बिहार में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है। राज्य के कई जिलों में लाखों लोग बाढ़ की चपेट में हैं और नदियां कई जगहों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। इसी बीच बाढ़ को लेकर अब सियासी बयानबाजी भी तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री और आरजेडी नेता राबड़ी देवी ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर तंज कसते हुए बाढ़ के पानी और सरकार की तैयारियों को लेकर निशाना साधा।
राबड़ी देवी ने बाढ़ की स्थिति को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, “सम्राट चौधरी पिएगा पानी सब बिहार के।” उनके इस तंज को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की बाढ़ प्रभावित इलाकों की निगरानी और सरकार के राहत-बचाव इंतजामों पर कटाक्ष के तौर पर देखा जा रहा है।
34 लाख से ज्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित
बता दें, बिहार में बाढ़ का दायरा लगातार बढ़ रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, राज्य के 13 जिलों में करीब 34.31 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। इनमें पटना, भागलपुर, वैशाली, सारण, बेगूसराय, खगड़िया और मुंगेर समेत कई जिले शामिल हैं। करीब 480 ग्राम पंचायतें बाढ़ की चपेट में हैं।
गंगा समेत कई प्रमुख नदियां अलग-अलग स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। गंडक, कोसी, बूढ़ी गंडक, पुनपुन, बागमती और घाघरा के जलस्तर ने भी प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। भागलपुर के सुल्तानगंज में मंगलवार को गंगा का जलस्तर बाढ़ के निशान को पार कर गया, जिसके बाद निचले इलाकों में अलर्ट जारी किया गया।
नाव पलटी, SDRF ने 10 लोगों को बचाया
भागलपुर के बाढ़ प्रभावित खरीक राघोपुर इलाके में मंगलवार सुबह एक छोटी नाव पलट गई। नाव में सवार सभी 10 लोगों को राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) के जवानों ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया। प्रशासन की ओर से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगातार राहत और बचाव अभियान चलाया जा रहा है।
अब तक प्रभावित लोगों के बीच करीब 1.29 लाख पॉलीथिन शीट और लगभग 22,900 सूखा राशन पैकेट वितरित किए जा चुके हैं। लोगों के आवागमन और निकासी के लिए 1,832 नावें चलाई जा रही हैं। पशुओं के लिए 3,142 क्विंटल चारा भी वितरित किया गया है। राहत-बचाव के लिए 27 SDRF और 10 NDRF टीमें तैनात हैं।
बाढ़ प्रभावित इलाकों में पहुंचे सम्राट चौधरी
वहीं, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को वैशाली और सारण के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया। उन्होंने हाजीपुर और सोनपुर में राहत शिविरों का निरीक्षण कर वहां भोजन, स्वास्थ्य, शिक्षा और रहने की व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
मुख्यमंत्री ने राहत शिविर में प्रभावित लोगों के साथ भोजन भी किया और अधिकारियों को जरूरी सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बाढ़ से फसलों को हुए नुकसान का आकलन कराया जाएगा और प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिया जाएगा।
‘अगले दो-तीन दिनों में स्थिति सुधरने की उम्मीद’
सम्राट चौधरी ने कहा कि गंगा के जलस्तर में करीब 17 से 18 सेंटीमीटर की कमी आई है, हालांकि फरक्का बैराज से अब भी करीब 15 लाख क्यूसेक पानी लगातार छोड़ा जा रहा है। उन्होंने अगले दो-तीन दिनों में स्थिति में और सुधार की संभावना जताई। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार बाढ़ की समस्या का स्थायी समाधान तलाशने की दिशा में काम कर रही है और इस संबंध में केंद्रीय जल आयोग के साथ भी बातचीत हुई है।
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