संयुक्त किसान मोर्चा ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील को किसानों के साथ ‘ऐतिहासिक विश्वासघात’ बताया है। मोर्चा ने मोदी सरकार की कड़ी आलोचना की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आगे बेशर्मी से झुकने का आरोप लगाया।

मोर्चा ने मंगलवार को जारी किए गए एक बयान में प्रधानमंत्री को पिछले साल स्वतंत्रता दिवस पर उनके द्वारा दिए गए भाषण की याद दिलाई है।

मोर्चा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से घोषणा की थी कि वे किसानों के हितों की रक्षा के लिए व्यक्तिगत रूप से भारी कीमत चुकाने को तैयार हैं।

भारत-अमेरिका ट्रेड डील के बीच कई सवाल बाकी

कृषि क्षेत्र बर्बाद हो जाएगा- मोर्चा

संयुक्त किसान मोर्चा ने दावा किया कि ट्रेड डील से अमेरिका को भारतीय बाजारों में ज्यादा सब्सिडी वाले कृषि उत्पादों को लाने की अनुमति मिल जाएगी, जिससे देश का कृषि क्षेत्र बर्बाद हो जाएगा।

भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील पर सहमति बन गई है जिसके तहत वाशिंगटन भारतीय वस्तुओं पर लगाये जाने वाले शुल्क को मौजूदा 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर देगा। संयुक्त किसान मोर्चा ने इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “मोर्चा मोदी सरकार द्वारा अमेरिकी वस्तुओं पर शून्य प्रतिशत आयात शुल्क की अनुमति देने और अमेरिकी साम्राज्यवाद के दबाव के आगे झुकने को जनता, विशेषकर किसानों के साथ विश्वासघात के रूप में देखता है।”

संयुक्त किसान मोर्चा ने मोदी सरकार द्वारा कुछ साल पहले लाए गए तीन कृषि कानूनों के विरोध में हुए प्रदर्शनों का नेतृत्व किया था।

मोर्चा ने कहा, “इस ट्रेड डील से भारतीय बाजारों में ज्यादा सब्सिडी वाले अमेरिकी कृषि उत्पाद उतर जाएंगे और भारत के पूरे किसान वर्ग को तबाह कर देंगे।”

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