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एमपी में आरएसएस नेता से हिरासत में मारपीट: ASP का इंक्रीमेंट रोका, तीन डिमोट

एसआईटी ने पिछले साल अपनी रिपोर्ट दाखिल की मगर उसे कभी सार्वजनिक नहीं किया गया। रिपोर्ट के आधार पर, चार अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच शुरू हुई जिन्‍हें अब दोषी पाया गया है।

Author August 1, 2018 2:01 PM
राष्‍ट्रीय स्‍वयंसेवक संघ के कार्यक्रम की एक पुरानी तस्‍वीर। (Photo : Express Archive)

मध्‍य प्रदेश के बालाघाट जिले के बैहर कस्‍बे में एक आरएसएस प्रचारक की पुलिस कस्‍टडी में कथित तौर पर पिटाई के करीब दो साल बाद प्रदेश सरकार ने कार्रवाई की है। शिवराज सरकार ने तीन पुलिस अधिकारियों का डिमोशन कर दिया और एक एडिशनल एसपी रैंक के अधिकारी का इंक्रीमेंट रोक दिया है। संघ के जिला प्रचारक सुरेश यादव को बैहर स्थित संगठन के कार्यालय से 25 सितंबर, 2016 को गिरफ्तार किया गया था। उसके खिलाफ मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी टिप्‍पणी से उनकी धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। बाद में अपनी शिकायत में यादव ने आरोप लगाया था कि उसे पुलिस कस्‍टडी में पीटा गया और टॉर्चर किया गया।

यादव को जिस रात गिरफ्तार किया गया, आरएसएस कार्यकर्ताओं ने बैहर पुलिस थाने का घेराव किया था और उसे कस्‍टडी में लेने वाले पुलिसवालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। इसके बाद एडिशनल एसपी राजेश शर्मा और इंस्‍पेक्‍टर जियाउल हक समेत पुलिस अधिकारियों पर हत्‍या की कोशिश समेत कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था।

घटना के एक दिन बाद ही, आरएसएस ने सरकार को अल्‍टीमेटम दिया था कि वह पुलिस अधिकारियों को गिरफ्तार करे या प्रदर्शन के लिए तैयार रहे। पुलिस अधिकारियों का तर्क था कि उन्‍हें बलप्रयोग करना पड़ा क्‍योंकि यादव ने उसे गिरफ्तार करने गई टीम के साथ सहयोग करने से इनकार कर दिया था। पुलिस ने इस बात से इनकार किया कि उन्‍होंने यादव को टॉर्चर किया।

पुलिस थाने के अधिकारियों का न सिर्फ ट्रांसफर किया गया, बल्कि सरकार ने एसपी और रेंज आईजी का तबादला भी कर दिया था। पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई पर विरोध झेलने वाली सरकार ने फिर घटना की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया। एसआईटी ने पिछले साल अपनी रिपोर्ट दाखिल की मगर उसे कभी सार्वजनिक नहीं किया गया। रिपोर्ट के आधार पर, चार अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच शुरू हुई जिन्‍हें अब दोषी पाया गया है।

पुलिस मुख्‍यालय के सूत्रों के अनुसार, मंगलवार को एड‍िशनल एसपी शर्मा का इक्रीमेंट रोक दिया गया। हक को डिमोट करके सब-इंस्‍पेक्‍टर का रैंक दिया गया है। सब-इंस्‍पेक्‍टर अनिल अजमेरी और असिस्‍टेंट सब-इंस्‍पेक्‍टर सुरेश विजयवार को क्रमश एएसआई और कांस्‍टेबल पद पर डिमोट किया गया है।

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