तमिलनाडु सरकार के मंत्री वीएमएस मुस्तफा के बयान के बाद भाजपा ने जोरदार हमला किया है। भाजपा ने टीवीके और डीएमके पर विभाजनकारी बयानबाजी करने और हिंदू भावनाओं का अपमान करने का आरोप लगाया। बीजेपी प्रवक्ता सीआर केशवन ने कहा कि टीवीके विधायक के बयान से हिंदू धर्म के करोड़ों लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं, लेकिन उनसे माफी मांगने के बजाय उन्होंने एक बेहद संदिग्ध सफाई देने की कोशिश की है। वहीं, भाजपा नेता नारायणन तिरुपति ने मुस्तफा के बयान की कड़ी आलोचना करते हुए इसे निंदनीय और धार्मिक सद्भाव के लिए हानिकारक बताया।
एक्स पर एक पोस्ट में भाजपा नेता नारायणन तिरुपति ने सवाल उठाया कि क्या मुस्तफा इस्लाम या ईसाई धर्म के खिलाफ भी इसी तरह की टिप्पणियां करेंगे और उन पर हिंदू भावनाओं का अपमान करने का आरोप लगाया। नेता ने यह भी कहा कि ऐसी टिप्पणियां राजनीतिक अहंकार को दर्शाती हैं।
भाजपा नेता ने विजय की इस बात के लिए भी आलोचना की कि उन्होंने न तो मुस्तफा के बयान की निंदा की और न ही उदयनिधि स्टालिन द्वारा सनातन धर्म पर की गई पिछली टिप्पणियों की। एक मुख्यमंत्री के लिए, जो खुद को सभी लोगों का नेता होने का दावा करते हैं, बहुसंख्यक समुदाय की जीवनशैली की आलोचना करने वालों की निंदा न करना उनके उच्च पद के लिए शोभा नहीं देता।
उन्होंने आगे कहा कि सनातन धर्म शाश्वत है और इसे किसी व्यक्ति या राजनीतिक आंदोलन द्वारा नष्ट नहीं किया जा सकता है। उन्होंने आगे कहा कि सनातन धर्म, जो शाश्वत और अनंत है, अतीत में जन्म लेने वाले किसी भी व्यक्ति द्वारा कभी नष्ट या मिटाया नहीं गया है, न ही वर्तमान में जन्म लेने वाला कोई व्यक्ति ऐसा करने में सक्षम है, और न ही भविष्य में जन्म लेने वाला कोई व्यक्ति इसे कभी नष्ट कर पाएगा।
हैदराबाद में भाजपा प्रवक्ता सीआर केशवन ने कहा कि मुस्तफा की दुर्भावनापूर्ण टिप्पणियां सिर्फ आपत्तिजनक ही नहीं हैं, बल्कि अक्षम्य और क्षमा के योग्य नहीं हैं। टीवीके विधायक के बयान से आहत करोड़ों हिंदू धर्म के अनुयायियों से माफी मांगने के बजाय, उन्होंने एक बेहद संदिग्ध स्पष्टीकरण देना चुना। इसके बाद टीवीके से संबंधित एक अन्य मंत्री ने भी कुछ विकृत टिप्पणियां कीं। ये सभी बातें टीवीके नेताओं की घृणा और पूर्वाग्रह से भरी जहरीली राजनीति को उजागर करती हैं।
मुस्तफा ने पिछले दिनों विवादित बयान दिया था। मदुरै सेंट्रल से टीवीके विधायक वीएमएस मुस्तफा ने तमिलनाडु के विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन की सनातन धर्म पर की गई टिप्पणियों पर कहा था कि हम भी पेरियार और अंबेडकर के आदर्शों का अनुसरण करते हैं। हम भी सनातन धर्म को समाप्त करने के अभियान में शामिल हो चुके हैं।
मुस्तफा की यह टिप्पणी डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन द्वारा ‘सनातन धर्म’ पर फिर से जोर देने और विधानसभा में यह घोषणा करने के एक दिन बाद आई है कि “इसे जड़ से खत्म किया जाना चाहिए”। उदयनिधि ने कहा था कि सनातन धर्म समाज में लोगों को विभाजित करता है।
इससे पहले मुख्यमंत्री जोसेफ विजय को मुस्तफा की नियुक्ति को लेकर काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा है। तमिलनाडु की नई सरकार ने राज्य के ‘हिंदू धार्मिक और धर्मार्थ बंदोबस्ती’ (HRCE) विभाग जो हिंदू मंदिरों और उनकी संपत्तियों का प्रबंधन करता है। उसका प्रभार मुस्तफा को सौंपा है। जिसके बाद पूरे देश में इसकी काफी आलोचना हुई।
बता दें, उदयनिधि स्टालिन द्वारा सनातन धर्म पर की गई टिप्पणियों ने अतीत में राजनीतिक विवाद को जन्म दिया है और न्यायिक जांच के दायरे में भी आई हैं। इस साल की शुरुआत में मद्रास हाई कोर्ट की मदुरै बेंच ने विवाद से जुड़े एक मामले की सुनवाई करते हुए कहा था कि उनका एक भाषण “घृणास्पद भाषण” की श्रेणी में आता है।
विजय सरकार ने खातों में भेजे 1000 रुपये, तमिलनाडु में स्कूल-कॉलेज छात्रों को मिली गुड न्यूज़
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने हाल ही में ऐलान किया था कि पिछली सरकार की कल्याणकारी योजनाएं जारी रहेंगी। इसी क्रम में आज तमिल पुधुवन और पुधुमाइपेन (Tamil Pudhuvan – Pudhumaipen) योजनाओं के तहत छात्रों के खातों में 1000 रुपये की छात्रवृत्ति राशि ट्रांसफर की गई। पढ़ें पूरी खबर।
