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लोन फर्जीवाड़े की आरोपी Bhushan Steel के अंडरवर्ल्ड से जुड़े तार! जांच में खुलासा- दाऊद के नजदीकी के बेटे से किया लेनदेन

लोन फर्जीवाड़े में गिरफ्तार प्रमोटर बृजभूषण सिंघल और नीरज सिंघल द्वारा स्थापित दिल्ली की इस फर्म का वित्तीय लेन-देन गैंगस्टर दाऊद इब्राहिम के करीबी सहयोगी इकबाल मोहम्मद मेमन उर्फ ​​इकबाल मिर्ची के बेटे जुनैद इकबाल मेमन के साथ था।

भूषण पावर एंड स्टील लिमिटेड के तार अंडरवर्ल्ड से जुड़े होने का आरोप। (Express photo by Amit Chakravarty)

लोन फर्जीवाड़े की आरोपी भूषण स्टील लिमिटेड को लेकर जांच एजेंसी ने एक बड़ा खुलासा किया है। एजेंसी के मुताबिक भूषण स्टील के तार अंडरवर्ल्ड से जुड़े हैं। लोन फर्जीवाड़े में गिरफ्तार प्रमोटर बृजभूषण सिंघल और नीरज सिंघल द्वारा स्थापित दिल्ली की इस फर्म का वित्तीय लेन-देन गैंगस्टर दाऊद इब्राहिम के करीबी सहयोगी इकबाल मोहम्मद मेमन उर्फ ​​इकबाल मिर्ची के बेटे जुनैद इकबाल मेमन के साथ था।

सूत्रों ने द इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि 2010 में, सुर बिल्डकॉन प्राइवेट लिमिटेड (अब ग्लोबस रियलिनफ्रा प्राइवेट लिमिटेड) ने जुनैद इकबाल मेमन के पक्ष में लगभग 19 करोड़ रुपये का ड्राफ्ट जारी किया था, जिसे बाद में रद्द कर दिया गया था। सूत्रों ने आगे बताया कि प्रवर्तन निदेशालय जुनैद मेमन और ग्लोबस रियलिनफ्रा के बीच लेनदेन की प्रकृति की जांच कर रहा है कि हवाला के जरिए मिर्ची के बेटे को पैसे दिए गए थे या नहीं।

इस साल की शुरुआत में भूषण स्टील के दोनों प्रमोटरों बृज भूषण सिंघल और नीरज सिंघल को सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन ऑफिस (SFIO) ने गिरफ्तार किया था। एसएफआईओ ने आरोप लगाया है कि सिंगल्स ने 2013 से 2017 के बीच 45,800 करोड़ रुपये के बैंक ऋण प्राप्त करने के लिए अवैध साधनों का इस्तेमाल किया। भारत में भूषण स्टील का बैंकों और लेनदारों के बीच 56000 करोड़ रुपये बकाया है।

भूषण स्टील का टाटा स्टील ने इन्सॉल्वेंसी प्रोसेस के माध्यम से 35,232.58 करोड़ रुपये में अधिग्रहण कर लिया है। एसएफआईओ की रिपोर्ट में पाया गया है कि 2011-12 में, भूषण स्टील ने दुबई में अपनी एक विदेशी सहायक कंपनी, भूषण स्टील ग्लोबल FZE को एक सहयोगी फर्म ग्लोबस रियलिनफ्रा को बेच दिया और भूषण स्टील ग्लोबल FZE का नाम बदलकर श्री ग्लोबल स्टील FZE कर दिया।

एसएफआईओ की रिपोर्ट में कहा गया है कि इस ट्रान्सफर के परिणामस्वरूप, श्री ग्लोबल द्वारा अर्जित लाभ को भूषण स्टील के प्रमोटरों द्वारा रखा गया था। एसएफआईओ ने यह भी पाया कि ग्लोबस रियलिनफ्रा ने डमी निर्देशकों को नियुक्त किया था जबकि कंपनी का वास्तविक नियंत्रण नीरज सिंघल के पास था। रिकॉर्ड के मुताबिक, ग्लोबस रियलिनफ्रा रियल एस्टेट के कारोबार में है और उसके पास लगभग 41 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति है।

एसएफआईओ की जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि ग्लोबस ने दिल्ली में 4 एकड़ जमीन को नीरज सिंघल की निजी गारंटी से गिरवी रखकर एक बैंक से लगभग 70 करोड़ रुपये उधार लिए और उन पैसों से लगभग 65 करोड़ रुपये का निवेश भूषण स्टील में किया। ग्लोबस रियलिनफ्रा ने वित्त वर्ष 2018 में लगभग 5.29 करोड़ रुपये का घाटा दर्ज किया।

प्रवर्तन निदेशालय (ED) वर्तमान में भारत में मिर्ची और उसके परिवार के कथित भूमि सौदों की जांच कर रहा है। ईडी ने आरोप लगाया है कि एनसीपी लीडर और पूर्व नागरिक उड्डयन मंत्री प्रफुल्ल पटेल के मिलेनियम डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड ने 2006-07 में सीजे हाउस का निर्माण किया था और 2007 इसकी तीसरी और चौथी मंजिल मिर्ची की पत्नी हज़रा इकबाल को ट्रान्सफर की गई।

ईडी ने आरोप लगाया कि मिलेनियम डेवलपर्स द्वारा खरीदी गई जमीन संदिग्ध साधनों के माध्यम से ली गई है और इसमें मिर्ची के हवाले के पैसों का इस्तेमाल हुआ है। पटेल से ईडी द्वारा पूछताछ की गई है और उन्होंने किसी भी गलत काम से इनकार किया है और दावा किया है कि संपत्ति से संबंधित सभी सौदे बॉम्बे हाई कोर्ट द्वारा नियुक्त कोर्ट रिसीवर की देखरेख में किए गए थे।

एजेंसी वर्ली में मिर्ची की तीन संपत्तियों की भी जांच कर रही है। राबिया मेंशन, मैरियम लॉज और सी व्यू को 2010 में मुंबई स्थित एक रियल एस्टेट फर्म सनब्लिंक रियल एस्टेट प्राइवेट लिमिटेड को 225 करोड़ रुपये में बेचा गया था। ईडी ने आरोप लगाया है कि इसमें से कम से कम 190 करोड़ रुपये हवाला के जरिए मिर्ची को दिए गए।

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