ताज़ा खबर
 

संसद में बोले सारंगी, कहा- मोदी सरकार की सफलता को स्वीकार और अपनी हार पर आत्मनिरीक्षण करे कांग्रेस

सारंगी ने कहा कि 1971 में जब तत्कालीन जनसंघ नेता अटल बिहारी वाजपेयी ने तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की प्रशंसा में कोई कसर नहीं छोड़ी थी तो आज कांग्रेस एवं विपक्ष को मोदी की प्रशंसा में झिझक क्यों है। उन्होंने कहा कि यह पहली सरकार है और मोदी ऐसे पहले प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने हर साल विभिन्न स्थानों पर जाकर अपने कामकाज का हिसाब जनता को दिया।

Author नई दिल्ली | Updated: June 24, 2019 4:33 PM
सारंगी ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में उसकी छवि गरीब, किसान, महिला विरोधी बनाने की कोशिश की गयी और सरकार को सांप्रदायिक दर्शाने और नोटबंदी, जीएसटी और अन्य विषयों को लेकर नकारात्मक छवि पेश करने का प्रयास किया गया लेकिन जनता ने विपक्ष के महागठबंधन के प्रयासों को धता बताते हुए एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भरोसा जताया।

केंद्रीय मंत्री एवं ओडिशा से भाजपा सांसद प्रताप चंद सारंगी ने सोमवार को लोकसभा में कहा कि कांग्रेस को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिछले पांच साल के कार्यकाल में किये गये कामकाज की सफलता को स्वीकार कर उनका अभिनंदन करना चाहिए और खुद को जनता द्वारा नकार दिये जाने पर आत्मनिरीक्षण करना चाहिए। केंद्रीय पशुपालन राज्य मंत्री प्रताप चंद सारंगी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लोकसभा में धन्यवाद प्रस्ताव रखते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस नीत संप्रग के समय नीतिगत पंगुता थी और घोटाले पर घोटाले हो रहे थे। तत्कालीन प्रधानमंत्री मूकदर्शक बने रहते थे। उन्होंने कांग्रेस के प्रथम परिवार (नेहरू-गांधी परिवार) की भी आलोचना की जिस पर विपक्षी पार्टी के सदस्यों ने कड़ा ऐतराज जताया। सदन में मौजूद संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी भी सदस्यों को विरोध करने के लिए संकेत करते हुए देखी गयीं।

कांग्रेस के सदस्यों ने ‘व्यवस्था का प्रश्न’ उठाया लेकिन लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर ‘व्यवस्था का प्रश्न’ नहीं उठाया जाता। सारंगी ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में उसकी छवि गरीब, किसान, महिला विरोधी बनाने की कोशिश की गयी और सरकार को सांप्रदायिक दर्शाने और नोटबंदी, जीएसटी और अन्य विषयों को लेकर नकारात्मक छवि पेश करने का प्रयास किया गया लेकिन जनता ने विपक्ष के महागठबंधन के प्रयासों को धता बताते हुए एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भरोसा जताया।

उन्होंने कहा, ‘‘सत्यमेव जयते। सत्य ही सर्वोपरि है। झूठे के बादलों से सच को नहीं छिपाया जा सकता।’’ सारंगी ने कहा कि जनता ने भाजपा के लिए मतदान किया और साबित किया कि यह सरकार जो कहती है, वो करती है तथा जो कर सकती है, वही कहती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 में सरकार बनने के बाद ही कहा था कि वह प्रधान सेवक हैं और यह सरकार गरीबों के लिए है। उन्होंने इस बात का पालन करके दिखाया है।

सारंगी ने कहा कि 1971 में जब तत्कालीन जनसंघ नेता अटल बिहारी वाजपेयी ने तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की प्रशंसा में कोई कसर नहीं छोड़ी थी तो आज कांग्रेस एवं विपक्ष को मोदी की प्रशंसा में झिझक क्यों है। उन्होंने कहा कि यह पहली सरकार है और मोदी ऐसे पहले प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने हर साल विभिन्न स्थानों पर जाकर अपने कामकाज का हिसाब जनता को दिया। जनता ने काम के आधार पर फिर मोदी को चुना है इसलिए हम जनता के आभारी हैं।
सारंगी ने अपने भाषण में कई बार रिग्वेद, गीता, रामचरित मानस और वेदों के मंत्रों, श्लोकों और सूक्तियों का उल्लेख किया।

उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि इस बार जनता ने ‘सामंतियों’ को हराया और साबित किया कि वंशवाद को लोग पसंद नहीं करते। सारंगी ने कहा कि कांग्रेस को अब तो समझ जाना चाहिए । उन्होंने रामायण में राम-कैकेयी संवाद का उल्लेख करते हुए कहा कि कैकेयी ने राम को वनवास भेजा तो उन्हें पूरे देश ने जाना और नायक माना, ठीक इसी तरह ‘‘कांग्रेस के हम आभारी हैं।’’ इस दौरान सदन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद थे। दोनों को भी सारंगी के भाषण के दौरान कई बार मुस्कराते हुए देखा गया।

सारंगी ने आपातकाल का भी उल्लेख किया और कांग्रेस पर संविधान का अपमान करने और लोकतंत्र की हत्या करने का आरोप लगाया। उन्होंने सिख विरोधी दंगों (1984) के लिए भी विपक्षी दल को आड़े हाथ लिया। सारंगी ने कहा कि संतों का अपमान किया गया, उसी का परिणाम है कि कांग्रेस को विपक्ष के नेता का भी पद नहीं (रिपीट नहीं) मिला।  उन्होंने कहा कि अमेठी संसदीय सीट से केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को हराया और उन्हें केरल जाना पड़ा। केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘अब समय आ गया है कि कांग्रेस आत्मनिरीक्षा करे।’’ उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस को ‘मोदी से माफी मांगनी चाहिए।’’ इस पर भी कांग्रेस सदस्यों ने जोरदार विरोध दर्ज कराया।

सारंगी ने केंद्र सरकार की स्वच्छ भारत, जनधन योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति योजना, अटल पेंशन योजना और बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह सरकार 2022 तक सभी को घर, सभी घरों में बिजली के सपने को साकार करने के लिए काम कर रही है। इस काम में सभी को हाथ मिलाकर काम करना चाहिए।

धेयक 2019 जम्मू कश्मीर आरक्षण संशोधन अध्यादेश 2019 को प्रतिस्थापित करने के लिये है, जो अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगे हुए क्षेत्रों में निवास कर रहे व्यक्तियों को उनके समग्र सामाजिक आर्थिक और शैक्षिक विकास के दीर्घकाल से लंबित मांग को पूरा करेगा ।  इसके माध्यम से अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगे हुए क्षेत्रों में निवास कर रहे लोगों को वास्तविक नियंत्रण रेखा से लगे हुए क्षेत्रों में निवास कर रहे व्यक्तियों को उपलब्ध आरक्षण का लाभ उठाने में समर्थ बनाया जा सकेगा ।

Hindi News के लिए हमारे साथ फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन, टेलीग्राम पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News AppOnline game में रुचि है तो यहां क्‍लिक कर सकते हैं।

Next Stories
1 लोकसभा में शाह ने पेश किया जम्मू कश्मीर आरक्षण संशोधन बिल, जानिए इस विधेयक के बारे में
2 कांग्रेस नेता की डिमांड- अभिनंदन का सम्मान हो, ‘राष्ट्रीय मूंछ’ घोषित की जाएं उनकी मूंछे, हुए ट्रोल
3 सरकार को पैसे देने पर आरबीआई में सहमति नहीं, चौथी बार टली रिपोर्ट सौंपने की तारीख
ये पढ़ा क्या ?
X