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लिव-इन में सबसे कम खुश रहती हैं महिलाएं, शादीशुदा सबसे ज्यादा खुश- आरएसएस से जुड़े संगठन का सर्वे

आरएसएस से जुड़े एक एनजीओ ने अपने सर्वे में दावा किया है कि भारत की शादीशुदा और आध्यात्मिक महिलाएं लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाली महिलाों के मुकाबले ज्यादा खुशहाल हैं।

इस तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रतीकात्मक रूप में किया गया है। (फोटो सोर्स: द इंडियन एक्सप्रेस)

‘राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ’ (RSS) से जुड़े एक एनजीओ ने व्यापक सर्वे के आधार पर दावा किया है कि देश में महिलाओं के भीतर खुशी का पैमाना पुरुषों के मुकाबले ज्यादा है। यहां तक कि तनावग्रस्त इलाकों में भी महिलाएं ज्यादा खुशहाल हैं। सर्वे में बताया गया है कि महिलाओं में खुशी का पैमाना पैसा नहीं है, बल्कि उम्र, शिक्षा और मैरिटल स्टेटस है। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत मंगलवार को इस सर्वे को रिलीज करेंगे। इसे ‘Status of women in India’ नाम दिया गया है।

महिलाओं पर किया गया यह सर्वेक्षण पुणे की एक स्वयंसेवी संस्था ‘धृष्टि स्त्री अध्ययन प्रबंधन केंद्र’ द्वारा किया गया है। यह संस्था महिलाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में काम करती है। ‘इकोनॉमिक्स टाइम्स’ ने इस मामले में संस्था की केंद्र सचिव अंजली देश पांडे के हवाले से बताया है कि 2017-18 के बीच देश के 29 राज्यं के 465 जिलों में रहने वालीं 43,255 महिलाओं पर अध्ययन किया गया। इसके साथ-साथ ही पांच राज्यों के 282 जिलों में रहने वालीं 7,675 लड़कियों पर भी अध्ययन किया गया। सर्वे के दौरान पाया गया कि जो महिलाएं शादी-शुदा हैं, वे ज्यादा खुश हैं। जबकि, लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाली महिलाएं कम खुश दिखाई दीं।

आरएसएस से संबंधित संस्था के सर्वे में पाया गया कि शादीशुदा महिलाओं की जिदंगी ज्यादा स्थाई और खुशहाल है। गौरतलब है कि संघ हमेशा से संयुक्त परिवार का पक्षधर रहा है और लिव-इन रिलेशनशिप को पाश्चात्य संस्कृति का प्रभाव मानता है। हालांकि, एनजीओ की राष्ट्रीय अध्यक्ष मनीषा कोटेकर ने ET से बातचीत में कहा है कि सर्वे में महिलाओं के शादीशुदा होना या नहीं होने पर आधारित नहीं है। उन्होंने बताया, “ये वही परिणाम हैं, जिन्हें हमने पाया है। हमने उन महिलाओं से बात की जिन्होंने खुद को लिव-इन रिलेशनशिप में होने की जानकारी दी। टाडा का फिर से विश्लेषण किया जाएगा और उसके बाद कोई नतीजा निकलेगा।” इस सर्वे में लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वालीं देश भर से सिर्फ 29 महिलाओं से बातचीत की गई है।

सर्वे में यह भी पाया गया है कि दो तिहाई तलाकशुदा और पति से अलग रहने वालीं या लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वालीं ज्यादातर महिलाएं नौकरीपेशे से जुड़ी हैं। अध्ययन में यह भी पाया गया है कि जिन्होंने दुनिया का मोह त्याग दिया है या पूरी तरह आध्यात्मिक हैं, वे ज्यादा खुश हैं। व्यक्ति या परिवार के आय का महिलाओं की खुशी से कोई लेना-देना नहीं है।

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