तीन साल पहले रिटायर्ड अग्निहोत्री को मिली नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट की कमान, दौड़ में भी नहीं थे, 20 अफ़सरों को दरकिनार कर हुआ चयन

सतीश अग्निहोत्री को तीन साल के लिए यह ज़िम्मेदारी सौंपी गई है। द इंडियन एक्सप्रेस में छपे कॉलम दिल्ली कॉन्फिडेंशियल के मुताबिक अंचल खरे के रिटायर होने के बाद इस पद के लिए विज्ञापित मानदंडों के अनुसार 20 अफ़सरों को शॉर्टलिस्ट किया गया था।

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सतीश अग्निहोत्री को नेशनल हाईस्पीड रेल कारपोरेशन लिमिटेड का नया एमडी नियुक्ति किया गया है। (express file photo)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट ‘बुलेट ट्रेन’ की कमान एक नए व्यक्ति के हाथ में दी गई है। रिटायर्ड अधिकारी सतीश अग्निहोत्री को नेशनल हाईस्पीड रेल कारपोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) का नया एमडी नियुक्ति किया गया है।

सतीश अग्निहोत्री को तीन साल के लिए यह ज़िम्मेदारी सौंपी गई है। द इंडियन एक्सप्रेस में छपे कॉलम दिल्ली कॉन्फिडेंशियल के मुताबिक अंचल खरे के रिटायर होने के बाद इस पद के लिए विज्ञापित मानदंडों के अनुसार 20 अफ़सरों को शॉर्टलिस्ट किया गया था। लेकिन सरकार ने उन सभी से परे जाकर, विज्ञापित मानदंडों में ढील दी और अग्निहोत्री को चुना। अग्निहोत्री वर्ष 1982 बैच के आईआरएसई हैं और वे 2018 में रेल विकास निगम लिमिटेड के प्रमुख के रूप में रिटायर हुए थे।

अहमदाबाद और मुंबई के बीच चलने वाली इस हाईस्पीड ट्रेन के प्रोजेक्ट में कई तरह की दिक्कतों के चलते कुछ सालों की देरी हो गई है। इस प्रोजेक्ट में 21 किलोमीटर की लाइन जमीन के अंदर बिछाई जानी है, जिसमें मुंबई के पास समुद्र के भीतर 7 किलोमीटर की लंबी सुरंग भी शामिल है।

इसको लेकर साल के शुरुआत में टेंडर निकाला गया था, लेकिन जापान की कोई भी कंपनी इस टेंडर प्रक्रिया में शामिल नहीं हुई। इसके अलावा 11 टेंडर में कंपनियों ने अनुमान से 90 फीसदी ज्यादा लागत की बोली लगाई है। ऐसे में फिलहाल इसे रद्द करना पड़ा है।

यह भी कहा जा रहा है कि 21 किलोमीटर की अडंरग्राउंड लाइन बिछाने में कई एडवांस बोरिंग मशीन की जरूरत है। ऐसे में इस काम को पूरा करने में कम से कम 60 महीने लगेंगे। इस प्रोजेक्ट के लिए ज़मीन अधिग्रहण का काम भी पूरा नहीं हुआ है। महाराष्ट्र में इसके लिए 430 हेक्टेयर जमीन की जरूरत है, लेकिन अब तक सिर्फ 100 हेक्टर जमीन ही सरकार को मिल सकी है।

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