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मोहन भागवत की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में युवा दंपतियों को आरएसएस ने समझाया- यही फर्टिलिटी रेट रहा तो भूल जाइए अपना वजूद

देश और संस्कृति को बचाना चाहते हैं तो ज्यादा बच्चे पैदा करने की जरुरत है और उनको धर्म के कोर वैल्यूस के बारे में सीखाने की आवश्यकता है।

Author , आगरा | August 22, 2016 10:20 AM
राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत आगरा मे हुए कार्यक्रम के दौरान। (Source: PTI)

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के हिंदुओं से ज्यादा बच्चे पैदा करने की अपील के बाद रविवार को आयोजित एक कार्यक्रम में हिंदुओं के फर्टिलिटी रेट की तुलना अन्य समुदायों से करते हुए सुमझाया गया है कि अगर इसी तरह से सब जारी रहा तो हिंदुओं को अपना वजूद भूलना होगा। रविवार को बीएसपी सुप्रीमो मायावती के रैली स्थल से करीब 2 किलोमीटर दूर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने की। यूपी के आगरा में संघ कुटुब प्रबोधन की ओर से कार्यक्रम का आयोजन किया गया था, जिसमें करीब 2000 नव दंपत्तियों ने हिस्सा लिया था। यहां भारत में जनसंख्या वृद्धि पर एक पावर प्वाइंट प्रजेंटेशन प्रस्तुत किया गया। जिसमें दिखाया गया कि हिंदुओं का फर्टिलिटी रेट 2.1 पर्सेंट है, जबकि उसकी तुलना में दूसरे समुदाय का फर्टिलिटी रेट 8 पर्सेंट से ज्यादा है। साथ ही चेताया कि अगर यह स्थिति जारी रही तो 2025 देश में अपना (हिंदुओं का) वजूद खत्म हो जाएगा।

आरएसएस के एक स्वंयसेवक ने कार्यक्रम में कपल्स से कहा कि अगर वह अपने देश और संस्कृति को बचाना चाहते हैं तो ज्यादा बच्चे पैदा करने की जरुरत है और उनको धर्म के कोर वैल्यूस के बारे में सीखाने की आवश्यकता है। एक महिला ने भागवत से पूछा कि जब हिंदू और मुस्लिम दोनों ज्यादा से ज्यादा बच्चे पैदा करने लग जाएंगे तो क्या जनसंख्या बहुत अधिक नहीं हो जाएगी। तो खाने, रोजगार और मूलभूत जरुरतों का इंतजाम कौन करेगा?

संघ द्वारा आयोजित कार्यक्रम में दिखाए गए प्रजेंटेशन में फ्रांस और रूस का उदाहरण देते हुए दावा किया गया कि किसी भी देश का मूल धर्म उस समय अल्पसंख्यक हो जाता है जब एक कम्युनिटी- जिसका प्रतिनिधित्व हरे झंडे, चांद और तारे से होता है, वो ज्यादा से ज्यादा बच्चे पैदा करने लगते हैं। एक पेज में कहा गया कि यूरोप में 50 मिलियन से ज्यादा मुस्लमान कुछ दशकों के भीतर इसे मुस्लिम कॉन्टिनेंट बन देंगे।

गौरतलब है कि शनिवार को एक कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत से एक शख्स ने संघ के कार्यक्रम के दौरान हिंदू राष्ट्र को लेकर एक सवाल पूछा। उसके जवाब में भागवत ने कहा कि किसी कानून ने हिंदुओं को जनसंख्या बढ़ाने से रोका नहीं हुआ। एक टीचर ने उनसे पूछा कि भारत हिंदू राष्ट्र कैसे बनेगा जबकि हिंदू मुसलमानों की तुलना में कम बच्चे पैदा करते हैं। इस सवाल को सुनकर भागवत ने कहा, ‘किस कानून में हिंदू को कम बच्चे पैदा करने के लिए कहा गया है। या फिर कौन से कानून में हिंदू को बच्चे पैदा करने से रोका है।’ भागवत के इस बयान पर मायावती ने उनपर जोरदार हमला किया। मायावती ने कहा- आरएसएस प्रमुख चाहते हैं कि हिंदू दो से ज्यादा बच्चे पैदा करें। वे दो बच्चों के लालन-पालन की सुविधा तो दे नहीं सकते। उन्हें कौन देखेगा?

 

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