ताज़ा खबर
 

मोहन भागवत आरक्षण के खिलाफ… डिबेट में बोले प्रवक्ता तो एंकर ने टोका- मैं समझ गया आपकी बात

एंकर ने सपा प्रवक्ता से सवाल पूछते हुए कहा कि अगर उत्तरप्रदेश की योगी सरकार नौकरियों में स्थानीय लोगों को आरक्षण देती है तो आप उसका विरोध करेंगे।

rss, SP , mohan bhagwatसपा प्रवक्ता ने टीवी डिबेट में कहा कि मोहन भागवत आरक्षण के खिलाफ हैं। (फोटो-पीटीआई)

आज सुप्रीम कोर्ट ने मराठा आरक्षण के मामले की सुनवाई के दौरान सभी राज्यों से जवाब मांगा है। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट इस बात पर भी विचार करेगा कि क्या कोई भी राज्य अपनी तरफ से किसी वर्ग को पिछड़ा घोषित करके आरक्षण दे सकता है। इसी मुद्दे पर एक टीवी डिबेट में चर्चा के दौरान सपा प्रवक्ता ने कहा कि संघ प्रमुख मोहन भागवत आरक्षण के खिलाफ हैं। प्रवक्ता के इतना कहते ही एंकर ने उन्हें टोकते हुए कहा कि मैं आपकी बात समझ गया।

दरअसल टीवी चैनल न्यूज 24 पर आयोजित एक डिबेट शो में एंकर मानक गुप्ता ने सपा प्रवक्ता से सवाल पूछते हुए कहा कि अगर उत्तरप्रदेश की योगी सरकार नौकरियों में स्थानीय लोगों को आरक्षण देती है तो आप उसका विरोध करेंगे। इसके जवाब में सपा प्रवक्ता मनोज सिंह ने कहा कि हम यह चाहते हैं कि देश के हर नौजवान को किसी भी हिस्से में नौकरी करने का अवसर मिले। आगे मनोज ने कहा कि यूपी में क्या हालात है, इसके बारे में तो आप रोज टीवी पर दिखा रहे हैं। 

इसके अलावा मनोज सिंह ने कहा कि पिछले दिनों उत्तरप्रदेश में जब 69500 शिक्षकों की भर्ती हुई तो सुप्रीम कोर्ट ने आरक्षण की अवहेलना को लेकर सरकार को जमकर फटकार लगाई। उत्तरप्रदेश और केंद्र में संघ की सरकार है और मोहन भागवत जी आरक्षण के खिलाफ हैं। मोहन भागवत इसके बारे में बयान भी दे चुके हैं। मनोज सिंह के इतना कहते ही एंकर मानक गुप्ता ने उनको बीच में टोकते हुए कह दिया कि मैं आपकी बात समझ गया। आपका क्लियर स्टैंड है कि जातियों के आधार पर पिछड़ी जातियों को जो आरक्षण मिल रहा है वो मिलते रहना चाहिए।

मानक गुप्ता के इतना कहने के बाद सपा प्रवक्ता मनोज सिंह ने कहा कि हमारा क्लियर स्टैंड इस बात पर है कि जिसकी जितनी संख्या भारी उसकी उतनी हिस्सेदारी। इसके बाद जब मानक ने कहा कि आप यही कहना चाह रहे हैं कि जातियों के आधार पर ही आरक्षण मिलना चाहिए तो मनोज ने जवाब देते हुए कहा कि आप प्रबुद्ध पत्रकार हैं और सारी बातों को समझते हैं। 

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट में 5 जजों की बेंच ने मराठा आरक्षण को लेकर सुनवाई शुरू की है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सभी राज्यों को नोटिस जारी किया है। अभी देशभर के कई राज्यों में 50 प्रतिशत से ज्यादा आरक्षण दिया जा रहा है। इसलिए कोर्ट 50 प्रतिशत से ज्यादा आरक्षण के मामलों में सभी राज्यों के पक्ष को जानना चाहती है।

Next Stories
1 रोहित सरदाना ने पूछा- जनता का कितना तेल निकालेंगे? बीजेपी के सुधांशु त्रिवेदी बोले- वे भी तो निकाल रहे
2 Times Now-CVoter Opinion Poll: तमिलनाडु में बन सकती है UPA सरकार, करीब 40% लोग मौजूदा CM से नाराज
3 तमिलनाडु में भी चुनाव लड़ेंगे ओवैसी, AMMK से हुआ गठबंधन; इतनी सीटों पर चुनाव लड़ेगी
ये पढ़ा क्या?
X