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आत्‍मकथा में संजय खान का दावा- चिदंबरम को कांग्रेस में वापस लाया, मिला था सांसद बनने का न्यौता

संजय खान अपनी आत्मकथा में दावा करते हैं कि पीवी नरसिम्हा राव के कांग्रेस अध्यक्ष बनने के पीछे भी गुलाम नबी आजाद का हाथ था।

Author November 18, 2018 10:56 AM
फिल्म अभिनेता संजय खान। (file pic)

मशहूर फिल्म अभिनेता संजय खान अपने जमाने के मशहूर और शायद सबसे हैंडसम अभिनेताओं में गिने जाते थे। हाल ही में उनकी आत्मकथा The Big Mistakes of my life रिलीज हुई है। इस आत्मकथा को पढ़कर लगता है कि संजय खान ने बॉलीवुड अभिनेता के तौर पर आकर्षक जीवन जिया है और इस दौरान वह ना सिर्फ भारत में बल्कि अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर भी काफी लोकप्रिय रहे। लेकिन संजय खान ने अपने राजनैतिक जीवन को लेकर भी कुछ खुलासे किए हैं, जिन पर आसानी से यकीन करना थोड़ा मुश्किल है। दरअसल संजय खान ने अपनी आत्मकथा में लिखा है कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद उनके बहुत अच्छे दोस्त हैं और गुलाम नबी आजाद ही वो नेता रहे हैं, जिन्होंने बार-बार कांग्रेस पार्टी को मुश्किलों से निकाला।

द इंडियन एक्सप्रेस में छपे एक लेख के अनुसार, संजय खान अपनी आत्मकथा में दावा करते हैं कि पीवी नरसिम्हा राव के कांग्रेस अध्यक्ष बनने के पीछे भी गुलाम नबी आजाद का हाथ था। संजय खान का कहना है कि कांग्रेस ने एक बार उन्हें भी राज्यसभा और लोकसभा की सीट का ऑफर दिया था। संजय खान कांग्रेस के एक अन्य वरिष्ठ नेता पी.चिदंबरम के कांग्रेस में वापसी कराने का क्रेडिट भी ले रहे हैं। बता दें कि पी.चिदंबरम ने साल 1996 में कांग्रेस से अलग होकर तमिलनाडु में कांग्रेस से ही टूटकर बने क्षेत्रिय गुट ‘तमिल मनीला कांग्रेस’ का दामन थाम लिया था। इसके बाद यह धड़ा साल 1996 में केन्द्र सरकार में भी शामिल रहा। इसी दौरान पी. चिदंबरम पहली बार वित्त मंत्री बने थे और उन्होंने साल 1997 में देश का सबसे ऐतिहासिक बजट पेश किया था। हालांकि गठबंधन की यह सरकार 1998 में ही टूट गई और कुछ समय बाद पी. चिदंबरम फिर से कांग्रेस में शामिल हो गए, जिसका क्रेडिट संजय खान लेने की कोशिश कर रहे हैं।

संजय खान ने अपनी आत्मकथा में दिवंगत उद्योगपति धीरुभाई अंबानी की उस बात का जिक्र भी किया, जिसमें धीरुभाई ने कथित तौर पर कहा था कि सभी मंत्री कुछ नहीं जानते, इसलिए यह महत्वपूर्ण है कि उन्हें सभी बातें डिटेल में समझायी जाएं। संजय खान ने अपनी आत्मकथा में संसद पर हुए हमले का भी एक किस्सा साझा किया है। संजय खान का कहना है कि एक बार भाजपा के एक सांसद ने उनसे कहा था कि जब संसद भवन पर आतंकी हमला हुआ था, उस वक्त लालकृष्ण आडवाणी बतौर गृहमंत्री टेबल के नीचे से सुरक्षा अधिकारियों को निर्देश दे रहे थे। संजय खान ने 1980 के दौरे की उस काली घटना को भी याद किया, जिसमें उन्होंने एक पार्टी में लोगों के सामने मशहूर अभिनेत्री जीनत अमान की पिटाई की थी।

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