Sampark for Samarthan Campaign Central Minister Nitin Gadkari meets Salman Khan and Salim Khan people ask will Arbaz Khan be freed - सलमान और सलीम खान से मिले नितिन गडकरी, टि्वटर यूजर्स ने पूछा- अब अरबाज बच जाएगा क्या? - Jansatta
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सलमान और सलीम खान से मिले नितिन गडकरी, टि्वटर यूजर्स ने पूछा- अब अरबाज बच जाएगा क्या?

'संपर्क फॉर समर्थन' अभियान के तहत केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बॉलीवुड स्टार सलमान खान और सलीम खान से मुलाकात की। केंद्रीय मंत्री ने इस दौरान बॉलीवुड अभिनेता को मोदी सरकार के कामकाज का ब्योरा भी सौंपा।

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सलमान खान और सलीम खान से मुलाकात की।

मोदी सरकार की उपलब्धियों के बारे में देश की जानी-मनी हस्तियों को जानकारी देने के लिए भाजपा की ओर से शुरू किया गया ‘संपर्क फॉर समर्थन’ जारी है। केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने इसके तहत शुक्रवार (8 जून) को बॉलीवुड के सुपरस्टार सलमान खान और उनके पिता सलीम खान से मुलाकात की। केंद्रीय मंत्री ने इस दौरान सलीम और सलमान को मोदी सरकार का रिपोर्ट कार्ड भी पेश किया। हालांकि, इसको लेकर सोशल साइट पर नई बहस शुरू हो गई। लोग पूछने लगे कि क्या अब सलमान के भाई अरबाज खान बच जाएंगे? मालूम हो कि आईपीएल मैचों के दौरान सट्टा लगाने के मामले में अरबाज का नाम सामने आया है। इस मामले में वह पुलिस के समक्ष पेश भी हो चुके हैं। अविनाश सिंह ने ट्वीट किया, ‘अब अरबाज खान बच जाएंगे…उनकी व्यवस्था हो गई है।’ वहीं, सौरव ने लिखा, ‘इसका मतलब अरबाज बरी हुआ।’ कुछ लोगों ने सिर्फ प्रभावशाली लोगों से मुलाकात करने पर भी टिप्पणी की है। दिनेश विमल ने ट्वीट किया, ‘सिर्फ धनी-मानी सेलेब्रिटी से ही क्यों मिला जा रहा है? यदि आपने कुछ हासिल किया है तो आमलोगों को उसके बारे में बताइए…नहीं तो चिंता करने की कोई बात नहीं है, क्योंकि यदि जमीन पर काम हुआ होगा तो लोग वैसे भी जान जाएंगे।’

‘संपर्क फॉर समर्थन’ अभियान के तहत केंद्र के वरिष्ठ मंत्री और भाजपा के शीर्ष नेता अब तक देश के कई प्रभावशाली लोगों से मुलाकात कर चुके हैं। अभियान की शुरुआत करते हुए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल दलबीर सिंह सुहाग से मुलाकात की थी। शाह ने इसके बाद जानेमाने उद्योगपति रतन टाटा और बॉलीवुड अभिनेत्री माधुरी दीक्षित से भी मुलाकता की। अब नितिन गडकरी ने सलमान खान से उनके आवास पर भेंट की है। लोकसभा चुनावों से ठीक पहले भाजपा ने जनसंपर्क अभियान के तहत इसकी शुरुआत की है। बता दें कि वर्ष 2019 में होने वाले आमचुनावों के लिए गोलबंदी शुरू हो चुकी है। विभिन्न दल अपने-अपने तरीके से इसकी तैयारियों में जुट गए हैं। देश की दो प्रमुख राष्ट्रीय पार्टियां भाजपा और कांग्रेस के बीच इससे पहले तीन राज्यों की विधानसभा चुनावों में भी सीधा मुकाबला होगा। राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में इसी साल विधानसभा चुनाव होने हैं। तीनों राज्यों में भाजपा की सत्ता है। भाजपा के सामने तीनों राज्यों में वापसी करना बड़ी चुनौती होगी। वहीं, मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस सत्तारूढ़ भाजपा के खिलाफ ताबड़तोड़ अभियान चला रही है।

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