Santiago Martin Family’s MLAs: पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव नतीजों के तीन राज्यों की सत्ता बदल गई है लेकिन एक परिवार ऐसा है, जिसे इन चुनावी लिहाज से बड़ा फायदा हुआ है, और वो परिवार विवादित लॉटरी कारोबारी सैंटियागो मार्टिन का है। ये वहीं सैंटियागो मार्टिन हैं, जिनकी कंपनी फ्यूचर गेमिंग एंड होटल सर्विसेज ने इलेक्टोरल बॉन्ड के तहत डीएमके को 500 करोड़ रुपये से ज्यादा का चुनावी चंदा दिया था। मार्टिन के परिवार के तीन सदस्य ने अलग-अलग पार्टियों से चुनाव लड़ा और दिलचस्प बात यह है कि तीनों को जीत भी मिली। जिनमें से एक लीजा मर्टिन राज्य में विधानसभा चुनाव में सबसे अमीर उम्मीदवार भी हैं।

सैंटियागो मार्टिन की पत्नी लीमा रोज मार्टिन ने AIADMK के टिकट पर लालगुडी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। कुछ इसी तरह उनके दामाद आधव अर्जुन ने एक्टर जोसेफ विजय की नई पार्टी TVK के टिकट पर विल्लीवक्कम से चुनाव जीता। इसके अलावा मार्टिन के बेटे जोस चार्ल्स मार्टिन ने अपनी पार्टी (LJK) की ओर से पुडुचेरी के कामराज नगर से चुनाव लड़ा। उन्हें भी जीत हासिल हुए। LJK एनडीए गठबंधन में शामिल है।

लीमा रोज मार्टिन ने ढहाया DMK का किला

लीमा ने लालगुडी सीट से जीत हासिल की। ये वो सीट है, जो कि लंबे समय से डीएमके पार्टी का गढ़ मानी जाती थी। उन्होंने टीवीके के केपी कृष्णन को 2,739 वोटों से हराया, जबकि डीएमके के ए परिवल्लल तीसरे स्थान पर रहे। डीएमके ने 2021, 2016, 2011 और 2006 के तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में यह सीट जीती थी।

बेटे-दामाद ने भी जीता चुनाव

सैंटिआगो मार्टिन के दामाद आधव अर्जुन की बात करें तो उन्होंने DMK के एक अन्य राजनीतिक गढ़ यानी विल्लीवाक्कम सीट से TVK के टिकट पर चुनाव लड़कर जीत हासिल की। उन्होंने DMK के कार्तिक मोहन को 17 हजार से ज्यादा वोटों से हराया, जबकि 2021 के विधानसभा चुनाव में डीएमके ने पिछले दो चुनावों में यह सीट जीती थी। वहीं बात अगर मार्टिन के बेटे और LJK के जोस चार्ल्स मार्टिन की करें तो उन्होंने पुडुचेरी के कामराज नगर से चुनाव लड़कर कांग्रेस उम्मीदवार पीके देवदॉस के खिलाफ 10,205 वोटों के अंतर से जीत हासिल की।

अपनी विधानसभा के सबसे अमीर विधायक

मार्टिन के परिवार के तीन में से दो सदस्य ऐसे हैं, जो कि चुनावी हलफनामे के बाद अपनी विधानसभा के सबसे अमीर नवनिर्वाचित विधायकों वाली सूची में आ गए हैं। तमिलनाडु विधानसभा में मार्टिन की पत्नी लीमा सबसे धनी उम्मीदवार थीं, जिन्होंने 1,041 करोड़ रुपये की संपत्ति घोषित की थी।

वहीं बात पुडुचेरी की करें तो वहां जोस चार्ल्स मार्टिन 597 करोड़ रुपये की संपत्ति के अमीर विधायकों की लिस्ट में पहले नंबर पर है। इसके अलावा टीवीके के टिकट पर चुनकर विधानसभा जाने वाले मार्टिन के बेटे आधव अर्जुन ने चुनावी हलफनामे में अपनी संपत्ति 442 करोड़ रुपये की संपत्ति घोषित की थी।

टीवीके सरकार में दामाद बन सकते हैं मंत्री

ध्यान देने वाली बात यह भी है कि सैंटियागो मार्टिन के दामादा आधव अर्जुन टीवीके चीफ जोसेफ विजय के करीबी नेताओं में शामिल हैं। टीवीके राज्य की सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। अनुमान ये है कि राज्य में टीवीके की सरकार बनने पर आधव अर्जुन को विजय की सरकार में अहम जिम्मेदारी भी मिल सकती है।

क्या है इलेक्टोरल बॉन्ड से जुड़ा विवाद?

इलेक्टोरल बॉन्ड का सैंटियागो मार्टिन और इलेक्टोरल बॉन्ड का विवाद मुख्य रूप से फ्यूचर गेमिंग एंड होटल सर्विसेज नामक कंपनी द्वारा खरीदे चुनावी बॉन्ड और उनके खिलाफ लंबित आपराधिक मामलों से जुड़ा है। मार्टिन को भारत का लॉटरी किंग कहा जाता है। चुनाव आयोग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, सैंटियागो मार्टिन की कंपनी फ्यूचर गेमिंग ने 2019 से 2024 के बीच इलेक्टोरल बॉन्ड के माध्यम से ₹1,368 करोड़ से अधिक का चंदा दिया, जो कि किसी भी कॉर्पोरेट इकाई द्वारा दिया गया सबसे बड़ा चंदा है।

मार्टिन की कंपनी पर पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों में अवैध लॉटरी संचालन के आरोप हैं। प्रवर्तन निदेशालय ने उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों की जांच की है और करोड़ों की संपत्ति कुर्क की है। उनकी कंपनी को लेकर विवाद इस बात को लेकर है कि आपराधिक मामलों का सामना कर रहे व्यक्ति ने इतनी बड़ी रकम राजनीतिक दलों को चंदे के रूप में दी, जिससे चंदे के बदले में सुरक्षा या छूट मिलने की आशंका जताई गई है।

सैंटियागो मार्टिन की कंपनी ने केवल एक नहीं, बल्कि विभिन्न राजनीतिक दलों को चंदा दिया है, जो चुनावी फंडिंग में उनकी पैठ को दर्शाता है। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने इलेक्टोरल बॉन्ड की पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी नहीं माना था और इसे असंवैधानिक घोषित किया गया था, जिसके बाद ये आंकड़े सार्वजनिक हुए।

TVK प्रमुख विजय ने तमिलनाडु में सरकार बनाने का दावा किया, राज्यपाल से की मुलाकात

तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) प्रमुख सी. जोसेफ. विजय ने बुधवार को राजभवन जाकर राज्यपाल आरएन रवि से मुलाकात की। राजनेता से नेता बने वविजय ने राज्य में सरकार बनाने का दावा पेश किया। इस मुलाकात में विजय ने औपचारिक रूप से राज्य में बहुमत का समर्थन होने का दावा करते हुए सरकार गठन की प्रक्रिया शुरू करने की मांग रखी। इस कदम को तमिलनाडु की राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम माना जा रहा है क्योंकि TVK ने पहली बार सीधे सरकार बनाने का दावा पेश किया है। पढ़िए पूरी खबर….