जब पेगासस पर अमिश के शो में बोले संबित- राहुल डर से नहीं करा रहे FIR,या तो फोन उनके नाम पर नहीं या फिर उसमें आपत्तिजनक चीजें

बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने पेगासस मामले को लेकर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी का घेराव किया। उन्होंने सवाल किया कि क्या कारण है कि राहुल गांधी पेगासस को लेकर FIR दर्ज नहीं करा रहे हैं।

Sambit Patra, Rahul Gandhi
राहुल गांधी (बाएं), संबित पात्रा (दाएं)। Photo Source- Rahul Gandhi

पेगासस स्पाईवेयर के जरिए जासूसी का मामला शांत होने का नाम नहीं ले रहा है, जहां विपक्ष इस मुद्दे पर सरकार का घेराव करने में जुटा हुआ है तो वहीं दूसरी तरफ बीजेपी नेता भी इस मामले पर कदम पीछे करते हुए नहीं दिखाई दे रहे हैं। समाचार चैनल न्यूज 18 में अमिश देवगन के शो ‘आर-पार’ में बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने इस मसले को लेकर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी का घेराव किया। उन्होंने सवाल किया कि क्या कारण है कि राहुल गांधी पेगासस को लेकर FIR दर्ज नहीं करा रहे हैं।

बीजेपी नेता ने इसके पीछे के दो संभावित कारणों को गिनाते हुए कहा कि या तो राहुल गांधी के फोन में कुछ ऐसी आपत्तिजनक चीजें हैं, जिनके सामने आने का डर हो या फिर फोन उनके नाम पर ही नहीं है। बकौल संबित, अगर राहुल अपने नाम के फोन का इस्तेमाल नहीं करते हैं तो जांच में यह बात भी सामने आ जाएगी। संबित पात्रा, मानसून सत्र के हंगामे की भेंट चढ़ जाने को लेकर अपनी राय रख रहे थे।

बीजेपी नेता के हमले पर कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने पलटवार करते हुए कहा कि बीजेपी सदन की गरिमा का कितना ख्याल रखती है यह बात सबको पता है। सरकार ने 76-80 अध्यादेश ला चुकी है, जोकि 10 साल के सदन से ज्यादा है। उन्होंने कहा तीनों कृषि कानून सरकार अध्यादेश के माध्यम से लाई, इससे साफ होता है कि सरकार सदन चलने देना नहीं चाहती है। उनके इस तर्क पर एंकर ने पूछा कि उस वक्त कांग्रेस को किसकी गरिमा का ख्याल था जब राहुल गांधी ने सबके सामने एक अध्यादेश को फाड़ दिया था।

सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि पहले सरकार से जब कोरोना पर सवाल पूछा जाता था तो वह बगलें झांकती थी, आज जब विपक्ष अपनी मांगे रख रहा है तो उसे संसद की गरिमा का पाठ पढ़ाया जा रहा है।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पेगासस मामले पर जारी विपक्ष के विरोध के बीच मानसून सत्र का दूसरा हफ्ता भी हंगामे की भेट चढ़ चुका है। जानकारी के मुताबिक सरकार तय समय से पहले ही सत्र को खत्म कर सकती है। सरकार का कहना है कि वह मानसून सत्र में पेगासस को छोड़कर जनता से सीधे संबंधित किसी भी मुद्दे पर बात करने के लिए तैयार है। मानसून सत्र की शुरुआत 19 जुलाई से हुई थी, यह 13 अगस्त तक चलेगा।

पढें राष्ट्रीय समाचार (National News). हिंदी समाचार (Hindi News) के लिए डाउनलोड करें Hindi News App. ताजा खबरों (Latest News) के लिए फेसबुक ट्विटर टेलीग्राम पर जुड़ें।

अपडेट