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सारदा घोटाले में ममता का मंत्री गिरफ्तार

सीबीआइ ने शुक्रवार को सारदा घोटाले के सिलसिले में पश्चिम बंगाल के परिवहन मंत्री मदन मित्र को पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया। जांच एजंसी ने शुक्रवार सुबह मित्र को सीबीआइ अदालत में पेश किया था। सीबीआइ ने मित्र को कोलकाता में गिरफ्तार किया। माना जा रहा है कि सारदा चिट फंड में यह सबसे […]

Author December 13, 2014 9:06 AM
शारदा चिटफंड घोटाले में पश्चिम बंगाल के मंत्री मदन मित्रा गिरफ्तार

सीबीआइ ने शुक्रवार को सारदा घोटाले के सिलसिले में पश्चिम बंगाल के परिवहन मंत्री मदन मित्र को पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया। जांच एजंसी ने शुक्रवार सुबह मित्र को सीबीआइ अदालत में पेश किया था। सीबीआइ ने मित्र को कोलकाता में गिरफ्तार किया। माना जा रहा है कि सारदा चिट फंड में यह सबसे बड़ी गिरफ्तारी है। दो बार लगभग चार घंटे की पूछताछ के बाद उनकी गिरफ्तारी की गई। सारदा घोटाले में मित्र राज्य के दूसरे मंत्री हैं, जिनसे सीबीआइ ने पूछताछ की। इससे पहले इस मामले में कपड़ा मंत्री श्यामपद मुखर्जी से पूछताछ की जा चुकी है। लेकिन गिरफ्तार होने वाले मित्र पहले मंत्री हैं। सारदा घोटाले को लेकर राज्यसभा सदस्य कुणाल घोष और सृंजय बोस सहित तृणमूल कांग्रेस के कुछ नेता फिलहाल जेल में हैं।

मालूम हो कि इससे पहले मित्र ने कहा था कि सारदा घोटाला कांड की जांच में वे सीबीआइ को हर संभव मदद करेंगे। सीबीआइ सूत्रों के मुताबिक वे शुक्रवार सुबह ग्यारह बजे परिवहन मंत्री को साल्टलेक के सीजीओ कांप्लेक्स में लेकर हाजिर हुए। इससे पहले सीबीआइ दफ्तर में पूछताछ के लिए सभी जरूरी तैयारियां कर ली गई थीं।

सीबीआइ के प्रवक्ता ने पत्रकारों को बताया कि मित्र को आपराधिक षडयंत्र रचने, धोखाधड़ी, फंड का दुरुपयोग करने के अलावा सारदा समूह से अनुचित वित्तीय लाभ प्राप्त करने के मामले में गिरफ्तार किया गया है। एजंसी ने सारदा समूह के प्रमुख सुदीप्त सेन के कानूनी सलाहकार नरेश बालोदिया को भी आपराधिक षड्यंत्र रचने व धोखाधड़ी समेत कई मामलों में गिरफ्तार किया गया है। सीबीआइ को भेजी जाने वाली चिट्ठी का ड्राफ्ट बालोदिया ने बनाया था।

बताते चलें कि सारदा घोटाले की जांच के सिलसिले में मदन मित्र को सीबीआइ दफ्तर आने को कहा गया था। जवाब में मदन मित्र ने कहा था कि वे गुरुवार को सीबीआइ दफ्तर जाएंगे। लेकिन मंगलवार शाम को फिर से परिवहन मंत्री ने सीबीआइ दफ्तर में फोन कर अफसरों से पूछताछ के लिए गुरुवार के बजाय शुक्रवार को सीबीआइ दफ्तर आने की इजाजत मांगी थी। सीबीआइ ने परिवहन मंत्री के आग्रह को स्वीकार कर लिया था।
मालूम हो कि परिवहन मंत्री मदन मित्र शुक्रवार को सारदा घोटाले के संबंध में पूछताछ के लिए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआइ) कार्यालय पहुंचे थे। सीबीआइ ने मित्र को दूसरी बार समन जारी किया था।

Saradha Scam TMC सीबीआई ने मदन मित्रा से पांच घंटे की पूछताछ की और फिर उसके बाद गिरफ्तार किया गया।

 

सीबीआइ ने मित्र को 18 नवंबर को पहला समन जारी किया था, लेकिन खराब स्वास्थ्य के कारण मित्र हाजिर नहीं हो सके थे। एक निजी अस्पताल में इलाज कराने के बाद मित्र 20 नवंबर को एसएसकेएम अस्पताल में भर्ती हुए थे, जहां से उन्हें 26 नवंबर को छुट्टी दे दी गई थी। अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद मित्र ने घोटाले से किसी तरह का संबंध होने से इनकार करते हुए कहा था कि वह पूछताछ के लिए सीबीआइ के सामने किसी भी समय हाजिर होने और जांच में सीबीआइ के सहयोग के लिए हमेशा तैयार हैं।

कमरहट्टी विधानसभा सीट से विधायक मित्र ने सारदा के कई कार्यक्रमों में अतिथि के रूप में हिस्सा लिया था, जहां उन्होंने रोजगार पैदा करने के लिए समूह के संरक्षक और घोटाले के मुख्य आरोपी सुदीप्त सेन की प्रशंसा की थी। सीबीआइ ने पहले मित्र के पूर्व निजी सहायक बापी करीम से पूछताछ की थी।

आज सीबीआई ने मदन मित्रा से लंबी पूछताछ की और उसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। मदन मित्रा इस घोटाले में ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस के गिरफ्तार होने वाले चौथे पार्टी नेता हैं। इससे पूर्व सीबीआई ने इस घोटाले में तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सांसद शृंजॉय बोस को भी पिछले दिनों गिरफ्तार किया था।

निलंबित तृणमूल सांसद कुणाल घोष और पार्टी के उपाध्यक्ष रजत मजूमदार पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं। सीबीआई पश्चिम बंगाल और ओडिशा में इस घोटाले की जांच में जुटी हुई है।

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