ताज़ा खबर
 

‘समस्याओं की जड़ था जम्मू-कश्मीर, अब शांति से रहेंगे यहां’, गोवा के गवर्नर की शपथ लेने के बाद बोले सत्यपाल मलिक

मीडिया से बात करते हुए सत्यपाल मलिक ने कहा कि "जम्मू कश्मीर समस्या वाली जगह के तौर पर जाना जाता है, लेकिन मैंने समस्याओं से सही तरह से डील किया और सभी समस्याओं का सफलतापूर्वक हल निकाला।"

satyapal malikगोवा के राज्यपाल सत्यपाल मलिक। (ani image)

सत्यपाल मलिक ने रविवार को गोवा के नए राज्यपाल के तौर पर शपथ ली। गोवा राजभवन में बॉम्बे हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस प्रदीप नंदराजोग ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलायी। कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बात करते हुए सत्यपाल मलिक ने कहा कि उनका पहला कार्यकाल ‘काफी समस्याओं वाली जगह’ पर था। बता दें कि गोवा के राज्यपाल नियुक्त होने से पहले सत्यपाल मलिक जम्मू कश्मीर के राज्यपाल थे और अब उन्हें गोवा का राज्यपाल बनाया गया है।

मीडिया से बात करते हुए सत्यपाल मलिक ने कहा कि “जम्मू कश्मीर समस्या वाली जगह के तौर पर जाना जाता है, लेकिन मैंने समस्याओं से सही तरह से डील किया और सभी समस्याओं का सफलतापूर्वक हल निकाला।” मलिक ने कहा कि “अब मैं एक शांतिपूर्ण और आधुनिक जगह आया हूं, जहां नेतृत्व में विवाद नहीं है। मैं यहां शांतिपूर्वक रहूंगा। यहां के लोग भी काफी अच्छे हैं।”

बता दें कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बीते 25 अक्टूबर को सत्यपाल मलिक को गोवा का राज्यपाल नियुक्त किया था। सत्यपाल मलिक से पहले मृदुला सिन्हा गोवा के राज्यपाल पद की जिम्मेदारी संभाल रहीं थी, जिनका कार्यकाल अब समाप्त हो गया है। उल्लेखनीय है कि सत्यपाल मलिक के राज्यपाल रहने के दौरान ही केन्द्र सरकार ने ऐतिहासिक फैसला लेते हुए जम्मू कश्मीर के विशेष दर्जे को खत्म कर दिया था और राज्य को दो केन्द्र शासित प्रदेशों में बांट दिया था।

सरकार ने हाल ही में जम्मू कश्मीर में जीसी मुर्मू को और लद्दाख में आरके माथुर को उप-राज्यपाल नियुक्त किया है। दोनों अधिकारियों ने अपना-अपना कार्यभार संभाल लिया है।

Hindi News के लिए हमारे साथ फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन, टेलीग्राम पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News AppOnline game में रुचि है तो यहां क्‍लिक कर सकते हैं।

Next Stories
1 झारखंड में टूटा महागठबंधन, बाबूलाल मरांडी की पार्टी अकेले लड़ेगी विधानसभा चुनाव
2 दफ्तरों में बढ़ सकता है कामकाज का समय! केंद्र सरकार ने बनाया 9 घंटे ड्यूटी का नियम, पर न्यूनतम वेतन पर साध ली चुप्पी!
3 बढ़ते प्रदूषण के बीच दिल्ली सरकार ने जारी किया एडवायजरी- क्या करें, क्या न करें?