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दारूल उलूम को आतंकवाद के खिलाफ फतवा जारी करना चाहिए था : साध्वी निरंजन ज्योति

बढ़ती आबादी पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि जिन लोगों की दो से अधिक संताने हैं उन्हें सरकारी सुविधाओं से वंचित कर दिया जाना चाहिए।

Author जयपुर | April 4, 2016 10:40 AM
साध्वी ने कहा ‘‘देवबंद में भारत माता की जय न बोलने के लिये तो मुस्लिम मजहबी नेता फतवे जारी करते हैं लेकिन आतंकवाद के खिलाफ नहीं। (file picture)

केन्द्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्यमंत्री साध्वी निरंजन ज्योति ने सोमवार को कहा कि दारूल उलूम देवबंद को ‘‘भारत माता की जय’’ के नारे लगाने वालों के खिलाफ फतवा जारी करने के बजाय आतंकवाद के खिलाफ फतवा जारी करना चाहिए था। यहां आयोजित एक कार्यक्रम में साध्वी ने कहा ‘‘देवबंद में भारत माता की जय न बोलने के लिये तो मुस्लिम मजहबी नेता फतवे जारी करते हैं लेकिन आतंकवाद के खिलाफ नहीं। यदि वे आतंकवाद के खिलाफ भी फतवा जारी करते तो मैं उसका स्वागत करती। आतंकवाद आज एक वैश्विक चुनौती है।’’

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सध्वी ने कहा ‘‘लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया।’’ उन्होंने कहा कि ‘‘हाल ही में जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में देश विरोधी नारे लगाए गए और यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि आजादी के बाद से देश में सर्वाधिक समय तक शासन करने वाली पार्टी के नेताओं ने जेएनयू जा कर उन लोगों का पक्ष लिया।’’

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बढ़ती आबादी पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि जिन लोगों की दो से अधिक संताने हैं उन्हें सरकारी सुविधाओं से वंचित कर दिया जाना चाहिए। आरएसएस के विचारक राकेश सिन्हा ने हिंदू समुदाय के महत्व के बारे में अपनी बात रखी और जोर दिया कि लोगों को देश में सांस्कृतिक संतुलन बनाए रखने के प्रयास करने चाहिए।  उन्होंने कहा कि दुनिया के कई देश आबादी में वृद्धि के कारण सांस्कृतिक असंतुलन का शिकार हो गए।

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