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स्कॉर्पीन पनुडब्बी से जुड़े दस्तावेज लीक होना बड़ी चिंता की बात नहीं: मनोहर पर्रिकर

3.5 अरब डॉलर की लागत से बनाई जा रही स्कॉर्पीन पनडुब्बियों की लड़ाकू क्षमता से संबंधित जानकारी उस समय सार्वजनिक हो गई जब ऑस्ट्रेलिया के अखबार ‘द ऑस्ट्रेलियन’ ने इसे अपनी वेबसाइट पर डाल दिया।

Author नई दिल्ली | August 26, 2016 8:35 PM
रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर (पीटीआई फाइल फोटो)

रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने शुक्रवार (26 अगस्त) को स्कॉर्पीन लीक मामले को ज्यादा तवज्जो नहीं देते हुए कहा कि यह कोई बड़ी चिंता की बात नहीं है लेकिन कुछ चिंता वाले क्षेत्र हैं क्योंकि मंत्रालय इसे सबसे खराब स्थिति मानकर चल रहा है। रक्षा मंत्री ने कहा कि ‘द ऑस्ट्रेलियन’ अखबार के वेब पोर्टल पर डाले गए लीक दस्तावेजों में स्कॉर्पीन की किसी शस्त्र प्रणाली का उल्लेख नहीं है जैसा कि मीडिया में खबर आई। पर्रिकर ने कहा कि नौसेना ने उन्हें आश्वासन दिया है कि अधिकतर लीक हुए दस्तावेज चिंता पैदा करने वाले नहीं हैं। उन्होंने यह भी कहा कि स्कॉर्पीन पनडुब्बी ने समुद्री परीक्षण तक पूरा नहीं किया है जो यह समझने के लिए महत्वपूर्ण है कि यह पानी के अंदर कैसे काम करेगी।

भारतीय नौसेना ने स्कॉर्पीन दस्तावेज लीक मामले को फ्रांस के शस्त्रीकरण महानिदेशक के साथ उठाया है। उन्होंने कहा, ‘हमें रिपोर्ट का इंतजार है। वास्तव में वेबसाइट पर डाली गई सामग्री बड़ी चिंता वाली नहीं है। हम अपने आप मान रहे हैं कि यह लीक हुई है और हम सभी एहतियात बरत रहे हैं।’ पर्रिकर ने कहा, ‘जो मुझे बताया गया है, उसके अनुसार यह मानते हुए कुछ चिंता के क्षेत्र हैं कि जो लीक होने का दावा किया गया है, वह वाकई में लीक हुआ है।’ उन्होंने कहा, ‘हम इसे सबसे बुरी स्थिति मान रहे हैं। लेकिन मुझे लगता है कि बड़ी चिंता वाली बात नहीं है क्योंकि हम सही परिप्रेक्ष्य में चीजों को रखने में सफल होंगे।’

एक पत्रकार ने जब पूछा कि क्या लीक होने से राफेल सौदे पर असर पड़ेगा तो रक्षा मंत्री ने पलट कर सवाल किया कि क्या कोई फ्रांस की किसी कंपनी के उत्पादों का इस्तेमाल इसलिए बंद कर देगा क्योंकि दूसरी कंपनी में जानकारी लीक हो गई। पर्रिकर ने कहा कि कार्रवाई निविदा में उल्लेखित शर्तों पर आधारित होनी चाहिए। मुंबई में फ्रांस की एक कंपनी के साथ साझेदारी में भारतीय नौसेना के लिए बनाई जारी छह अत्याधुनिक पनडुब्बियों की क्षमताओं से संबंधित अत्यंत गोपनीय जानकारी के 22,000 से अधिक पृष्ठ लीक हो गए जिसके बाद सुरक्षा महकमा चौकन्ना हो गया। मझगांव डॉक में फ्रांसीसी पोत निर्माता कंपनी डीसीएनएस द्वारा 3.5 अरब डॉलर की लागत से बनाई जा रही स्कॉर्पीन पनडुब्बियों की लड़ाकू क्षमता से संबंधित जानकारी उस समय सार्वजनिक हो गई जब ऑस्ट्रेलिया के अखबार ‘द ऑस्ट्रेलियन’ ने इसे अपनी वेबसाइट पर डाल दिया।

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