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जमाल खशोगी केसः सऊदी के पत्रकार की हत्या में आया क्राऊन प्रिंस का नाम! US रिपोर्ट में दावा- मो.बिन सलमान ने ही ऑपरेशन को दी थी मंजूरी

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने गुरुवार को सऊदी के 85 वर्षीय किंग सलमान से बात की। व्हाइट हाउस ने साफ तौर पर कहा कि राष्ट्रपति की क्राउन प्रिंस से बात करने की कोई मंशा नहीं है।

crown princeसऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (फोटो सोर्सः ट्विटर@Reuters)

पत्रकार जमाल खशोगी केस की हत्या के मामले में अमेरिका ने पहली बार माना है कि सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के इशारे पर वारदात को अंजाम दिया गया था। सऊदी अरब इस हत्या में क्राउन प्रिंस की भूमिका से इनकार करता रहा है। वहां के विदेश मंत्रालय ने इस रिपोर्ट को सरासर खारिज कर दिया है। उधर, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने गुरुवार को सऊदी के 85 वर्षीय किंग सलमान से बात की। व्हाइट हाउस ने साफ तौर पर कहा कि राष्ट्रपति की क्राउन प्रिंस से बात करने की कोई मंशा नहीं है।

सूत्रों का कहना है कि अमेरिकी खुफिया एजेंसी ने जो रिपोर्ट शुक्रवार को जारी की, उसे डोनाल्ड ट्रम्प के राष्ट्रपति रहते तैयार कर लिया गया था। अलबत्ता इसे जारी नहीं किया गया। ध्यान रहे कि क्राउन प्रिंस को ट्रम्प के दामाद जेरेड कुशनर का नजदीकी दोस्त माना जाता था। उधर, एक ग्रुप डेमोक्रेसी फॉर अरब वर्ल्ड नाउ ने अमेरिका से मांग की है कि क्राउन प्रिंस के खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाए। बाइडेन की अपनी डेमोक्रेटिक पार्टी के तमाम सदस्य भी इस मामले में सख्ती दिखाने की बात कह रहे हैं। उनका मानना है कि अमेरिकी पत्रकार की हत्या करने वाले को कड़ा संदेश देना बेहद जरूरी है। अमेरिका के सेक्रेट्री ऑफ स्टेट्स एंटोनी ब्लिंकन ने कहा कि खशोगी एक्ट के चलते 76 सऊदी नागरिकों को ब्लैकलिस्ट में डालकर उनके अमेरिका आने पर पाबंदी लगा दी गई है।

इस्तांबुल स्थित सऊदी के वाणिज्य दूतावास में 2 अक्टूबर 2018 को जमाल खशोगी की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में सऊदी अरब की अदालत ने आठ आरोपियों को सितंबर 2020 में मौत की सजा सुनाई थी। हत्या की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निंदा की गई थी और मामले में मोहम्मद बिन सलमान की भूमिका को लेकर भी सवाल उठे थे। अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए का कहना है कि सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने निजी तौर पर पत्रकार जमाल खशोगी की हत्या का आदेश दिया था।

एजेंसी का कहना है कि यह निष्कर्ष तुर्की सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई रिकॉर्डिग और अन्य साक्ष्यों पर आधारित है। एजेंसी का कहना है कि खशोगी की हत्या जैसा ऑपरेशन बिना क्राउन प्रिंस की मंजूरी और संज्ञान के खत्म हो ही नहीं सकता। एजेंसी की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अज्ञातवास में रह रहे पत्रकार को एक राजदूत ने कहा था कि तुर्की की महिला से शादी के लिए वह इस्तांबुल के कॉन्सयुलेट से जाकर दस्तावेज हासिल कर सकता है।

सीआईए के मुताबिक, खशोगी के हत्यारों ने सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के जेट का इस्तेमाल किया था। हत्यारों ने इस काम को अंजाम देने के लिए स्काई प्राइम एविएशन के स्वामित्व वाले दो निजी जेट विमानों का इस्तेमाल किया था। इस कंपनी का मालिकाना हक प्रिंस सलमान के पास है। तुर्की सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई रिकॉर्डिग के बाद ही सीआईए ने जांच का दायरा सलमान की तरफ मोड़ा।

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