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बिना मास्क पहने चुनाव प्रचार कर रहे प्रचारकों पर अदालत सख्त, केंद्र और EC से मांगा जवाब, महाराष्ट्र में बीजेपी कार्यकर्ताओं पर केस दर्ज

चुनाव आयोग की ओर से अदालत में पेश हुए वकील सिद्धांत कुमार ने याचिका की सुनवाई यहां होने पर सवाल उठाते हुए कहा कि ना ही दिल्ली में चुनाव हो रहे हैं और ना ही कथित उल्लंघन यहां हुआ है।

Edited By सचिन शेखर March 22, 2021 4:00 PM
मुंबई में बिना मास्क पहने एक शख्स से पुलिसकर्मी जुर्माना वसूलते हुए (फोटो – पीटीआई)

दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को केन्द्र सरकार और चुनाव आयोग से उस याचिका पर जवाब मांगा, जिसमें कोविड-19 वैश्विक महामारी के मद्देनजर निर्वाचन आयोग द्वारा जारी अनिवार्य दिशा-निर्देशों का बार-बार उल्लंघन करने वाले उम्मीदवारों तथा प्रचारकों को प्रचार करने से रोकने का अनुरोध किया गया है। इधर बिना मास्क पहने प्रदर्शन कर रहे बीजेपी कार्यकर्ताओ पर महाराष्ट्र में केस दर्ज किया गया है।

महाराष्ट्र भाजपा अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल और 40-50 पार्टी कार्यकर्ताओं के खिलाफ रविवार को पुणे में एक विरोध प्रदर्शन के दौरान कोविड दिशानिर्देशों का उल्लंघन करने के लिए मामला दर्ज किया गया। बीजेपी कार्यकर्ता गृहमंत्री अनिल देशमुख के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने कोविड दिशानिर्देशों का पालन नहीं किया था। सभी के खिलाफ विश्रामबाग पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है।

वहीं दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और न्यायमूर्ति जसमीत सिंह की एक पीठ ने केन्द्र और चुनाव आयोग को नोटिस जारी कर याचिका पर अपना जवाब दाखिल करने के निर्देश दिये हैं।पीठ ने सुनवाई के मामले को 30 अप्रैल के लिए सूचीबद्ध किया है।चुनाव आयोग की ओर से अदालत में पेश हुए वकील सिद्धांत कुमार ने याचिका की सुनवाई यहां होने पर सवाल उठाते हुए कहा कि ना ही दिल्ली में चुनाव हो रहे हैं और ना ही कथित उल्लंघन यहां हुआ है।

वहीं, केन्द्र की ओर से वकील अनुराग अहलूवालिया अदालत में पेश हुए। असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, पुडुचेरी में अलग-अलग चरणों में 27 मार्च से लेकर 29 अप्रैल के बीच चुनाव होने हैं। याचिकाकर्ता डॉक्टर विक्रम सिंह के वकील विराग गुप्त ने कहा कि चुनाव की घोषणा करते हुए निर्वाचन आयोग ने अपनी अधिसूचना में कहा था कि ‘‘ चुनाव संबंधी सभी गतिविधियों के दौरान सभी लोगों का मास्क पहनना’’ अनिवार्य है।

वकील गौरव पाठक की ओर से दायर याचिका में कहा गया कि ऐसे कई उदाहरण मौजूद हैं जहां प्रचारक और उनके समर्थकों ने चुनाव के प्रचार अभियान के दौरान मास्क नहीं पहने, ऐसी तस्वीरों और वीडियो से इलेक्ट्रॉनिक तथा प्रिंट मीडिया भरा हुआ है और कई मौकों पर इन्हें खुद प्रचाराकों ने ही साझा किया है। याचिका में कहा गया कि प्रत्येक व्यक्ति को जीवन का मौलिक अधिकार प्राप्त है, जो राजनेता, प्रचारक और उम्मीदवारों के चुनाव प्रक्रिया के दौरान मास्क नहीं पहन से प्रभावित हो रहा है।

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