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एक भी शिकायत नहीं, पर फिर भी हरियाणा लव जिहाद के खिलाफ कानून बनाने में जुटा

आरटीआई एक्टिविस्ट पीपी कपूर ने कहा कि इससे स्पष्ट हो गया कि लव जिहाद कोई समस्या नहीं है बल्कि यह समाज में नफरत फैलाने के लिए बीजेपी और आरएसएस का राजनीतिक एजेंडा है।

एक आरटीआई से यह खुलासा हुआ है कि हरियाणा के महिला आयोग को अभी तक लव जिहाद से जुड़ी एक भी शिकायत नहीं मिली है। (एक्सप्रेस फाइल फोटो)

पिछले दिनों हरियाणा के पटौदी में भाजपा नेता सूरजपाल अमु की मौजूदगी में हुए विवादित महापंचायत के बाद लव जिहाद का मुद्दा फिर से राज्य में उठने लगा है। हरियाणा की खट्टर सरकार जहां एक तरफ कथित लव जिहाद को गंभीर समस्या बताते हुए इसकी रोकथाम के लिए सख्त कानून बनाने में जुटी है। वहीं दूसरी ओर एक आरटीआई से खुलासा हुआ है कि प्रदेश सरकार द्वारा गठित राज्य महिला आयोग को इस बारे में पूरे राज्य से आज तक एक भी शिकायत नहीं मिली है। जिसकी वजह से इस मुद्दे पर महिला आयोग की तरफ से सरकार को ना ही कोई सिफारिश भेजी गई है और ना ही किसी तरह की रिपोर्ट तैयार हुई है।

पानीपत की आरटीआई एक्टिविस्ट पीपी कपूर ने इस बाबत सूचना अधिकार कानून के तहत महिला आयोग से लव जिहाद के मामले को लेकर जानकारी मांगी थी। महिला आयोग के सूचना अधिकारी द्वारा बीते 12 जुलाई को भेजे गए पत्र से यह खुलासा हुआ कि महिलाओं के शोषण,उत्पीड़न और हिंसा की रोकथाम के लिए गठित इस आयोग को अभी तक इससे जुड़ी एक भी शिकायत नहीं मिली है। 

आरटीआई एक्टिविस्ट पीपी कपूर ने कहा कि आरटीआई के खुलासे से यह स्पष्ट हो गया कि लव जिहाद कोई समस्या नहीं है बल्कि यह समाज में नफरत फैलाने के लिए बीजेपी और आरएसएस का राजनीतिक एजेंडा है। साथ ही कपूर ने यह भी दावा किया कि हरियाणा राज्य महिला आयोग के इस जवाब की तरह ही राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी आरटीआई के तहत बताया कि पूरे देश से उसे कथित लव जिहाद की कभी कोई शिकायत नहीं मिली है।

पीपी कपूर ने यह भी कहा कि उन्होंने इस मुद्दे को लेकर मुस्लिम आबादी वाले नूंह, फरीदाबाद, पानीपत, यमुनानगर, अम्बाला, गुरुग्राम, रेवाड़ी, हिसार जिला के पुलिस अधीक्षक कार्यालयों में भी आरटीआई लगाई थी। पुलिस से प्राप्त सूचनाओं के अनुसार पिछले तीन वर्षों में कथित लव जिहाद के मात्र चार केस दर्ज हुए। जिसमें से जांच के दौरान दो केस झूठे पाए गए और उन्हें रद्द कर दिया गया। साथ ही एक मामले में सबूतों के अभाव में आरोपी को अदालत ने बरी कर दिया। हालांकि एक केस अदालत में अभी भी लंबित हैं।

बता दें कि हरियाणा सरकार ने मार्च महीने में ही लव जिहाद कानून बनाने की तैयारी की थी। इसके लिए ड्राफ्ट भी तैयार कर लिया गया था। गृह सचिव टीएल सत्यप्रकाश, एडीजी कानून व्यवस्था नवदीप सिंह विर्क और एडवोकेट जनरल के प्रतिनिधि दीपक मनचंदा की कमेटी ने यह ड्राफ्ट तैयार किया था। लेकिन विधानसभा में पारित होने से पहले ही सरकार में भाजपा की सहयोगी जेजेपी ने इस पर अड़ंगा लगा दिया था।

जेजेपी नेता व हरियाणा के उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने लव जिहाद शब्द को लेकर इस कानून पर आपत्ति जता दी थी। दुष्यंत चौटाला ने कहा था कि जबरन धर्म परिवर्तन के मामलों से निपटने के लिए हमें इस कानून से मदद मिलेगी तो हम इसका समर्थन करेंगे। लेकिन यदि कोई महिला या व्यक्ति स्वेच्छा से अपना धर्म बदलता है या दूसरे धर्म के साथी से विवाह करता है तो कोई रोक नहीं होनी चाहिए।

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