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जाना था दिल्‍ली, पर गुरुग्राम के किसी और सुहाग के घर की ओर चल पड़े अमि‍त शाह

भाजपा ने इन दिनों 'संपर्क फॉर समर्थन' अभियान चला रखा है। इस सिलसिले में भाजपा के राष्‍ट्रीय मीडिया प्रमुख अनिल बलूनी ने सोमावार (28 मई) को बताया था कि भाजपा अध्‍यक्ष अमित शाह मंगलवार (29 मई) सुबह 11 बजे दलबीर सिं‍ह सुहाग से गुरुग्राम के सेक्‍टर-46 स्थित उनके आवास पर जाकर मिलेंगे। हालांकि, पूर्व सेनाध्‍यक्ष दिल्‍ली कैंट में रहते हैं।

Author नई दिल्‍ली | May 31, 2018 4:04 PM
भाजपा अध्यक्ष ने शुरु किया संपर्क फॉर समर्थन अभियान। (image source-ANI)

भाजपा ने इन दिनों ‘संपर्क फॉर समर्थन’ अभियान चला रखा है। इसके तहत भाजपा का कोई बड़ा नेता देश की जानीमानी हस्तियों से सीधे मुलाकात कर उन्‍हें मोदी सरकार के चार साल के कार्यकाल में किए गए काम के बारे में जानकारी दे रहे हैं। इसके तहत भाजपा के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष अमित शाह ने पूर्व सेनाध्‍यक्ष दलबीर सिंह सुहाग के घर पहुंच कर उन्‍हें मोदी सरकार का रिपोर्ट कार्ड सौंपा था। इस दौरान एक दिलचस्‍प वाकया हुआ। अमित शाह जनरल सुहाग (रिटायर्ड) से मिलने जाने वाले थे, लेकिन पूर्व सेनाध्‍यक्ष को ही इस बात की जानकारी नहीं थी। भाजपा के राष्‍ट्रीय मीडिया प्रमुख अनिल बलूनी ने सोमावार (28 मई) को बताया था कि भाजपा अध्‍यक्ष अमित शाह मंगलवार (29 मई) सुबह 11 बजे दलबीर सिं‍ह सुहाग से गुरुग्राम के सेक्‍टर-46 स्थित उनके आवास पर जाकर मिलेंगे और संपर्क अभियान की शुरुआत करेंगे। लेकिन, इस पते पर पूर्व सेनाध्‍यक्ष नहीं, बल्कि सेना के एक अन्‍य रिटायर्ड अधिकारी मेजर जनरल भीम सिंह सुहाग रहते हैं। बताया जाता है कि इन्‍हें ही दलबीर सुहाग समझकर भाजपा नेता उनसे संपर्क साधते रहे थे। इसकी सूचना स्‍थानीय प्रशासन को भी दी गई थी, जिसके बाद भीम सिंह सुहाग के आवास और आसपास के इलाके की सुरक्षा सख्‍त कर दी गई थी। गुरुग्राम पुलिस के जवानों को भी वहां तैनात कर दिया गया था। इलाके में आला अधिकारियों के आने-जाने का सिलसिला भी शुरू हो गया था। लेकिन, ऐन वक्‍त पर सही जानकारी मिलने के बाद अमित शाह पूर्व सेनाध्‍यक्ष के दिल्‍ली स्थित आवास पर पहुंचे थे। संयोग से दलबीर सिंह सुहाग और भीम सिंह सुहाग एक ही गांव के निवासी हैं।

दिल्‍ली में रहते हैं पूर्व सेनाध्‍यक्ष सुहाग: पूर्व सेनाध्‍यक्ष जनरल दलबीर सिंह सुहाग गुरुग्राम में नहीं, बल्कि दिल्‍ली कैंट इलाके में स्थित सरकारी आवास में रहते हैं। सेनाध्‍यक्ष को रिटायरमेंट के बाद आमतौर पर एक साल के लिए सरकारी आवास की सुविधा मुहैया कराई जाती है। भाजपा नेताओं को जब इस बात का पता चला तो आनन-फानन में पार्टी अध्‍यक्ष के काफिले को दिल्‍ली कैंट की ओर मोड़ा गया। पूर्व सेनाध्‍यक्ष ने बाद में बताया कि बताया कि मेजर जनरल (रिटायर्ड) भीम सिंह सुहाग ढेढ़ से दो दशक पहले सेना से रिटायर हुए थे। उनके मुताबिक, भीम सिंह को ही दलबीर सुहाग समझकर उनसे संपर्क साधते रहे थे।

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