ताज़ा खबर
 

समझौता एक्सप्रेस विस्फोट: असीमानंद की जमानत को चुनौती नहीं देगी एनआइए

सरकार ने बुधवार को राज्यसभा को बताया कि राष्ट्रीय जांच एजंसी (एनआइए) ने समझौता एक्सप्रेस विस्फोट मामले में मुख्य आरोपी असीमानंद की जमानत को चुनौती नहीं देने का फैसला किया है..

Author नई दिल्ली | December 24, 2015 1:11 AM
समझौता एक्सप्रेस विस्फोट मामले में मुख्य आरोपी असीमानंद

सरकार ने बुधवार को राज्यसभा को बताया कि राष्ट्रीय जांच एजंसी (एनआइए) ने समझौता एक्सप्रेस विस्फोट मामले में मुख्य आरोपी असीमानंद की जमानत को चुनौती नहीं देने का फैसला किया है। इन विस्फोटों में 68 लोग मारे गए थे। गृह राज्यमंत्री हरिभाई पारथीभाई चौधरी ने प्रमोद तिवारी के सवाल के लिखित जवाब में कहा कि पंजाब एवं हरियाणा हाइ कोर्ट का एक मई 2015 का लिखित आदेश एनआइए को पांच मई 2015 को मिला। एनआइए ने अपने विधिक प्रभाग के साथ विमर्श कर इसका अध्ययन किया। चौधरी ने कहा कि एनआइए ने पंजाब एवं हरियाणा हाइ कोर्ट के 28 अगस्त 2014 के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दायर नहीं करने का फैसला किया क्योंकि उनके मतानुसार आदेश को चुनौती देने के लिए कोई विधिक आधार नहीं था।

उन्होंने कहा कि अन्य अभियुक्त नबा कुमार सरकार अभी जेल में है क्योंकि वह अजमेर विस्फोट मामले में भी अभियुक्त है जिसमें उसे जमानत नहीं मिली है। इसके अतिरिक्त, उसने पंजाब एवं हरियाणा हाइ कोर्ट द्वारा निर्धारित जमानत संबंधी शर्तों का पालन नहीं किया है और इसलिए वह समझौता एक्सप्रेस विस्फोट मामले में भी न्यायिक हिरासत में है। दिल्ली-लाहौर समझौता एक्सप्रेस ट्रेन में 18 फरवरी 2007 को पानीपत के नजदीक दो बम विस्फोट हुए थे, जिनमें 68 लोग मारे गए थे और 12 अनय घायल हुए थे।

एक अन्य सवाल के जवाब में चौधरी ने कहा कि खतरनाक आतंकी संगठन आइएस का समर्थन करने वाले कुछ तत्वों ने हिंदी और तमिल सहित कई क्षेत्रीय भाषाओं में संदेश पोस्ट किए हैं। उन्होंने बताया कि खुफिया सूचनाओं के अनुसार आइएस समर्थक तत्वों ने सोशल मीडिया पर हिन्दी, उर्दू, तमिल, गुजराती और अंग्रेजी में संदेश पोस्ट किए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार स्थिति पर करीब से नजर रखे हुए है और खुफिया और सुरक्षा एजंसियों को निर्देश दिया गया है कि वे संभावित भर्ती होने वाले लोगों की पहचान करें और उन पर नजर रखें। मंत्री ने कहा कि साइबर स्पेस पर भी नजर रखी जा रही है। चौधरी ने कहा कि आइएस उन 39 संगठनों में से एक है जिन्हें गैर कानूनी गतिविधि (रोकथाम) कानून के तहत गैर कानूनी घोषित किया गया है।

भाजपा सदस्य लाल सिंह वडोदिया के सवाल के लिखित जवाब में गृह राज्यमंत्री ने बताया कि कश्मीर घाटी में इस साल 79 युवक विभिन्न आतंकी संगठनों में शामिल हुए हैं। यह आंकड़ा पिछले स