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SC से मिली राहत तो झूम कर नाचीं नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी, देखें वीडियो

सिद्धू के घर के बाहर उत्सव का माहौल देखा गया और सिद्धू के परिजन और शुभचिंतक भी सुप्रीम कोर्ट के फैसले से खुश हैं और उन्होंने एक दूसरे को मिठाई खिलाकर अपनी खुशी का इजहार किया।

नवजोत सिंह सिद्धू। (image source-Facebook)

साल 1988 के रोडरेज मामले में आज सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस नेता और पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू को बरी कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से नवजोत सिंह सिद्धू को बड़ी राहत मिली है। यही वजह है कि नवजोत सिंह सिद्धू के साथ ही उनके पूरे परिवार ने राहत की सांस ली है। नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर सिद्धू का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वह फैसले पर खुशी जताते हुए ढोल की थाप पर भांगड़ा करती भी नजर आ रही हैं। इस दौरान सिद्धू की बेटी भी अपनी मां के साथ ही दिखाई दे रही हैं। वहीं सिद्धू के घर के बाहर उत्सव का माहौल देखा गया और सिद्धू के परिजन और शुभचिंतक भी सुप्रीम कोर्ट के फैसले से खुश हैं और उन्होंने एक दूसरे को मिठाई खिलाकर अपनी खुशी का इजहार किया।

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में पंजाब सरकार में मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू को साल 1988 में पटियाला में हुए रोड रेज के मामले में राहत देते हुए बाइज्जत बरी कर दिया। हालांकि कोर्ट ने सिद्धू को मृतक को चोट पहुंचाने का दोषी माना और सिद्धू पर 1000 रुपए का जुर्माना लगाया। सुप्रीम कोर्ट ने रोड रेज के इस मामले में अन्य दोषी और नवजोत सिंह सिद्धू के साथी रुपिंदर सिंह संधू को भी बरी कर दिया है। इससे पहले अप्रैल में पंजाब की कांग्रेस सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में सिद्धू को आरोपी बनाए जाने की अपील की थी। उल्लेखनीय है कि रोड रेज के इस मामले में पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट नवजोत सिंह सिद्धू को दोषी करार दे चुका है और सजा के तौर पर कोर्ट ने सिद्धू को 3 साल जेल की सजा सुनायी थी। इस पर सिद्धू ने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी। जिस पर आज फैसला आया है।

क्या था मामलाः 27 दिसंबर, 1988 को नवजोत सिंह सिद्धू और उनके साथी रुपिंदर सिंह संधू ने रोडरेज के एक मामले में 65 वर्षीय गुरनाम सिंह की पिटाई कर दी थी, जिसके बाद गुरनाम सिंह को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान गुरनाम सिंह की मौत हो गई थी। इसके बाद मामला अदालत में गया और ट्रायल कोर्ट ने नवजोत सिंह सिद्धू और उनके साथी को इस मामले में बरी कर दिया था। इस पर पीड़ित परिवार ने ट्रायल कोर्ट के फैसले के खिलाफ पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में अपील की थी। जहां सिद्धू को दोषी मानते हुए उन्हें 3 साल की सजा का फैसला सुनाया गया था। इस फैसले के खिलाफ सिद्धू ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की, जहां से आज उन्हें बरी कर दिया गया।

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