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SC ने इटैलियन मरीन मामले को अगले हफ्ते के लिए टाला, केंद्र से कहा- ‘हम जानते हैं कि आप कितनी तेजी से काम करते हैं’

सुप्रीम कोर्ट ने आज इटैलियन मरीन मामले को अगले हफ्ते तक के लिए टाल दिया। मामले में केंद्र सरकार ने कोर्ट से अनुरोध किया था कि इटैलियन मरीन मामले को जल्द से जल्द बंद कर दिया जाए।

italy, supreme courtदोनों इटैलयिन मरीन पर भारतीय मछुवारों की हत्या का आरोप है। (Indian Express)।

सुप्रीम कोर्ट ने आज इटैलियन मरीन मामले को अगले हफ्ते तक के लिए टाल दिया। मामले में केंद्र सरकार ने कोर्ट से अनुरोध किया था कि इटैलियन मरीन मामले को जल्द से जल्द बंद कर दिया जाए। बता दें कि मामले में केंद्र सरकार को अदालत के समक्ष मुआवजा राशि जमा करनी है।

कोर्ट ने पिछले हफ्ते कहा था कि वह दोनों मरीन के खिलाफ आपराधिक मामले को बंद कर देगा लेकिन सरकार को पहले 10 करोड़ की राशि मुआवजे के तौर पर कोर्ट के समक्ष देनी होगी। आज इस मामले की सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे ने कहा, “सुप्रीम कोर्ट के पास पैसा जमा करने का कोई सबूत नहीं है? क्यों?” केंद्र ने जवाब दिया कि इटली की सरकार ने भारत को पैसा ट्रांसफर किया था लेकिन अभी तक राशि मिली नहीं है। केंद्र सरकार ने कोर्ट से कहा कि पैसा मिलने के बाद अदालत में जमा किया जाएगा। मुख्य न्यायाधीश ने तब कहा, “हमने कहा कि हम इसे बाद में सुनेंगे, लेकिन सरकार ने जल्द सुनवाई पर जोर दिया। हमारे पास अपना अनुभव है। हम जानते हैं कि आप (केंद्र) कितनी तेजी से काम करते हैं।”

केंद्र ने अदालत को सूचित किया था कि पीड़ित परिवारों को मुआवजा दिया जाना है। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पीठ से इस मामले की सुनवाई के लिए आज अनुरोध किया था।

केंद्र चाहता था कि एक अंतरराष्ट्रीय ट्रिब्यूनल के आदेश के बाद मामले को बंद कर दिया जाए। बता दें कि दोनों मरीन पर इटली में मुकदमा चलाया जाना है। ट्रिब्यूनल ने पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने का भी आदेश दिया था।

दोनों मरीन पर 2012 में केरल के तट से दो भारतीय मछुआरों को मारने का आरोप है लेकिन ट्रिब्यूनल ने फैसला किया कि उन पर इटली में मुकदम चलाया जाएगा। दरअसल 15 फरवरी 2012 को केरल में दो भारतीय मछुआरों को मार दिया गया था।

भारत ने आरोप लगाया था कि इटली के दो मरीन ने इन मछुआरों की हत्या की थी। इस घटना के तुरंत बाद, भारतीय नौसेना ने दोनों मरीन को हिरासत में ले लिया था। इसके बाद भारत और इटली की सरकारों के बीच टकराव बढ़ गया था। बाद में दोनों मरीन को रिहा कर दिया गया था।

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