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साहित्य अकादमी पुरस्कारों का ऐलान, चित्रा मुद्गल को हिंदी, उर्दू में रहमान अब्बास को सम्मान

हिंदी जगत की जानी-मानी लेखिका चित्रा मुद्गल को उपन्यास 'नाला सोपारा बोस्ट बॉक्स नंबर 203' के लिए चुना गया है।

चित्रा मुद्गल। (फोटोः फेसबुक)

भारतीय साहित्य में उत्कृष्ट योगदान के लिए साहित्य अकादमी ने बुधवार (पांच दिसंबर) को 2018 के साहित्य अकादमी पुरस्कारों का ऐलान कर दिया। ये पुरस्कार कुल 24 भाषाओं के लिए दिए गए, जिसमें सात कविता संग्रह, छह उपन्यास, छह कहानी संग्रह, तीन आलोचना और दो निबंध संग्रह शामिल हैं। अकादमी के अध्यक्ष चंद्रशेखर कम्बार की अध्यक्षता में निर्णायक समिति ने इन पुरस्कारों को मंजूरी दी। वहीं, सचिव के.श्रीनिवास राव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विजेताओं के नाम की घोषणा की। उन्होंने कहा कि तीन सदस्यों वाली ज्यूरी की सिफारिशों के आधार पर हर भाषा में किताबें चुनी गई थीं। उनका चयन तय किए गए नियमों के अनुसार हुआ था।

ये हैं विजेताः हिंदी में चित्रा मुद्गल, संस्कृत में रमा कांत शुक्ला, उर्दू में रहमान अब्बास, अंग्रेजी में अनीस सलीम, नेपाली में लोक नाथ उपाध्याय और तमिल में एस.रामकृष्णन। हिंदी जगत की जानी-मानी लेखिका चित्रा मुद्गल को उपन्यास ‘नाला सोपारा पोस्ट बॉक्स नंबर 203’ के लिए चुना गया है।

सभी 24 विजेताओं को नई दिल्ली स्थित कमानी सभागार में अगले साल 29 जनवरी को साहित्योत्सव के दौरान एक विशेष कार्यक्रम में इस प्रतिष्ठित सम्मान से नवाजा जाएगा। ईनाम में साहित्यकारों को प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिह्न, शॉल और एक लाख रुपए का चेक मिलेगा।

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अकादमी ने इसके अलावा साल 2017-18 के साहित्य अकादमी भाषा सम्मान की घोषणा भी की है। कालजयी और मध्यकालीन साहित्य व गैर-मान्यताप्राप्त भाषाओं में योगदान के लिए ये सम्मान दिया जाएगा, जिसके तहत विजेताओं के एक लाख रुपए नकद, स्मृति चिह्न व प्रशस्त्रि पत्र दिया जाएगा। अकादमी के अध्यक्ष यह सम्मान आगामी दिनों में खास कार्यक्रम आयोजित के दौरान विजेताओं को देंगे।

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