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CAA के खिलाफ DC दफ्तर के बाहर धरना दे रहे थे RTI एक्टिविस्ट अखिल गोगोई, NIA ने कर लिया गिरफ्तार, ठोका UAPA के तहत केस

अखिल गोगोई को बीते गुरुवार को असम के जोरहाट जिले से उस वक्त गिरफ्तार किया गया था जब वो नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे।

Author Edited By Nishant Nandan Published on: December 15, 2019 2:44 PM
अखिल गोगोई जाने-माने एक्टिविस्ट हैं। फोटो क्रेडिट- Abhinav Saha, Indian Express

नागरिकता संशोधन कानून (CCA) के खिलाफ धरना दे रहे RTI एक्टिविस्ट अखिल गोगोई पर अब Unlawful Assembly Prevention Act (UAPA) के तहत केस ठोका गया है। अखिल गोगोई असम के जाने-माने आरटीआई कार्यकर्ता हैं। अखिल गोगोई पर NIA ने नए यूएपीए एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है। गुवाहाटी के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने ‘द प्रिंट’ से बातचीत में अखिल गोगोई पर बीते शनिवार (14-12-2019) को मुकदमा दर्ज होने की पुष्टि की है।

अखिल गोगोई को बीते गुरुवार को असम के जोरहाट जिले से उस वक्त गिरफ्तार किया गया था जब वो नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे। इस विवादित कानून के खिलाफ अखिल गोगोई डिप्टी कमिश्नर दफ्तर के बाहर प्रदर्शन कर रहे थे। यहां आपको यह भी बता दें कि अखिल गोगोई कृषक मुक्ति संग्राम समिति (KMSS) के सलाहकार भी हैं। UAPA के तहत केस दर्ज होने के बाद अब अखिल गोगोई पर एक आतंकवादी की तरह मुकदमा चलेगा।

जानकारी दे दें कि हाल ही में केंद्र सरकार ने UAPA कानून में जो संशोधन किये हैं उसके तहत अब अगर कोई भी शख्स आतंकी गतिविधियों में शामिल पाया जाता है, आतंकी कृत्य करता हुआ पाया जाता है या फिर आतंकी कृत्य करने की तैयारी करने की तैयारी में संलिप्त पाया जाता है तो उस शख्स को आतंकी करार दिया जा सकता है। केंद्र सरकार आधिकारिक गैजेट में अधिसूचना जारी कर भी किसी शख्स को आतंकी घोषित कर सकती है। UAPA एक्ट के तहत मामला दर्ज होने के बाद सरकार किसी शख्स को बिना नोटिस दिये भी गिरफ्तार कर सकती है।

जिस वक्त केंद्र सरकार नागरिकता संशोधन बिल को सदन में पास कराने को लेकर जद्दोजहद में जुटी हुई थी उस वक्त भी पूर्वोतर के राज्यों में इस बिल के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन हुए थे। प्रदर्शन को देखते हुए सरकार ने पूर्वोतर के कुछ राज्यों में भारी पुलिस बल की तैनाती भी की थी। अब यह बिल संसद के दोनों सदन लोकसभा और राज्यसभा में पास हो चुका है।

नागरिकता संशोधन बिल के कानून बनने के बाद पश्चिम बंगाल में भी इस बिल को लेकर लोग सड़कों पर उतर गए हैं। पश्चिम बंगाल के कई जिलों में इस बिल के खिलाफ प्रदर्शन काफी तेज हो गया है और कई जगहों से यहां हिंसा की भी खबरें आईं। यहां प्रदर्शनकारियों ने सरकारी संपत्ति को भी नुकसान पहुंचाया था।

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