भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के अध्यक्ष तुहिन कांता पांडे ने कहा है कि मध्य-पूर्व के युद्ध की वजह से बाजारों में घबराहट जरूर बढ़ी है, लेकिन ऐसी ज्यादा अस्थिरता हमेशा नहीं रहती। उन्होंने बताया कि अभी दुनिया में कई कारणों से अनिश्चितता बढ़ी हुई है, जैसे भू-राजनीतिक तनाव, नई तकनीकी चुनौतियां और ऊर्जा संकट। खासकर मध्य-पूर्व के संघर्ष से तेल और ऊर्जा की सप्लाई प्रभावित हुई है, जिसका असर शेयर बाजारों पर भी पड़ा है।
मुंबई में मनीकंट्रोल ग्लोबल वेल्थ समिट 2026 में बोलते हुए उन्होंने खुदरा निवेशकों को सलाह दी कि वे बाजार के छोटे-मोटे उतार-चढ़ाव से घबराकर जल्दबाजी में फैसले न लें। उन्होंने कहा कि इतिहास बताता है कि बड़े वैश्विक संकटों के बाद भी बाजार समय के साथ फिर से संभला है। इसलिए निवेशकों के लिए सबसे अच्छी रणनीति धैर्य रखना और लंबी अवधि पर ध्यान देना है।
27 फरवरी को पश्चिम एशिया में युद्ध शुरू होने के बाद से भारतीय बाजारों में 9.3 प्रतिशत की गिरावट आई है। जिससे निवेशकों की करोड़ों की संपत्ति का नुकसान हुआ है। पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण आपूर्ति बाधित होने से पिछले कुछ दिनों से कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी हुई हैं। इस स्थिति के कारण भारत के कई हिस्सों में तरलीकृत प्राकृतिक गैस की कमी हो गई है और कच्चे तेल की इन अत्यधिक ऊंची कीमतों के कंपनियों की कमाई पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव से बाजार में घबराहट फैल गई है।
उन्होंने कहा कि अस्थिरता आधुनिक वित्तीय बाजारों की एक प्रमुख विशेषता बन गई है। खासकर सूचना के बदलते परिवेश और अर्थव्यवस्थाओं में तेजी से फैलने वाले झटकों के कारण। हालांकि, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ऐसे दौर स्थायी नहीं होते। एक बात स्पष्ट है कि अत्यधिक अस्थिरता के दौर हमेशा के लिए नहीं रहते। उन्होंने कहा कि वैश्विक चुनौतियों के कारण अस्थिरता पैदा होने के बावजूद, भारत के पूंजी बाजार मजबूत हो रहे हैं और तेजी से लचीले बन रहे हैं।
पांडे ने कहा कि भारतीय पूंजी बाजार आकार, विविधता और मजबूती में विस्तार कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “ये बाजार गहन, विविध और अधिक लचीले होते जा रहे हैं। लेकिन जैसे-जैसे बाजार आकार और जटिलता में बढ़ते हैं, वे वैश्विक घटनाक्रमों से भी अधिक निकटता से जुड़ते जाते हैं। और यही हमें उस बदलते परिदृश्य की ओर ले जाता है जिसमें आज का बाजार काम करता है।”
कुशल बाजारों की भूमिका पर जोर देते हुए उन्होंने कहा, “ये पारदर्शी मूल्य निर्धारण को संभव बनाते हैं। ये व्यापक वित्तीय प्रणाली को अस्थिर किए बिना झटकों को झेलने में मदद करते हैं। और शायद सबसे महत्वपूर्ण बात, ये निवेशकों का विश्वास बनाए रखते हैं। दक्षता वित्तीय प्रणाली में विश्वास की नींव है। इसके बिना, पूंजी निवेश करने में हिचकिचाती है।”
पांडे ने आधुनिक पूंजी बाजारों को नया आकार देने वाले संरचनात्मक परिवर्तनों पर प्रकाश डाला, जिसमें आर्थिक विखंडन, बदलते व्यापार गलियारे और प्रौद्योगिकी की बढ़ती भूमिका शामिल है। उन्होंने कहा कि एल्गोरिथमिक ट्रेडिंग, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और उन्नत डेटा एनालिटिक्स बाजारों के संचालन की गति को तेज कर रहे हैं।
उन्होंने सूचना की गति को एक प्रमुख जोखिम के रूप में भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि खबरें तेजी से फैलती हैं, राय उससे भी तेज गति से फैलती हैं, और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आज बाजार इन बातों पर लगभग तुरंत प्रतिक्रिया देते हैं। इसलिए, नीति निर्माताओं और बाजार प्रतिभागियों के सामने समान रूप से यह सवाल है- हम यह कैसे सुनिश्चित करें कि यह गति स्थिरता को खतरे में न डाले? पांडे ने यह भी कहा कि वैश्विक पूंजी प्रवाह के भौगोलिक क्षेत्रों में तेजी से स्थानांतरित होने के कारण तरलता की स्थिति अधिक अनियमित होती जा रही है।
सेबी प्रमुख ने कहा कि भारत की आर्थिक यात्रा में पूंजी बाजार और भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि विकास के अगले चरण में बॉन्ड बाजारों को और अधिक मजबूत बनाने, संस्थागत भागीदारी को बढ़ाने और तकनीकी नवाचार को जारी रखने की आवश्यकता होगी। उन्होंने निवेशकों की सुरक्षा के लिए एसईबीआई द्वारा उठाए गए कदमों पर भी प्रकाश डाला। जिसमें भ्रामक सोशल मीडिया सामग्री की निगरानी करना और संभावित बाजार हेरफेर और गलत सूचना का पता लगाने के लिए PaRRVA जैसी निगरानी प्रणालियों को मजबूत करना शामिल है।
ईरान युद्ध के बीच उत्तर कोरिया ने दागी 10 बैलिस्टिक मिसाइलें, जापान में इमरजेंसी
उत्तर कोरिया ने पूर्व की ओर समुद्र की तरफ एक संदिग्ध इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) लॉन्च की है। जापान के प्रधानमंत्री कार्यालय ने इस घटनाक्रम की पुष्टि की है। पश्चिम एशिया में ईरान और इजरायल के बीच पहले से ही संघर्ष छिड़ा हुआ है, ऐसे में अब संकेत मिल रहे हैं कि पूर्वी एशिया में भी तनाव बढ़ रहा है। उत्तर कोरिया की इस सैन्य गतिविधि के बाद, जापानी सरकार ने एक तत्काल चेतावनी जारी की है। पढ़ें पूरी खबर।
