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RTI: CM अखिलेश ने मुआवजे के नाम पर खोली तिजोरी, 44 महीने में बांट दिए 300 करोड़

यह रकम मायावती के पूरे कार्यकाल में दी गई सहायता राशि से तीन गुना ज्‍यादा है। मायावती ने अपने कार्यकाल में सहायता राशि के रूप में 84.76 करोड़ रुपये खर्च किए थे।

Author लखनऊ | February 2, 2016 15:09 pm
CM अखिलेश की साइकिल सवारी की फाइल फोटो

उत्‍तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री अखिलेश यादव पीडि़तों की मदद में दिल खोलकर खजाना खर्च कर रहे हैं। इंडियन एक्‍सप्रेस को सूचना के अधिकार के तहत मिली जानकारी के अनुसार अखिलेश ने मार्च 2012 से नवंबर 2015 के बीच 300 करोड़ रुपये से ज्‍यादा की सहायता राशि बांटी है। यह रकम मायावती के पूरे कार्यकाल में दी गई सहायता राशि से तीन गुना ज्‍यादा है। मायावती ने अपने कार्यकाल में सहायता राशि के रूप में 84.76 करोड़ रुपये खर्च किए थे। अखिलेश ने 2014-15 में ही 104.99 करोड़ रुपये खर्च कर दिए। यह राशि आत्‍महत्‍या, दुर्घटना और हत्‍या पीडि़त परिवारों को दी गई है। इनमें पुलिस और राज्‍य से जुड़े सेना के जवानों के परिवारों को भी मदद दी गई है। शुरुआत में सरकार ने पुलिस और सेना के चुनिंदा शहीदों को ही सहायता राशि देने का फैसला किया लेकिन राजनीतिक विरोध के बाद सबको सहायता देने की कोशिश की गई।

अखिलेश ने मुख्‍यमंत्री आपदा राहत कोष से भी 86.26 करोड़ रुपये खर्च किए। इसके तहत 25 करोड़ रुपये उत्‍तराखंड बाढ़ के समय और 20 करोड़ रुपये जम्‍मू कश्‍मीर बाढ़ के लिए दिए गए। यूपी सरकार की ओर से दी गई सहायता राशि में सबसे ज्‍यादा 50 लाख रुपये एसपी जियाउल हक के परिवार को दिए गए। एसपी जियाउल हक की 2013 में कुंडा के बलिपुर में हत्‍या कर दी गई थी। दूसरे ही दिन सरकार ने बलिपुर गांव के प्रधान नन्‍हेलाल और उसके भाई सुरेश के परिवार को 40 लाख रुपये दिए। ये दोनों भी एसपी जियाउल हक की हत्‍या वाले दिन ही मारे गए थे। सरकार ने 30 लाख रुपये पत्रकार जोगेन्‍द्र सिंह की पत्‍नी सुमनलता को दिए। इस मामले में मंत्री राममूर्ति वर्मा का नाम भी आरोपी के रूप में उछला था।

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वहीं अखिलेश सरकार की ओर से दी गई सहायता राशि में भी ‘भेदभाव’ देखने को मिला है। उदाहरण के तौर पर, अलग अलग रेल दुर्घटनाओं में मारे गए परिवारों को 2 लाख से 5 लाख रुपये के बीच सहायता राशि दी गई। वहीं सपा नेता सतईराम की पत्‍नी को 10 लाख रुपये दिए गए। सतई राम के पास राज्‍य मंत्री स्‍तर का दर्जा भी था। वहीं तरह के अन्‍य मामलों में दुर्घटनाओं में मारे गए लोगों के परिवारों को 50 हजार से एक लाख रुपये के बीच सहायता दी गई। जबकि कानपुर देहात के राजेश यादव के परिवार को 15 लाख रुपये और अनुराग यादव के परिवार को 15 लाख रुपये दिए गए। वहीं हत्‍या के मामलों में दी गई सहायता राशि पर नजर डालने पर भी यहीं कहानी नजर आती है। बाराबंकी में राम मनोरथ वर्मा की हत्‍या के बाद उनकी पत्‍नी कुसुम वर्मा को 5 लाख रुपये दिए गए। जबकि राम सुरेश की हत्‍या के बाद उनकी पत्‍नी को एक लाख रुपये मिले।

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पत्रकारों को दी गई मदद के आंकड़ों के अनुसार प्रतापगढ़ में एक स्‍थानीय अखबार के ब्‍यूरो चीफ अमरेश मिश्रा, राष्‍ट्रीय सहारा के ताहिर अब्‍बास और अमर उजाला के रिपोर्टर मनोज श्रीवास्‍तव की असामयिक मौत के बाद 20-20 लाख रुपये की सहायता राशि दी गई। वहीं सपा नेता की कार से कुचले गए बस्‍ती के रिपोर्टर धीरज पांडे की पत्‍नी और पिता को 10-10 लाख रुपये दिए गए।

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