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केरल लव जिहादः सुप्रीम कोर्ट ने रद्द किया हाईकोर्ट का फैसला, हादिया की शादी को बताया वैध

केरल के बहुचर्चित कथित लव जिहाद केस में सुप्रीम कोर्ट ने हादिया के प्रेम विवाह पर मुहर लगा दी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हादिया को अपनी पसंद से जीवन जीने की आजादी है।

Author नई दिल्ली | March 8, 2018 18:31 pm
Shefin Jahan with Hadiya (Akhila).

केरल के बहुचर्चित कथित लव जिहाद केस में सुप्रीम कोर्ट ने हादिया के प्रेम विवाह पर मुहर लगा दी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हादिया को अपनी पसंद से जीवन जीने की आजादी है। वह जिंदगी से जुड़े कानून सम्मत फैसले ले सकती है। इससे पहले केरल हाईकोर्ट ने हादिया और शफीन की शादी को रद्द कर दिया था। इस प्रकार सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद दोनों पति-पत्नी की तरह रह सकेंगे। मई 2017 में केरल हाईकोर्ट ने हादिया की शफीन जहां के साथ शादी को रद्द करते हुए मां-बाप के सुपुर्द कर दिया था। इस पर शफीन जहां ने हाईकोर्ट के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। खास बात है कि केरल में बढ़ते लव जिहाद की शिकायतों पर इस केस की जांच एनआईए भी कर रही थी। गुरुवार ( आठ मार्ट) को सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करते हुए कहा कि केरल हाईकोर्ट को शादी को रद्द नहीं करना चाहिए। हादिया को अपने ढंग से जीवन जीने और सपने पूरे करने की आजादी है।

एनआईए की जांच पर टिप्पणी करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जब दो वयस्क अपनी इच्छा से शादी करते हैं तो उसकी जांच कैसे हो सकती है। हां, अगर सरकार को लगता है कि शादी के बाद दंपती में से कोई गलत इरादे से विदेश भागने की कोशिश कर रहा है तो सरकार उसके खिलाफ एक्शन ले सकती है। हादिया के पति शफीन की तरफ से कांग्रेस नेता और वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने बहस की। सिब्बल ने कहा कि अपनी पसंद का जीवनसाथी चुनना हर किसी का मौलिक अधिकार है। हाईकोर्ट के पास यह अधिकार नहीं है कि वह किसी की याचिका पर ही किसी की शादी को रद्द कर दे। हर किसी को सम्मान और स्वतंत्रता के साथ जीने का भारतीय संविधान हक देता है। सिब्बल ने दलील दी कि जब तक दंपती में कोई किसी के खिलाफ शिकायत न दर्ज कराए, तब तक तीसरे को उनकी शादी पर सवाल उठाने का हक नहीं है।

एनआईए जांच में दखल से इनकार :  सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान एनआईए की जांच में अपने स्तर से किसी दखलंदाजी की बात से इनकार किया। कहा कि एनआईए किसी भी मामले में जांच कर सकती है। इस दौरान एनआईए ने सुप्रीम कोर्ट में जांच की प्रगति और रिपोर्ट पेश करने की सूचना दी। बताया कि विदेश में होने के कारण सिर्फ दो लोगों को छोड़कर बाकी सभी से पूछताछ हो चुकी है। NIA ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि सैफीन के ख़िलाफ़ 153A, 295 A और 107 के तहत FIR दर्ज की है।

हादिया को सेक्स स्लेव बनाने की थी प्लानिंगः उधर, सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान पिता अशोकन ने हादिया के शपथपत्र के जवाब में चौंकाने वाले दावे किए। कहा कि लव जिहाद का शिकार बनाकर हादिया को विदेश भेजकर ‘सेक्स स्लेव’ या ‘मानव बम’ बनाने की प्लानिंग थी। पिता ने कहा कि जब बेटी का मानसिक व शारीरिक स्तर पर शोषण किया जा रहा हो, तब वह चुप कैसे रह सकते हैं।

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