गठबंधन की अटकलों के बीच मुलायम सिंह यादव के जन्मदिन पर चाचा भतीजा दिखेंगे अलग-अलग, सैफई में दंगल कराएंगे शिवपाल यादव, अखिलेश काटेंगे केक

बता दें कि यूपी में 2022 में विधानसभा चुनाव होने हैं। इसको देखते हुए शिवपाल यादव बार-बार सपा में अपनी पार्टी का विलय और गठबंधन करने की संभावना की बात कहते रहे हैं। हालांकि अभी कोई तस्वीर स्पष्ट रूप से सामने नहीं आई है।

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साल 2017 में कई महीनों की खटपट के बाद यादव कुनबे में फूट पड़ गई थी(फोटो सोर्स: PTI/फाइल)।

समाजवादी पार्टी के संरक्षक और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव का 22 नवंबर सोमवार को 82वां जन्मदिन सपा की तरफ से पूरे प्रदेश में मनाया जायेगा। इसको लेकर पार्टी के वरिष्ठ नेता और प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने जानकारी दी कि लखनऊ के विक्रमादित्य मार्ग स्थित पार्टी कार्यालय में मुख्य समारोह होगा।

वहीं यूपी के आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए माना जा रहा था कि मुलायम सिंह यादव के जन्मदिन पर अखिलेश यादव और उनके चाचा शिवपाल यादव के बीच दूरियां खत्म हो जाएंगी। कहा जा रहा था कि जन्मदिन के मौके पर शिवपाल की पार्टी का सपा में विलय या फिर गठबंधन को लेकर बात बन जाएगी लेकिन खबरों के मुताबिक अखिलेश यादव इसके लिए राजी नहीं हुए।

बता दें कि मुलायम सिंह यादव के जन्मदिन के मौके पर जहां अखिलेश यादव लखनऊ में पार्टी कार्यक्रम में केक काटेंगे तो वहीं शिवपाल यादव आज सुबह सैफई के चंदगीराम स्टेडियम में दंगल का आयोजन करा रहे हैं। ऐसे में साफ है कि दोनों, सपा संरक्षक का जन्मदिन अलग-अलग मनाएंगे। बता दें कि इससे पहले रविवार को सैफई में शिवपाल यादव ने कवि सम्मेलन का आयोजन किया था। इस कार्यक्रम में भी अखिलेश यादव ने शिरकत नहीं की थी।

बता दें कि यादव परिवार में साल 2017 में कई महीनों की खटपट के बाद फूट पड़ गई थी। जिसके बाद शिवपाल यादव ने अपनी अलग पार्टी प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) बना ली। तब से ही दोनों के बीच मन मुटाव बना हुआ है। हालांकि कई मौकों पर शिवपाल यादव सपा में विलय या गठबंधन की बात कह चुके हैं। यहां तक कि उन्होंने अखिलेश यादव से मुलाकात का भी समय मांगा लेकिन दोनों की मुलाकात नहीं हो पाई।

बीते दिनों इटावा में अखिलेश ने शिवपाल यादव की पार्टी से गठबंधन को लेकर कहा गया था कि “सपा अधिक क्षेत्रीय और छोटे संगठनों के साथ गठबंधन करने की कोशिश करेगी, जाहिर है कि चाचा शिवपाल की भी एक राजनीतिक पार्टी है, हम उनके साथ भी गठबंधन करने की कोशिश करेंगे और उन्हें समाजवादी लोगों से अधिकतम सम्मान मिलेगा। मैं इसका आश्वासन देना चाहता हूं।”

फिलहाल मौजूदा स्थिति में शिवपाल और अखिलेश के बीच बात बनती नहीं दिख रही है। ऐसे में साफ है कि यूपी चुनाव में दोनों अलग रहकर ताल ठोकेंगे।

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