संयुक्त किसान मोर्चा, ऑल इंडिया किसान सभा समेत कई किसान संगठनों ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील की आलोचना की है। किसान संगठनों ने कहा है कि इस डील के खिलाफ देश भर में विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे।

संयुक्त किसान मोर्चा ने वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल के तत्काल इस्तीफे की मांग की है। मोर्चा के नेताओं ने प्रेसवार्ता में कहा कि देशभर के गांवों में विरोध प्रदर्शन होंगे और वे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पुतले जलाएंगे। मोर्चा ने 12 फरवरी की आम हड़ताल को भी अपना समर्थन दिया।

अखिल भारतीय किसान सभा के नेता कृष्ण प्रसाद ने कहा कि इस ट्रेड डील का कृषि क्षेत्र पर गहरा असर पड़ेगा क्योंकि इससे ‘ड्राइड डिस्टिलियर्स ग्रेन’, पशुओं के चारे के लिए लाल ज्वार और सोयाबीन तेल जैसी वस्तुओं के लिए बाजार खुलेंगे। उन्होंने यह भी दावा किया कि इससे डेयरी क्षेत्र पर भी असर पड़ेगा।

भारत-अमेरिका ट्रेड डील कैसे हुई फाइनल? 

ट्रंप और मोदी के फूंके जाएंगे पुतले

क्रांतिकारी किसान यूनियन (पंजाब) के नेता दर्शन पाल ने कहा कि संगठन के सदस्य विरोध प्रदर्शन के तौर पर ट्रंप और मोदी के पुतले फूंकेंगे। उन्होंने कहा कि इस डील से उन किसानों पर और भी बुरा असर पड़ेगा जो पहले से ही कम आय और कर्ज चुकाने में असमर्थता जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं।

राकेश टिकैत ने किया आह्वान

भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) के नेता राकेश टिकैत ने कहा कि गांवों में लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि इन समझौतों का उन पर क्या प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने किसानों से इन समझौतों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में शामिल होने का आह्वान किया। एसकेएम (गैर-राजनीतिक) ने एक बयान में यह भी कहा कि वह जल्द ही एक बैठक आयोजित करेगा और भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन की घोषणा करेगा।

केंद्रीय मजदूर संघों (सीटीयू) और क्षेत्रीय संघों एवं संगठनों के संयुक्त मंच ने लेबर कोड और व्यापार समझौतों को लागू किए जाने के विरोध में 12 फरवरी को एक दिवसीय आम हड़ताल की घोषणा की है।

यह भी पढ़ें- भारत-अमेरिका ट्रेड डील के बीच कई सवाल बाकी