सत्यपाल मलिक बोले- बेधड़क बोलता हूं क्योंकि कुछ गलत नहीं किया वरना अब तक पड़ चुके होते छापे; PM मोदी की तारीफ की

मेघालय के गवर्नर सत्यपाल मलिक पिछले काफी समय से चल रहे किसान आंदोलन को लेकर पहले भी अपनी राय जाहिर कर चुके हैं और केंद्र सरकार को किसानों की मांग मानने की नसीहत दे चुके हैं।

एक कार्यक्रम के दौरान मेघालय के गवर्नर सत्यपाल मलिक ने चुनौती देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के पास सारी संस्थाएं हैं और वे मेरी सारी जांचें करा लें। मैं फिर भी इसी तरह बेधड़क रहूंगा। (एक्सप्रेस फोटो)

मेघालय के राज्यपाल और भाजपा नेता सत्यपाल मलिक ने अपनी ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सत्यपाल मलिक ने चुनौती देते हुए कहा कि मैंने कुछ गलत नहीं किया इसलिए बेधड़क बोलता हूं, वरना अबतक छापे पड़ चुके होते। अपनी ही सरकार को निशाने पर लेने के साथ ही उन्होंने रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन मुकेश अंबानी के ऊपर भी कथित तौर में एक घपले में शामिल होने का आरोप लगाया। हालांकि इस दौरान उन्होंने भ्रष्टाचार रोकने के एक फैसले को लेकर पीएम मोदी की तारीफ़ भी की।

किसानों के मुद्दे को लेकर अपनी ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल चुके मेघालय के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने एक कार्यक्रम में बोलते हुए कहा कि जब इंदिरा गांधी प्रधानमंत्री थीं तो वीपी सिंह मुझे एक तरफ ले गए और उन्होंने कहा कि सत्यपाल संभलकर काम करना। जब मैंने कहा क्यों तो उन्होंने कहा कि बेईमानी करने के बाद प्रधानमंत्रियों से नहीं लड़ा जा सकता। हमें और तुम्हें दोनों को प्रधानमंत्रियों से लड़ना है इसलिए पाक साफ रहना है।

आगे सत्यपाल मलिक ने कहा कि मैं जो कश्मीर से लौटने के बाद किसानों के लिए बेधड़क बोल दिया। अगर मैं कश्मीर में कुछ कर लेता तो मेरे घर आज से पहले ही ईडी पहुंच जाती। इनकम टैक्स वाले पहुंच जाते। आज मैं सीना ठोक कर कह सकता हूं कि प्रधानमंत्री के पास सारी संस्थाएं हैं, सब कुछ है। मेरी सारी जांचें करा लें। मैं इसी तरह बेधड़क रहूंगा। चूंकि मेरे पास कुछ नहीं है।

इस दौरान गवर्नर सत्यपाल मलिक ने रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन मुकेश अंबानी और पीडीपी के एक बड़े नेता पर एक घपले में शामिल होने का आरोप लगाया। सत्यपाल मलिक ने कहा कि मेरे कश्मीर में जाने के फौरन बाद दो फाइलें मेरे सामने आईं। एक में अंबानी और दूसरे में संघ के बड़े अफसर शामिल थे। एक महबूबा के मंत्रालय के करीबी मंत्री थे जो अपने को पीएम के बहुत नजदीकी बताते थे। बाद में सेक्रेटरी ने बताया कि दोनों में बड़ा घपला है तो मैंने दोनों डील कैंसिल कर दीं। मुझे यह भी बताया गया कि हर एक फाइल करने के बदले मुझे डेढ़ सौ करोड़ रुपये मिल सकता है। तो मैंने उनसे कहा कि मैं तो सिर्फ पांच कुर्ते पजामे लेकर आया हूं, ऐसे ही चला जाऊंगा।

आगे सत्यपाल मलिक ने कहा कि एहतियातन मैंने प्रधानमंत्री से वक्त लिया और उनसे मिल गया। मैंने उनसे कहा कि ये फाइल है..ये घपला है..ये लोग शामिल हैं.. ये आपका नाम लेते हैं.. आप मुझे बताएं क्या करना है। अगर इसे कैंसिल नहीं करना है तो मेरी जगह किसी दूसरे को लगा दीजिए लेकिन मैं रहूंगा तो इसे होने नहीं होगा। इस दौरान उन्होंने पीएम मोदी की तारीफ़ करते हुए कहा कि मैं प्रधानमंत्री की इस बात के लिए तारीफ़ करूंगा कि उन्होंने कहा कि करप्शन से कोई कोम्प्रोमाईज़ की जरूरत नहीं है।

गौरतलब है कि मेघालय के गवर्नर सत्यपाल मलिक पिछले काफी समय से चल रहे किसान आंदोलन को लेकर पहले भी अपनी राय जाहिर कर चुके हैं और केंद्र सरकार को किसानों की मांग मानने की नसीहत दे चुके हैं। पिछले दिनों भी उन्होंने कहा था कि अगर सरकार एमएसपी पर गारंटी का कानून लेकर आए तो यह मुद्दा हल हो सकता है। सत्यपाल मलिक ने कहा था कि अगर किसान सिर्फ एक चीज मांग रहे हैं तो केंद्र उसे क्यों पूरा नहीं कर रहा है। किसान एमएसपी से कम पर समझौता नहीं करेंगे।

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