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आगरा के मॉकड्रिल वाले अस्पताल के बाहर बवाल, आवाज़ उठाई तो बौखला गए कर्मचारी, मारपीट

वीडियो वायरल होने के बाद मंगलवार को जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुनिराज श्री पारस अस्पताल पहुंचे थे। जिलाधिकारी सिंह ने अस्पताल को सील करने के साथ ही संचालक के खिलाफ मुकद्मा दर्ज दर्ज करने के निर्देश दिये हैं।

हंगामें के बाद अस्पताल के बाहर तैनात पुलिस बल (फोटो- PTI)

आगरा में कोविड-19 रोगियों की ऑक्सीजन आपूर्ति कथित रूप से काटकर मॉकड्रिल करने के दौरान मंगलवार को हुए हादसे में 22 मरीजों की मौत हो गयी थी। मृतकों के परिजनों ने आक्रोश में आकर अस्पताल के बाहर हंगामा किया जिसके बाद अस्पताल के कर्मचारियों के द्वारा उनके साथ मारपीट की घटना हुई है।

खबरों के अनुसार मॉकड्रिल करने संबंधी वीडियो क्लिप वायरल होने के बाद जब प्रशासन की तरफ से अस्पताल को सील कर दिया गया तो वहीं मौजूद एक युवक द्वारा कुछ कहने पर अस्पताल के स्टाफ नाराज हो गए और उस युवक की पिटाई करने लगे। अस्पताल के स्टाफ के द्वारा युवक को लाथ घूंसों से पीटा गया। बताते चलें कि जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह ने हालांकि ऑक्सीजन की कमी से 22 लोगों की मौत की खबर को गलत बताया। अस्पताल के मालिक डॉ.अरिंजय जैन के वीडियो हाल ही में वायरल हुए थे। इनमें जैन को पांच मिनट के लिए कोविड मरीजों की ऑक्सीजन बंद करने की मॉकड्रिल किये जाने की बात कहते सुना जा सकता है।

वीडियो वायरल होने के बाद मंगलवार को जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुनिराज श्री पारस अस्पताल पहुंचे। जिलाधिकारी सिंह ने अस्पताल को सील करने के साथ ही संचालक के खिलाफ मुकद्मा दर्ज दर्ज करने के निर्देश दिये हैं। अस्पताल में 55 भर्ती मरीजों को दूसरे अस्पतालों में शिफ्ट करने के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया गया है।

जिलाधिकारी ने कहा कि ऑक्सीजन गैस की आपूर्ति की पांच मिनट की कथित मॉकड्रिल करना एवं यह कहना कि मोदी नगर स्थित प्लांट में ऑक्सीजन समाप्त हो गयी है, इससे भ्रम की स्थिति उत्पन्न हुई। इस कार्य को महामारी अधिनियम का उल्लंघन मानते हुए विधिक कार्यवाही की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि थाना न्यू आगरा में उक्त घटना की विवेचना हेतु मुकद्मा पंजीकृत कराया गया है।

तत्काल प्रभाव से श्री पारस हॉस्पिटल को सील करते हुए मुख्य चिकित्साधिकारी, आगरा को यहां भर्ती 55 मरीजों को सही ढंग से विभिन्न अस्पतालों में उपचार हेतु शिफ्ट करने के निर्देश दिये गये हैं। इस संबंध में श्री पारस अस्पताल के संचालक डॉ.अरिंजय जैन ने कहा, ‘‘जिलाधिकारी पीएन सिंह ने निर्देश दिये हैं कि अस्पताल के खिलाफ चलने वाली जांच प्रक्रिया के कारण किसी भी मरीज की भर्ती पर रोक है। अस्पताल को सील किया जा रहा है। इसके लिए मैं तैयार हूं और जब तक मैं निर्दोष साबित नहीं हो जाता तब तक मैं इसके लिए तैयार हूं। ’’ उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल के खिलाफ षड्यंत्र किया गया है।

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