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VIDEO: सपा सांसद नरेश अग्रवाल ने पीएम के लिए किया जातिसूचक शब्द का इस्तेमाल, सभा में हुआ हंगामा

समाजवादी पार्टी के सांसद नरेश अग्रवाल ने एक सभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर जातिसूचक शब्द का इस्तेमाल किया, इस पर सभा में हंगामा मच गया। नरेश अग्रवाल वैश्य समाज की एक बैठक संबोधित कर रहे थे।

सपा सांसद नरेश अग्रवाल।(फाइल फोटो: विशाल श्रीवास्तव/इंडियन एक्सप्रेस)

समाजवादी पार्टी के सांसद नरेश अग्रवाल ने एक सभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर जातिसूचक शब्द का इस्तेमाल किया, इस पर सभा में हंगामा मच गया। नरेश अग्रवाल वैश्य समाज की एक बैठक को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जाति बताने लगे। नरेश अग्रवाल के विवादास्पद बयान का वीडियो शनिवार (10 फरवरी) को ‘उत्तर प्रदेश ओआरजी’ नाम के यूट्यूब चैनल पर जारी किया गया। वीडियो में कई लोग नरेश अग्रवाल के बयान पर भड़के हुए और हंगामा करते हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में नरेश अग्रवाल यह कहते हुए भी दिखाई दे रहे हैं कि मीडिया वाले सब बाहर हों। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक लखनऊ में अखिल भारतीय वैश्य महासम्मेलन का अधिवेशन रखा गया था। इसमें नरेश अग्रवाल बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे थे। नरेश अग्रवाल ने प्रधानमंत्री मोदी के लिए जाति सूचक शब्द का इस्तेमाल करते हुए उन्हें वैश्य समाज का हिस्सा मानने से इंकार कर दिया था।

नरेश अग्रवाल के बयान पर सभा में मौजूद साहू समाज के लोगों ने आपत्ति जताई थी और उनसे से मांफी मांगने की मांग की थी। नरेश अग्रवाल से जब पत्रकारों ने इस बारे में बात की तो उन्होंने कहा कि हर नेता की एक जाति होती है, इसमें नया कुछ भी नहीं है। कार्यक्रम में नरेश अग्रवाल ने कांग्रेस पर भी वैश्य समाज की उपेक्षा करने का आरोप लगाया। बता दें कि सपा सांसद नरेश अग्रवाल पहले भी कई दफा अपने बयानों को लेकर विवादों में रह चुके हैं। पिछले साल दिसंबर में नरेंश अग्रवाल ने पाकिस्तान की जेल मे बंद पूर्व भारतीय नौसेना अधिकारी कुलभूषण जाधव को लेकर विवादित बयान दिया था। नरेश अग्रवाल ने कहा था कि किस देश की क्या नीति है, वो देश जानता है। अगर पाकिस्तान ने कुलभूषण जाधव को अपने देश में आतंकवादी माना है, तो उस हिसाब से व्यवहार करेगा।

पिछले साल जुलाई में नरेश अग्रवाल ने संसद में जन्मभूमि को मुद्दे पर कहा था कि कुछ लोग हिंदू धर्म के ठेकेदार हो गए हैं। 1991 में जब राम जन्मभूमि का आंदोलन चल रहा था तो उस समय जनता के बीच उन्हें सफाई देनी पड़ती थी। वह एमएलए का चुनाव लड़ रहे थे, बीजेपी के कुछ ठेकेदार थे, जो खुद को बीजेपी और वीएचपी का बताते थे। उस समय बीजेपी के लोग कहते थे कि उनका सर्टिफेकेट लेकर नहीं आने वाला हिंदू नहीं। उन्होंने कुछ बातों का जिक्र करते हुए कहा था कि इन्हें रामभक्तों ने जेल की दीवारों पर लिखा था।

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