22 साल के दिल्ली निवासी साहिल धनेशरा ने हमेशा के लिए इस दुनिया को अलविदा कह दिया। अपनी मौत से कुछ दिन पहले तक साहिल और उनकी मां ईना माकन कंप्यूटर स्क्रीन पर टकटकी लगाए बैठे रहते थे। वे इस इंतजार में थे कि किस विदेशी यूनिवर्सिटी से साहिल के लिए अच्छी खबर आएगी।
साहिल हमेशा से अपने परिवार को सपोर्ट करना चाहते थे। उन्हें लगता था कि अगर किसी विदेशी यूनिवर्सिटी से एमबीए करने का मौका मिल जाए तो सफलता के दरवाजे उनके लिए खुल जाएंगे। 14 फरवरी को ईना माकन को एक लेटर मिला। यह लेटर यूनिवर्सिटी ऑफ मैनचेस्टर की तरफ से था। उसमें बताया गया था कि साहिल का एडमिशन एमबीए कोर्स में हो गया है। लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। साहिल इस दुनिया में नहीं थे।
असल में, कुछ दिन पहले ही एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो की टक्कर से साहिल की मौके पर ही मौत हो गई थी। पुलिस ने बाद में पुष्टि की कि गाड़ी चला रहा लड़का नाबालिग था और उसकी उम्र महज 17 साल थी। उसके पास ड्राइविंग लाइसेंस भी नहीं था।
इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए साहिल की मां ईना माकन ने बताया, “मुझे दोपहर 1:20 बजे एक फोन आया। बताया गया कि मेरे बेटे का एक्सीडेंट हो गया है। मैं तुरंत मौके पर पहुंची। सड़क पर खून से लथपथ मेरा बेटा पड़ा था। वह बहुत दर्द में था। साहिल को इंदिरा गांधी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।”
ईना माकन का रो-रोकर बुरा हाल है। वह कहती हैं, “मेरी जिंदगी खत्म हो चुकी है। बस कुछ ही दिनों में मेरे बेटे के सपने पूरे होने वाले थे, लेकिन अब सब खत्म हो गया।” इस मामले में पुलिस ने 17 साल के उस लड़के को पकड़ लिया था जो स्कॉर्पियो चला रहा था। लेकिन नाबालिग होने के कारण उसे जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के सामने पेश किया गया। वहां से उसे जमानत मिल गई, क्योंकि उसके दसवीं कक्षा के बोर्ड एग्जाम होने वाले हैं।
इस बात से साहिल की मां काफी नाराज हैं। उनका कहना है कि पुलिस ने उन्हें बार-बार यही बताया कि आरोपी नाबालिग है और कानून के तहत उसे जमानत मिल जाएगी। यहां तक कि अगर उसके पिता को भी गिरफ्तार किया जाए तो उन्हें भी आसानी से जमानत मिल सकती है, क्योंकि इसे सड़क दुर्घटना माना जा रहा है। लेकिन ईना माकन इस बात को स्वीकार करने को तैयार नहीं हैं।
इंसाफ की मांग को लेकर उन्होंने सोशल मीडिया का सहारा लिया। उन्होंने पहले इंस्टाग्राम पर एक पेज बनाया, लेकिन उसे ब्लॉक कर दिया गया, फिर उन्होंने ट्विटर का सहारा लिया और वहां भावुक अपील की। उन्होंने कहा, “मुझे भरोसा था कि लोग मेरा साथ देंगे।” साहिल के दोस्त भी गहरे सदमे में हैं। 20 वर्षीय मानव ने इंडियन एक्सप्रेस से कहा, “वह हमारे ग्रुप में सबसे मेच्योर था। बहुत मेहनती और होशियार था। पार्ट टाइम जॉब करता था और अपनी मां की रियल एस्टेट कंपनी में भी मदद करता था। वह हर हाल में अपनी मां की जिंदगी बेहतर बनाना चाहता था।”
साहिल के कमरे में आज भी उनके सपनों की झलक मिलती है। दीवारों पर बड़े-बड़े अक्षरों में ‘Dream’ लिखा हुआ है। उन्होंने ‘D’ का मतलब Discipline लिखा था। कई दूसरी ऐसी चीजें भी उस कमरे में देखने को मिलती हैं जो साहिल के बुलंद हौसलों की गवाही हैं। अब साहिल की मां तो टूट ही चुकी हैं, उनकी दादी भी परेशान हैं।
इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए उन्होंने कहा कि ईना पहले ही अपने पति को खो चुकी थीं। उस समय साहिल बहुत छोटे थे। अब बेटे को खोने के बाद वह पूरी तरह बिखर गई हैं। मैं खुद बहुत बेबस महसूस कर रही हूं। अब साहिल का परिवार इस समय परेशान जरूर है, लेकिन हारा नहीं है। ईना ने जोर देकर कहा है कि यह लड़ाई अब शुरू हुई है। जब तक मेरे बेटे को न्याय नहीं मिलेगा, मैं पीछे नहीं हटूंगी।
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