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आर्म्स एक्ट मामले में फैसला आज, सलमान खान दोषी साबित हुए तो सात साल तक हो सकती है कैद

खान और उनकी बहन अलवीरा मंगलवार शाम यहां पहुंचे थे। सलमान खान अपने बॉडीगार्ड के साथ हरी महल पैलेस होटल में रुके हैं।

राजस्थान हाई कोर्ट ने 25 जुलाई को हिरण शिकार केस में सलमान खान को बरी कर दिया था।

अभिनेता सलमान खान के खिलाफ दर्ज शस्त्र अधिनियम के मामले में जोधपुर की अदालत आज (18 जनवरी) 11 बजे अपना फैसला सुनाएगी। सलमान खान के खिलाफ दर्ज 4 मामलों से यह एक है। अगर वह इस मामले में दोषी पाए जाते हैं तो उन्हें 3 से लेकर 7 साल तक की सजा हो सकती है। अगर सलमान खान को कोर्ट तीन साल से अधिक की सजा सुनाती है तो उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा। अगर सजा तीन साल से कम होती है तो सलमान खान ऊपरी अदालत में अपील कर सकते है और जमानत ले सकते हैं।

खान और उनकी बहन अलवीरा मंगलवार शाम यहां पहुंचे थे। सलमान खान अपने बॉडीगार्ड के साथ हरी महल पैलेस होटल में रुके हैं। आज वह मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश होंगे। इस मामले से जुड़े दोनों पक्ष की जिरह नौ जनवरी को पूरी हो गई थी, जिसके बाद मजिस्ट्रेट दलपत सिंह राजपुरोहित ने अभिनेता को अदालत में उपस्थित रहने का निर्देश देते हुए अपने फैसले को 18 जनवरी तक के लिए सुरक्षित रख लिया था।

सलमान खान को सजा होगी या बरी होंगे, इसका पता तो फैसला आने के बाद ही चलेगा, लेकिन सलमान खान के अधिवक्ताओं ने कोर्ट में मजबूती से उनका पक्ष रखा है। सलमान खान के वकील ने पूरे मामले को ही गलत ठहराते हुए दमदार तर्क दिए हैं। उनका कहना है कि सलमान खान का पता मुंबई के बजाय जोधपुर का बताया गया है और मुख्य गवाह पूनम चंद के बयान दर्ज नहीं कराए गए हैं। इसके साथ ही वन विभाग के अधिकारियों ने एयरगन बरामद होना बताया है।

गौरतलब है कि 1998 में फिल्म ‘हम साथ-साथ हैं’ की शूटिंग के दौरान सलमान खान पर 3 अलग-अलग जगहों पर हिरणों का शिकार करने का आरोप है। इनमें से दो में उन्हें हाईकोर्ट से बरी किया जा चुका है। जबकि एक अन्य मामले की सुनवाई जोधपुर कोर्ट में 25 जनवरी को है।सलमान खान पर यह केस बिना वैध लाइसेंस के हथियार रखने और उसके गलत इस्तेमाल करने को लेकर चल रहा है।

जानिए इस मामले में कब क्या हुआ
26-27 सितंबर 1998-भवाद गांव में दो चिंकारा की मौत।
28-29 सितंबर 1998– मथानिया (घोड़ा फार्म) में एक चिंकारा का शिकार।
1 अक्टूबर 1998 की रात सलमान पर कांकाणी गांव की सरहद में दो काले हिरणों के शिकार का आरोप लगा।
17 फरवरी 2006 -निचली अदालत (सीजेएम) ने उन्हें दोनों मामलों में दोषी ठहराते हुए एक साल की सजा सुनाई।
10 अप्रैल, 2006 को इसी मामले में पांच साल के कारावास की सजा सुनाई थी।
2007 में करीब एक सप्ताह तक जेल में रहे थे।
सलमान ने दोषी ठहराए जाने के फैसले को सेशन्स कोर्ट में चुनौती दी थी। सेशन्स कोर्ट ने मथानिया के मामले में याचिका खारिज कर दी थी और भवाद के मामले में याचिका को हाई कोर्ट भेज दिया था।
16 नवंबर 2015 से 13 मई 2016 तक इन दोनों मामले में हाई कोर्ट में सुनवाई चली।
जुलाई 2016 में राजस्थान हाईकोर्ट ने सबूतों के अभाव में सलमान खान को बरी कर दिया था।
-हाईकोर्ट ने दोनों मामलों में सलमान को बरी कर दिया। अब इस फैसले को राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।
9 जनवरी 2017– आर्म्स एक्ट मामले में दोनों पक्षों की जिरह पूरी हो गई थी, जिसके बाद मजिस्ट्रेट दलपत सिंह राजपुरोहित ने अभिनेता को अदालत में उपस्थित रहने का निर्देश देते हुए अपने फैसला सुरक्षित रखा है।
18 जनवरी 2017 को अदालत ने सलमान खान को बरी किया।

काला हिरण शिकार मामला: जोधपुर हाईकोर्ट ने सलमान खान और सह-कलाकारों को 25 जनवरी को पेश होने को कहा, देखें वीडियो ः

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