले महीने हार्दिक का स्वर नमूना एफएसएल पहुंचा था। उसका नतीजा बुधवार को घोषित किया गया। हार्दिक फिलहाल सूरत की जेल में हैं। स्वर परीक्षण की जरूरत इसलिए पड़ी क्योंकि अपराध शाखा ने दावा किया था कि हार्दिक के फोन की जो आवाज पकड़ी गई थी, उससे पता चला कि वह ऐसी गतिविधियों में संलग्न है जो राजद्रोह व सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने के समान है।

एफएसएल के एक अधिकारी ने पहचान उजागर नहीं करने की शर्त पर कहा कि हार्दिक के स्वर परीक्षण का नतीजा सकारात्मक आया है। उनके स्वर नमूने का मिलान पकड़े गए कॉल से हो गया है जिसे पुलिस ने हमें सौंपा था। हमने रिपोर्ट पुलिस को दे दी है।

अपराध शाखा ने हार्दिक पटेल (22) के खिलाफ 21 अक्तूबर को प्राथमिकी दर्ज करने के बाद उन्हें गिरफ्तार किया था। प्राथमिकी में उनके पांच सहयोगियों- केतन पटेल, दिनेश बाभानिया, अल्पेश कठिरिया, अमरीष पटेल और चिराग पटेल के भी नाम हैं। केतन, दिनेश और चिराग सलाखों के पीछे हैं जबकि दो हाई कोर्ट के हस्तक्षेप पर अब तक गिरफ्तार नहीं किए गए। प्राथमिकी में पुलिस ने दावा किया कि उसने हार्दिक और उनके सहयोगियों के बीच फोन पर बातचीत पकड़ी और पाया कि हार्दिक ने 25 अगस्त की विशाल रैली के बाद पटेल युवकों को हिंसा व दंगे के लिए उकसाने की कोशिश की।

प्राथमिकी के अनुसार ऐसे निर्देश से गुजरात में हिंसा फैली और जान-माल की भारी क्षति हुई। अपना पक्ष मजबूत बनाने के लिए अपराध शाखा ने हार्दिक का स्वर नमूना लेने का फैसला किया ताकि यह साबित हो कि ये सारे कॉल उन्होंने ही किए थे। यह हार्दिक के खिलाफ दूसरी प्राथमिकी है। पिछले महीने सूरत पुलिस ने हार्दिक को अपने सहयोगियों को आत्महत्या करने के बजाय पुलिसकर्मियों की जान लेने के लिए कथित रूप से उकसाने के लिए राजद्रोह के आरोप को लेकर गिरफ्तार किया था। बाद में शहर की अपराध शाखा उन्हें स्थानांतरण वारंट पर यहां ले आई और स्वर परीक्षण कराने के लिए उन्हें एफएसएल ले गई। हार्दिक ने इस परीक्षण के लिए अपनी सहमति दी थी।

 

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