पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में शुक्रवार को एक दर्दनाक रेल हादसा हो गया। रेलवे ट्रैक पार करते समय एक स्कूल वैन को तेज रफ्तार ट्रेन ने टक्कर मार दी। इस हादसे में कम से कम तीन स्कूली छात्रों की मौत हो गई जबकि चार अन्य बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए। गोबिंदपुर रेलवे गेट पर हुए इस हादसे में चार अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह हादसा हावड़ा जा रही नवद्वीप धाम एक्सप्रेस के गुजरने के कुछ ही देर बाद हुआ।

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि जब नवद्वीप धाम एक्सप्रेस रेलवे फाटक से गुजर रही थी, तब रेलवे क्रॉसिंग बंद थी। ट्रेन निकलने के तुरंत बाद फाटक खोल दिया गया जबकि उसी ट्रैक पर एक और यात्री ट्रेन आने वाली थी।

स्कूल के बच्चों को लेकर जा रहे वैन चालक ने फाटक खुला देखकर रेलवे ट्रैक पार करने की कोशिश की। उसी समय एक साइकिल सवार भी ट्रैक पार कर रहा था। तभी तेज रफ्तार से आ रही निमतीता-कटवा लोकल ट्रेन ने स्कूल वैन को जोरदार टक्कर मार दी। पुलिस के मुताबिक, इसी टक्कर में यह दर्दनाक हादसा हुआ।

कई घायल बच्चों की हालत गंंभीर

टक्कर इतनी भीषण थी कि वैन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों और प्रशासन की मदद से घायलों को तुरंत मुर्शिदाबाद मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल पहुंचाया गया। बताया जा रहा है कि कई घायल बच्चों की हालत गंभीर बनी हुई है।

फिलहाल पुलिस और रेलवे प्रशासन घटनास्थल पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य में जुटे हैं। हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है। मृतकों और घायलों की संख्या में आधिकारिक जानकारी आने के साथ बदलाव संभव है।

टक्कर इतनी भीषण थी कि स्कूल वैन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और रेलवे ट्रैक के किनारे जा गिरी। हादसे के बाद वैन में सवार बच्चे उसके अंदर ही फंस गए। इस दुर्घटना में गोबिंदपुर गांव के तीन स्कूली छात्रों और 50 वर्षीय साइकिल सवार जमशेद शेख की मौके पर ही मौत हो गई।

वैन में फंसे बच्चों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के स्थानीय लोग घटनास्थल पर पहुंचे और उन्हें बाहर निकालने की कोशिश शुरू की। कुछ ही देर बाद बहरामपुर थाना पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और राहत-बचाव अभियान में जुट गई। गंभीर रूप से घायल तीन छात्रों और वैन चालक को तत्काल मुर्शिदाबाद मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। वहीं, मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

स्थानीय लोगों ने रेलवे पर लगाए लापरवाही के आरोप

हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने रेलवे और फाटक पर तैनात गेटमैन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया। लोगों ने रेलवे की सिग्नल व्यवस्था पर भी सवाल उठाए।

एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया, ”एक्सप्रेस ट्रेन के गुजरने के दौरान रेलवे फाटक बंद था। जैसे ही वह ट्रेन निकली, गेटमैन ने फाटक खोल दिया। पैसेंजर ट्रेन देरी से चल रही थी। इसलिए फाटक खुला देखकर वैन चालक को लगा कि ट्रैक खाली है। तभी तेज रफ्तार ट्रेन अचानक आ गई। यह पूरी तरह लापरवाही का मामला है।”

एक अन्य स्थानीय निवासी ने कहा, ”जब डाउन लाइन पर ट्रेन आने वाली थी तो रेलवे फाटक खुला क्यों था? गेटमैन कहां था और सिग्नल सिस्टम ने काम क्यों नहीं किया? किसी की लापरवाही की वजह से मासूम बच्चों की जान चली गई।”

इस हादसे के बाद रेलवे प्रशासन ने उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, हावड़ा से वरिष्ठ अधिकारियों की चार सदस्यीय टीम घटनास्थल के लिए रवाना हो गई है जो दुर्घटना के कारणों की विस्तृत जांच करेगी। हालांकि रेलवे की ओर से इस संबंध में अभी आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।