समय पर नहीं लिया कोरोना वैक्सीन का दूसरा डोज, क्या बर्बाद हो जाएगा पहला टीका?

भोपाल में ऐसे 3 लाख लोग हैं जिन्होंने अभी तक दूसरा डोज नहीं लिया। इनमें से 30 हजार ऐसे लोग हैं, जिनका वक्त एक्सपायर कर गया। इन लोगों को कोरोना की संभावित तीसरी लहर में भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

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टीकाकरण को लेकर लोगों में अभी और जागरूकता लाने की जरूरत है। (फोटो- अमित चक्रवर्ती- इंडियन एक्सप्रेस)

कोरोना वायरस महामारी फैलने के बाद इससे बचाव के लिए एकमात्र रास्ता टीकाकरण को माना गया है। साथ ही मास्क लगाने, सुरक्षित दूरी बनाए रखने और साफ-सफाई से रहने को भी जरूरी बताया गया है। हालांकि सरकार का दावा है कि सभी को टीके लगाए जा रहे हैं, और सरकारी तौर पर इसके लिए लोगों को प्रोत्साहित भी किया जा रहा है कि वे टीके लगवाएं, लेकिन अभी भी बहुत से ऐसे लोग हैं, जो या तो टीके लगवाए नहीं या फिर पहला डोज लेने के बाद दोबारा नहीं लिए।

जो लोग पहला डोज लेने के बाद निर्धारित वक्त पर दोबारा डोज नहीं लिए हैं, उनका पहला डोज भी असरकारक नहीं रहेगा। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में ऐसे 3 लाख लोग हैं जिन्होंने अभी तक दूसरा डोज नहीं लिया। इनमें से 30 हजार ऐसे लोग हैं, जिनका वक्त एक्सपायर कर गया। इन लोगों को कोरोना की संभावित तीसरी लहर में भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे लोगों में डेवलप हुई रोग प्रतिरोधक क्षमता बेअसर हो जाएगी। उसका कोई फायदा नहीं मिलेगा। यानी इनमें कोरोना का संक्रमण बढ़ने पर सबसे ज्यादा खतरा रहेगा।

विशेषज्ञों का कहना है कि व्यक्ति के शरीर में दो तरह के एंटीबॉडी बनती है। एक तो स्वत: होती है जो संक्रमित होने के बाद और दूसरी टीके के दोनों डोज डोज लगाने के बाद बनती है। टीके लगने के बाद करीब 80 फीसदी लोगों में एंटीबॉडी बन जाती है।

भोपाल में 52 फीसदी से ज्यादा लोगों को कोरोना वैक्सीन के दोनों डोज लग चुके हैं। कुल 19 लाख 49 हजार 267 तय वैक्सीनेशन टारगेट में से दूसरा डोज लेने वालों की संख्या अब 10 लाख 17 हजार 511 है।

इस बीच एमएसडी फार्मास्युटिकल्स इंडिया ने बुधवार को भारत का पहला जेंडर-न्यूट्रल ह्यूमन पैपिलोमावायरस या एचपीवी वैक्सीन लॉन्च किया। इससे लड़कियों और लड़कों दोनों में एचपीवी से संबंधित बीमारी के बोझ को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है। गार्डासिल-9 नाम का वैक्सीन 9-वैलेंट ह्यूमन पैपिलोमावायरस (HPV) वैक्सीन है।

यदि लड़कियों या महिलाओं को एचपीवी के संपर्क में आने से पहले यह टीका दे दिया जाए तो सर्वाइकल कैंसर को रोका जा सकता है। बाद में यह टीका उतना प्रभावी नहीं हो सकता है।

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