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पंजाब में फिर बवालः पहले अनुकंपा पर नौकरी, अपनों ने ही सवाल दागे धड़ाधड़ गिरे इस्तीफे

पंजाब कैबिनेट ने पिछले सप्ताह बाजवा के पुत्र अर्जुन प्रताप सिंह बाजवा को पंजाब पुलिस में इंस्पेक्टर और लुधियाना के विधायक राकेश पांडेय के पुत्र भीष्म पांडेय को राजस्व विभाग में अनुकंपा के आधार पर नायब तहसीलदार के रूप में नियुक्त करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी।

पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह और पार्टी नेता नवजोत सिंह सिद्धू। (फोटो- इंडियन एक्सप्रेस फाइल)

कांग्रेस के कुछ सहयोगियों और विपक्ष के निशाने पर आये पार्टी विधायकों फतेहजंग सिंह बाजवा और राकेश पांडेय अपने पुत्रों के लिए सरकारी नौकरी की पेशकश अस्वीकार कर दी है।

पंजाब कैबिनेट ने पिछले सप्ताह बाजवा के पुत्र अर्जुन प्रताप सिंह बाजवा को पंजाब पुलिस में इंस्पेक्टर और लुधियाना के विधायक राकेश पांडेय के पुत्र भीष्म पांडेय को राजस्व विभाग में अनुकंपा के आधार पर नायब तहसीलदार के रूप में नियुक्त करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। विपक्ष के अलावा प्रदेश पार्टी अध्यक्ष सुनील जाखड़ समेत कांग्रेस के कई नेताओं ने सरकार के इस फैसले पर सवाल उठाया था। पांच मंत्रियों-सुखजिंदर रंधावा, तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा, रजिया सुल्ताना, चरणजीत सिंह चन्नी और सुखबिंदर सरकारिया ने भी कैबिनेट की एक बैठक में इस कदम का विरोध किया था।

कादियां से विधायक ने कहा कि उनके पुत्र अर्जुन प्रताप सिंह बाजवा ने नौकरी की पेशकश छोड़कर एक मिसाल स्थापित की है। उन्होंने सरकार के फैसले की आलोचना करने के लिए विपक्ष और पार्टी के सहयोगियों की आलोचना की। बाजवा ने बृहस्पतिवार को मीडिया से कहा कि इस मुद्दे पर जिस तरह की क्षुद्र राजनीति की गई उसके बाद उनके परिवार ने इस नौकरी की पेशकश को स्वीकार नहीं करने का फैसला किया।

उन्होंने कहा कि पिछले सप्ताह कैबिनेट की बैठक से पहले उन्होंने पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह से नौकरी की पेशकश के एजेंडे को वापस लेने का अनुरोध किया था क्योंकि वह अपने पुत्र के लिए यह नहीं चाहते थे। विधायक ने परोक्ष तौर पर पांच मंत्रियों की ओर इशारा करते हुए कहा कि उन्हें यह भी पता था कि पार्टी के कुछ सहयोगियों ने कैबिनेट की बैठक में नौकरी की पेशकश पर आपत्ति जताने की योजना बनाई थी।

बाजवा ने कहा कि उन्होंने अमरिंदर सिंह को नौकरी की पेशकश छोड़ने को लेकर एक पत्र दिया जिन्होंने इसे उस तीन सदस्यीय समिति को दिखाया जिसका गठन प्रदेश इकाई में गुटबाजी खत्म करने के लिए किया गया है। उन्होंने तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा, सुखबिंदर सरकारिया और सुनील जाखड़ से इसी तरह की मिसाल कायम करने के लिए कहा।

उन्होंने कहा कि राजिंदर सिंह बाजवा के बेटे तृप्त गुरदासपुर जिला परिषद अध्यक्ष हैं। सरकारिया के रिश्तेदार अमृतसर जिला परिषद के अध्यक्ष हैं और जाखड़ के रिश्तेदार पंजाब राज्य किसान आयोग के प्रमुख हैं।

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