गाडी मालिक का शव मिलने के बाद महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने इस घटना की एनआईए जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि पूरी स्थिति बहुत संदेहास्पद है। पिछले दिनों उन्होंने विधानसभा में मुंबई पुलिस के जांच अधिकारी को भी कटघरे में खड़ा किया था। उनका मानना है कि मुंबई पुलिस ठीक से जांच नहीं कर रही है और इसकी जांच एनआईए से करानी चाहिए। महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने विधानसभा में बताया कि मनसुख हीरेन नाम के व्यक्ति को उक्त स्कार्पियो कार उसके असली मालिक सैम म्यूटेन नाम के एक शख्स ने दिया था। सैम ने वह गाडी मनसुख को गाड़ी ठीक करवाने के लिए दी थी लेकिन जब सैम ने उसके पैसे नहीं चुकाए तो मनसुख ने वह गाडी अपने पास रख ली थी।
मुकेश अंबानी के घर के बाहर से लावारिस गाडी मिलने की घटना की जांच के लिए मुंबई पुलिस की दस टीमें गठित की गयी है। पुलिस के अनुसार जिस स्कॉर्पियो कार में जिलेटिन की छड़ें व एक धमकी भरा पत्र मिला था, उसमें चार नंबर प्लेट भी मिली थीं। इनमें से ज्यादातर नंबर प्लेट मुकेश अंबानी की गाड़ियों से मिलती जुलती है। थोड़े दिन पहले गाड़ी के मालिक मनसुख हीरेन ने मीडिया के सामने बयान देते हुए कहा था कि बीते 18 फरवरी को आइरोली मुलंद पुल के पास से उनकी गाड़ी चोरी हो गयी थी।
बीते 25 फरवरी को मुकेश अंबानी के घर एंटीलिया के बाहर एक संदिग्ध कार में 20 जिलेटिन की छड़ें मिली थीं। रात को एक बजे के आसपास स्कॉर्पियो को खड़ा किया गया था। सीसीटीवी फुटेज में घर के बाहर दो गाड़ियां देखी गई थी जिसमें एक इनोवा भी शामिल थी। गाड़ी का ड्राइवर स्कॉर्पियो को एंटीलिया के बाहर पार्क करके चला गया था। संदिग्ध कार दिखने के बाद मुकेश अंबानी के सुरक्षाकर्मियों ने इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी थी। जिसके बाद मुंबई पुलिस ने मामले की जांच करनी शुरू कर दी थी।