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कश्मीरियों को ‘सही रास्ते पर’ लाने के लिए RSS की मुस्लिम विंग ने रखा यह कार्यक्रम

राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ (RSS) से मान्यता प्राप्त मुस्लिम राष्ट्रीय मंच (MRM) कश्मीर स्टूडेंट्स के लिए नई दिल्ली में एक कार्यक्रम करवाएगा।

राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ (RSS) के स्वंयसेवक। (प्रतीकात्मक तस्वीर)

राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ (RSS) से मान्यता प्राप्त मुस्लिम राष्ट्रीय मंच (MRM) कश्मीर स्टूडेंट्स के लिए नई दिल्ली में एक कार्यक्रम करवाएगा। शनिवार (7 जनवरी) को होने वाले उस कार्यक्रम का मकसद कश्मीर के युवा को राष्ट्रीय की मुख्यधारा से जोड़ना और देश निर्माण के लिए योगदान के लिए आगे लेकर सही रास्ते पर चलने के लिए तैयार करना बताया गया है। संगठन को उम्मीद है कि दिल्ली और आसपास के राज्यों में पढ़ रहे लगभग दो हजार कश्मीरी स्टूडेंट्स इस कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए आएंगे। कार्यक्रम के लिए गृहमंत्री राजनाथ सिंह, जम्मू कश्मीर के डिप्टी सीएम निर्मल सिंह को भी बुलाया गया है। लेकिन हैरानी की बात यह है कि इस कार्यक्रम के बारे में कश्मीर की सरकार को ही जानकारी नहीं है। कश्मीर में बीजेपी के गठबंधन वाली पीडीपी का कहना है कि उन्हें ऐसे किसी कार्यक्रम के बारे में जानकारी नहीं दी गई।

इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए जम्मू कश्मीर सरकार ने शिक्षा मंत्री नईम अख्तर ने ऐसे किसी कार्यक्रम की जानकारी होने से इंकार किया। वहीं MRM से लोगों से जब इस बारे में बात की गई तो उन्होंने कहा कि यह कोई सराकरी कार्यक्रम नहीं है इसलिए सरकार को बताना जरूरी नहीं समझा गया।

पीडीपी के एक सीनियर नेता ने कहा कि उन्हें इस बात की हैरानी है कि बिना कश्मीर की सरकार को भरोसे में लिए MRM कश्मीरी युवा को एकत्रित कैसे करेगा। एक्सप्रेस को जानकारी मिली है कि MRM और BJP के कार्यकर्ता दिल्ली, यूपी, हरियाणा और पंजाब की विभिन्न यूनीवर्सिटी में जाकर वहां पढ़ रहे कश्मीरी स्टूडेंट्स को आने के लिए न्योता दे रहे हैं।

अलगाववादी इसको समाज के टुकड़े करने वाला अभियान बता रहे हैं। श्रीनगर में रह रहे कुछ अलगाववादियों का मानना है कि RSS कश्मीर में अपनी धाक जमाने के लिए ऐसा कर रहा है। MRM नाम की संस्था 2012 में बनाई गई थी। इसको RSS के सीनियर नेता इंद्रेश कुमार ने बनाया था।

 

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