ताज़ा खबर
 

साक्षी महाराज ने गोडसे को कहा देशभक्त, राज्यसभा में हो गया हंगामा

राज्यसभा में आज कांग्रेस के सदस्यों ने महात्मा गांधी की हत्या के दोषी नाथूराम गोडसे को महाराष्ट्र में एक समारोह के दौरान महिमामंडित किये जाने का भारी विरोध किया तथा इस मुद्दे पर हुए हंगामे के कारण सदन की बैठक को दो बार स्थगित करनी पड़ी। संसदीय कार्यमंत्री वेंकैया नायडू ने इस मामले पर सरकार […]

Author December 11, 2014 2:50 PM
साक्षी महाराज के गोडसे को देशभक्त बताने वाले बयान से उठा विवाद थमा भी नहीं था कि उन्होंने हिंदू औरतों को चार बच्चे पैदा करने की सलाह देकर फिर विवाद खड़ा कर दिया।

राज्यसभा में आज कांग्रेस के सदस्यों ने महात्मा गांधी की हत्या के दोषी नाथूराम गोडसे को महाराष्ट्र में एक समारोह के दौरान महिमामंडित किये जाने का भारी विरोध किया तथा इस मुद्दे पर हुए हंगामे के कारण सदन की बैठक को दो बार स्थगित करनी पड़ी।

संसदीय कार्यमंत्री वेंकैया नायडू ने इस मामले पर सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि इस तरह के किसी शख्स के महिमामंडन का सवाल ही नहीं उठता। हालांकि उन्होंने इस मामले में किसी विशिष्ट संगठन को बदनाम करने के प्रयासों को खारिज किया।

गौरतलब है कि कांग्रेसी सदस्यों ने यह मुद्दा उठाते समय गोडसे को महिमामंडित करने संबंधित समारोह के आयोजन के पीछे एक विशिष्ट संगठन का नाम लिया था लेकिन उपसभापति पी जे कुरियन ने इस संगठन का नाम सदन की कार्यवाही से निकाल दिया।

शून्यकाल में इस मुद्दे को उठाते हुए कांग्रेस के हुसैन दलवई ने कहा कि उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री को इस तरह के आयोजन के बारे में पत्र लिखा है जिसमें कुछ धार्मिक नेताओं और पूर्व विधायकों ने शिरकत की थी।

उन्होंने दक्षिणपंथी संगठनों पर धमा’तरण समेत इस तरह की समाज को बांटने वाली गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाते हुए कहा, ‘‘महाराष्ट्र में शौर्य दिवस मनाकर महात्मा गांधी के हत्यारे को महिमामंडित किया जा रहा है। ये लोग विकास की बात करते हैं लेकिन समाज में दरार पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं।’’

इस मुद्दे पर कांग्रेस के सदस्यों ने नारेबाजी करते हुए घटना से जुड़े पोस्टर दिखाये। उपसभापति कुरियन ने हंगामा कर रहे सदस्यों को शांत करने का प्रयास करते हुए उन्हें अपनी जगह पर जाने के लिए कहा।

उन्होंने कहा, ‘‘शून्य काल में इस तरह की चीजें नहीं दिखाएं। यह अनुशासनहीनता है। दोष या अन्य चीजों को साबित करने के लिए अदालते हैं। आप या मुझे यह नहंी करना।’’

संसदीय कार्य राज्यमंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने इस मामले में कहा, ‘‘यह स्वीकार्य नहीं है। महात्मा गांधी का हत्यारा, वह कोई भी हो, हम इसके खिलाफ हैं। हम महात्मा गांधी के हत्यारों को किसी तरह के सम्मान को स्वीकार नहीं करते।’’

कांग्रेस के सदस्यों का हंगामा जारी रहा और दोनों पक्षों के सदस्यों के बीच कुछ तकरार भी हुई।

कुरियन ने सदन की कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित कर दी।

दोपहर 12 बजे सदन की बैठक फिर शुरू होने पर नजारा वैसा ही रहा और दो मिनट बाद ही सभापति हामिद अंसारी ने एक बार फिर कार्यवाही 15 मिनट के लिए स्थगित कर दी।

सदन की कार्यवाही फिर शुरू होने पर कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने कहा, ‘‘विपक्ष भी सदन चलाना चाहता है। लेकिन गोडसे को महिमामंडित किया जाना स्वीकार्य नहीं हो सकता। मैं उम्मीद करता हूं कि ना तो संसदीय कार्य मंत्री और ना ही सदन इस तरह की कार्रवाई को स्वीकार करते हैं। सदन को एक स्वर में इसकी निंदा करनी चाहिए।’’

संसदीय कार्यमंत्री वेंकैया नायडू ने कहा, ‘‘इस तरह के किसी शख्स के महिमामंडन का सवाल ही नहीं उठता। हमें मामले को यहीं छोड़ देना चाहिए, लेकिन किसी संगठन को बदनाम करना स्वीकार्य नहीं है।’’

इसके बाद सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चल सकी।

 

 

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App