शिवसेना यूबीटी के लोकसभा सांसदों के एक गुट के टूटने की बड़ी संभावना है। शिवसेना यूबीटी के प्रवक्ता और राज्यसभा सांंसद संजय राउत के बयान भी इस तरफ इशारा कर रहे हैं। संजय राउत ने बुधवार सुबह राजधानी दिल्ली में लोकसभा स्पीकर से मुलाकात से पहले एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने अपने उन सांंसदों के लिए गालियों का इस्तेमाल किया, जिनके एकनाथ शिंदे की पार्टी में जाने की संभावना जताई जा रही है।
संजय राउत ने दिल्ली में मीडिया से बातचीत में कहा कि सच तो यह है कि राजाभाऊ वाजे की खास तौर पर प्रशंसा और अभिनंदन किया जाना चाहिए। वे पहले दिन से एक ही बात कह रहे हैं कि वे उद्धव बालासाहेब ठाकरे के साथ ही हैं। अभी वे ट्रेन से उतरे राजधानी एक्सप्रेस से, मीडिया उनके कम्पार्टमेंट में घुस गई, वहां भी उनका यही वाक्य था। इसे हम निष्ठा कहते हैं, श्रद्धा कहते हैं।
बिना किसी का नाम लिए अपशब्दों का किया इस्तेमाल
इसके आगे संजय राउत ने कहा, “…आज हम सांसद हैं, कल नहीं होंगे। लेकिन इस पार्टी ने हमें अब तक जो दिया है, वह हम भूल नहीं सकते। बालासाहेब ठाकरे ने हम सबको बच्चों की तरह पाला-पोसा, उद्धव ठाकरे ने हम पर लगातार भाई की तरह प्यार किया। ये *#$%^&*$%# के लोग कौन जा रहे हैं ये…”
संजय राउत द्वारा अपशब्दों का इस्तेमाल किए जाने पर जब किसी ने उन्हें टोका तो उन्होंने कहा, “नहीं, डोंट कट। ये कट मत करना। हां, ये लोग जो हैं, बेईमान लोग हैं। ये बेईमान हैं और बेईमानी उनके खून में है। ऐसा अब लगने लगा है। मैं किसी पार्टी का और किसी व्यक्ति का नाम नहीं ले रहा हूं।”
बेईमानी करने वालों को छोड़ेंगे नहीं- संजय राउत
इसी प्रेस कॉन्फ्रेंस में संजय राउत ने बताया कि 14 तारीख को उनके सभी सांसदों की उद्धव ठाकरे के साथ एक मीटिंग ‘मातोश्री’ में हुई। वहां चार सांसद अरविंद सावंत, अनिल, राजाभाऊ वाजे और संजय दीना पाटिल थे। बाकी लोग थे वर्चुअली जुड़े थे। उस समय सभी नहीं का था कि वो उद्धव ठाकरे के साथ हैं।
संजय राउत ने बताया, “उसमें से एक जो सांसद है, उसने चार बार साईं बाबा की शपथ ली। एक ने माता भवानी की शपथ ली। एक ने मां और बेटी की शपथ ली। एक ने बार-बार अपनी मां की शपथ ली। और उसके बावजूद अगर कोई साईं बाबा, माता भवानी, मां की शपथ लेकर भी कोई शिवसेना जैसी अपनी मां से बेईमानी करना चाहता है तो हम उनको छोड़ेंगे नहीं।”
संजय निरुपम ने किया पलटवार
एकनाथ शिंदे की पार्टी शिवसेना के नेता संजय निरुपम ने संजय राउत द्वारा अपशब्दों के इस्तेमाल पर कहा, “मैं बस इतना कहना चाहूंगा कि संजय राउत जैसे लोग, जो कल तक अपने सांसदों के लिए प्रेम और आदर की भाषा का इस्तेमाल करते थे, आज अपने सांसदों को गाली देने लगे। कल शाम होते-होते तो अपने सांसदों को उन्होंने बिकाऊ तक बता दिया।”
उन्होंने आगे कहा, “…हिंदी में जो मशहूर लाइन है कि, ‘धूल आपके चेहरे पे है और आप आईना साफ कर रहे हैं।’ धूल चेहरे पे थी और ताउम्र हम आईना साफ करते रहे। मतलब, आपकी पूरी पार्टी का नेतृत्व खत्म हो चुका है। आपके नेतृत्व में काम करने की अब क्षमता नहीं है। आपने अपनी पार्टी को हिंदुत्व से तोड़ दिया, जिसकी वजह से आपके कार्यकर्ताओं में, आपके कैडर में, आपके MLAs में, आपके MPs में एक भयंकर असंतोष है, बेचैनी है। आप इस चीज को नहीं पहचान रहे हैं और इसको पहचानने के बजाय आप अपने ही कैडर को दोष दे रहे हैं, उनको गाली दे रहे हैं। ऐसे-ऐसे शब्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं जिसका निश्चित तौर पर सभ्य समाज में इस्तेमाल करना वर्जित है।”
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शिवसेना (यूबीटी) इस समय अपने ही सांसदों के बागी तेवरों की वजह से मझधार में फंसी हुई है। पार्टी के 9 में से 6 सांसद पाला बदलने की तैयारी में बताए जा रहे हैं। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें।
