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CBSE: स्कूलों के पास परीक्षा कराने के लिए कमरे मौजूद

प्रधानाचार्यों का कहना है कि परीक्षा के लिए तो पर्याप्त कमरे विद्यालयों के पास मौजूद हैं। उनका कहना है कि अगर इस दौरान स्कूलों को खोलने के लिए कहा गया तो परीक्षाओं को कराने में समस्या हो सकती है। हालांकि, बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि परीक्षाओं के लिए दिशानिर्देश अभी तय नहीं हुए हैं। जल्द ही इन्हें तय किया जाएगा।

बोर्ड ने कुछ दिन पहले बिना एग्जाम के पास करने वाली खबरों को गलत बताया था।

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने दसवीं और बारहवीं की परीक्षाओं के लिए 1 से 15 जुलाई के बीच का समय तय किया है। बोर्ड की ओर से समयसारिणी भी जारी कर दी गई है। कोरोना विषाणु संक्रमण के इस दौर में परीक्षाओं के दौरान शारीरिक दूरी के नियम के पालन को लेकर विद्यालयों के प्रधानाचार्यों का कहना है कि परीक्षा के लिए तो पर्याप्त कमरे विद्यालयों के पास मौजूद हैं। उनका कहना है कि अगर इस दौरान स्कूलों को खोलने के लिए कहा गया तो परीक्षाओं को कराने में समस्या हो सकती है। हालांकि, बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि परीक्षाओं के लिए दिशानिर्देश अभी तय नहीं हुए हैं। जल्द ही इन्हें तय किया जाएगा।

दिल्ली के रोहिणी स्थित माउंट आबू स्कूल की प्रधानाचार्य ज्योति अरोड़ा ने बताया कि पूर्णबंदी लागू होने से पहले हुए दो पेपर में हमने शारीरिक दूरी के नियम का पूरी तरह से पालन किया था। उन्होंने बताया कि हमने बोर्ड के दिशानिर्देश के मुताबिक एक कक्षा में 24 के स्थान पर 12 विद्यार्थियों को बैठाया था। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि बारहवीं की जो परीक्षाएं बची हैं, उन्हें देने वालों की संख्या अधिक नहीं होगी और परीक्षा केंद्र बनने वाले अधिक स्कूलों में इतने कमरे मौजूद हैं कि वे आराम से परीक्षा करा पाएंगे। हालांकि, उन्होंने कहा कि बोर्ड परीक्षा के दौरान यदि स्कूलों को खोलने के लिए कहा गया तो फिर परीक्षा कराने में काफी समस्या होगी। इसके मद्देनजर उन्होंने सुझाव दिया कि 15 जुलाई तक स्कूल बंद ही रखे जाने चाहिए।

मयूर बिहार स्थित एल्कॉन इंटरनेशनल स्कूल के प्रधानाचार्य संजय यादव ने कहा कि अगर हम एक कक्षा में 12 विद्यार्थियों को बैठाएं तो उनके बीच में पर्याप्त दूरी आ जाती है। परीक्षा केंद्र में विद्यार्थियों के प्रवेश के लिए अलग-अलग स्थान और समय तय किया जा सकता है ताकि एक ही स्थान पर अधिक बच्चे एक साथ जमा नहीं हो पाएं। विद्यार्थियों को समय से पहले बुलाया जा सकता है और उन्हें परीक्षा केंद्र पर आते ही प्रवेश भी दिया जाए ताकि स्कूल के द्वार पर भीड़ जमा न हो पाए।

उन्होंने बताया कि स्कूलों में इन परीक्षाओं के लिए पर्याप्त कमरे तो मौजूद हैं लेकिन परीक्षा वाले दिन स्कूल की छुट्टी करनी होगी ताकि और कमरे भी परीक्षा के लिए उपलब्ध हो पाएं। यादव ने बताया कि स्कूल में हमें एक चिकित्सा टीम रखनी होगी ताकि किसी को कोई लक्षण दिखाई दें तो उन्हें तुरंत सहायता दी जा सके। उत्तरपुस्तिकाओं और प्रश्न पत्रों को विषाणु मुक्त करना भी एक बड़ा काम रहेगा। सीबीएसई एक अधिकारी के मुताबिक परीक्षाओं के लिए नए दिशानिर्देश अभी तय नहीं किए गए हैं। जल्द ही इन्हें तय किया जाएगा। हालांकि हर बच्चे को विषाणुनाशक द्रव्य लाना और मास्क या कपड़ा बांधना अनिवार्य होगा। परीक्षाओं के लिए जल्द ही नए दिशानिर्देश जारी किए जाएंगे।

लंबित परीक्षा विद्यार्थियों द्वारा पंजीकरण कराए गए स्कूलों में होगी : सीबीएसई की 10वीं एवं 12वीं कक्षा की लंबित परीक्षा देने के लिए विद्यार्थियों को उन केंद्रों पर उपस्थित होना होगा जहां से उन्होंने पंजीकरण कराया है और यह किसी बाह्ण केंद्र पर नहीं होंगी। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने एक समाचार चैनल को दिए साक्षात्कार में यह बात कही। उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों को अपने स्कूल में उपस्थित होना होगा और किसी बाह्ण केंद्र पर नहीं ताकि कम से कम यात्रा करनी पड़े। स्कूलों को यह सुनिश्चित करना होगा कि शारीरिक दूरी के दिशानिर्देशों का पालन हो और विद्यार्थियों को अपने साथ सैनिटाइजर व चेहरे का मास्क लाना होगा ।

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